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कांग्रेस सरकार ने बिलासपुर रेलवे का 500 करोड़ अपनी ट्रेजरी में कराया ट्रांसफर :जमवाल
Sat, 01 Mar 2025 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 01 Mar 2025 11:53 PM IST
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- दिवालिया हो चुकी प्रदेश सरकार के फरमान से रेल लाइन योजना के काम में होगी देरी
- बिलासपुर और प्रदेश का विकास नहीं चाहती है प्रदेश सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कांग्रेस सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश की वित्तीय स्थिति नाजुक हो चुकी है। दिवालिया हो चुकी कांग्रेस सरकार के पास अब पैसा नहीं बचा है तो केंद्र की योजनाओं का पैसा अपनी ट्रेजरी में ट्रांसफर कराया जा रहा है। यह बात सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने शनिवार को बिलासपुर में हुई प्रेस वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने दो साल के कार्यकाल में ही 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण लिया है। इस साल ऋण लेने की सीमा समाप्त हो चुकी है तो अब प्रदेश सरकार ने विभिन्न खातों में जमा सारा पैसा स्टेट ट्रेजरी में मंगवा लिया है, जो प्रदेश की वित्तीय हालत को दर्शाता है। प्रदेश सरकार ने 14 फरवरी को पत्र निकाला, जिसके तहत सभी भूमि अधिग्रहण अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विभिन्न खातों में जमा पैसा स्टेट ट्रेजरी में जमा कराया जाए। 14 फरवरी को ही भूमि अधिग्रहण अधिकारियों की ओर से बैंकों को निर्देश दिए जाते हैं कि जो भी पैसा उनके पास सरकार का है, उसे प्रदेश ट्रेजरी में ट्रांसफर किया जाए। बैंकों पर इतना दबाव बनाया जाता है कि उन्हें उसी दिन पैसे को स्टेट ट्रेजरी में जमा कराना पड़ता है। बिलासपुर में चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट के खाते से ही करीब 500 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराया गया। उन्होंने कहा कि यह पैसा केंद्र सरकार ने रेल लाइन योजना में जमीन देने वाले किसानों और लोगों के लिए दिया है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस पैसे को अपने मित्रों खर्चों को पूरा करने के लिए स्टेट ट्रेजरी में ट्रांसफर करा दिया। दिवालिया हो चुकी सरकार के इस फरमान के कारण रेलवे के इस प्रोजेक्ट में देरी होगी और इसका बजट बड़ेगा। यह रेल लाइन सामरिक दृष्टि अति महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार अपने हित के लिए देश की सुरक्षा को भी दाव पर लगा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अब मंदिर न्यास के पैसों का भी ब्यौरा मांग रही है। बिलासपुर श्री नयनादेवी जी और बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास के पैसों का भी ब्यौरा मांगा गया है। यह कांग्रेस सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है। पैसों का वित्तीय कुप्रबंधन कर रही है। यह सरकार बिलासपुर और प्रदेश के विकास में अड़ंगा लगा रही है। उन्होंने आरोपों को साबित करने के लिए बैंकों से ट्रेजेरी में पैसे ट्रांसफर करने के दस्तावेज भी दिखाए। कहा कि यह सारा पैसा केंद्र ने रेल लाइन के लिए भेजा था। वहीं अब प्रदेश सरकार ने इसे खजाने में जमा करवा लिया है तो रेल लाइन के प्रभावितों को मुआवजा आवंटन कहां से किया जाएगा।
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- बिलासपुर और प्रदेश का विकास नहीं चाहती है प्रदेश सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कांग्रेस सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश की वित्तीय स्थिति नाजुक हो चुकी है। दिवालिया हो चुकी कांग्रेस सरकार के पास अब पैसा नहीं बचा है तो केंद्र की योजनाओं का पैसा अपनी ट्रेजरी में ट्रांसफर कराया जा रहा है। यह बात सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने शनिवार को बिलासपुर में हुई प्रेस वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने दो साल के कार्यकाल में ही 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण लिया है। इस साल ऋण लेने की सीमा समाप्त हो चुकी है तो अब प्रदेश सरकार ने विभिन्न खातों में जमा सारा पैसा स्टेट ट्रेजरी में मंगवा लिया है, जो प्रदेश की वित्तीय हालत को दर्शाता है। प्रदेश सरकार ने 14 फरवरी को पत्र निकाला, जिसके तहत सभी भूमि अधिग्रहण अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विभिन्न खातों में जमा पैसा स्टेट ट्रेजरी में जमा कराया जाए। 14 फरवरी को ही भूमि अधिग्रहण अधिकारियों की ओर से बैंकों को निर्देश दिए जाते हैं कि जो भी पैसा उनके पास सरकार का है, उसे प्रदेश ट्रेजरी में ट्रांसफर किया जाए। बैंकों पर इतना दबाव बनाया जाता है कि उन्हें उसी दिन पैसे को स्टेट ट्रेजरी में जमा कराना पड़ता है। बिलासपुर में चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट के खाते से ही करीब 500 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराया गया। उन्होंने कहा कि यह पैसा केंद्र सरकार ने रेल लाइन योजना में जमीन देने वाले किसानों और लोगों के लिए दिया है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस पैसे को अपने मित्रों खर्चों को पूरा करने के लिए स्टेट ट्रेजरी में ट्रांसफर करा दिया। दिवालिया हो चुकी सरकार के इस फरमान के कारण रेलवे के इस प्रोजेक्ट में देरी होगी और इसका बजट बड़ेगा। यह रेल लाइन सामरिक दृष्टि अति महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार अपने हित के लिए देश की सुरक्षा को भी दाव पर लगा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अब मंदिर न्यास के पैसों का भी ब्यौरा मांग रही है। बिलासपुर श्री नयनादेवी जी और बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास के पैसों का भी ब्यौरा मांगा गया है। यह कांग्रेस सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है। पैसों का वित्तीय कुप्रबंधन कर रही है। यह सरकार बिलासपुर और प्रदेश के विकास में अड़ंगा लगा रही है। उन्होंने आरोपों को साबित करने के लिए बैंकों से ट्रेजेरी में पैसे ट्रांसफर करने के दस्तावेज भी दिखाए। कहा कि यह सारा पैसा केंद्र ने रेल लाइन के लिए भेजा था। वहीं अब प्रदेश सरकार ने इसे खजाने में जमा करवा लिया है तो रेल लाइन के प्रभावितों को मुआवजा आवंटन कहां से किया जाएगा।
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