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Bilaspur News: फोरलेन पर होटल के पास मलवा फेंकने की पुष्टि, एक लाख जुर्माने की सिफारिश

Wed, 29 Oct 2025 11:15 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 29 Oct 2025 11:15 PM IST
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Confirmation of dumping of debris near the hotel on the four-lane, recommendation of a fine of Rs 1 lakh
एक्सक्लूसिव
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गाबर कंस्ट्रक्शन, तीन व्यक्तियों को भी रिमाइंडर नोटिस, सात दिन में रिपोर्ट न देने पर कार्रवाई
एनजीटी आदेशों के तहत पॉल्यूटर पे प्रिंसिपल लागू करने की तैयारी में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड
बोर्ड ने रिपोर्ट मुख्यालय व एनएचएआई मंडी को भेजी, जिला प्रशासन से की निरीक्षण की मांग
फोरलेन टनल, होटल के पास अवैध मलवा डंपिंग पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती

सरोज पाठक
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर कार्यालय ने जिले में फोरलेन टनल, निजी होटल और अन्य कई जगह की गई मलबे की अवैध डंपिंग पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। बोर्ड ने गाबर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, फोरलेन पर निजी होटल, तीन निजी व्यक्तियों को नोटिस जारी किया है। वहीं एनजीटी आदेशों के तहत पर्यावरणीय मुआवजा लगाने की भी अनुशंसा की है।
बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार फोरलेन पर धराड़सानी में निजी होटल के समीप मलबा डंप किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि मलबा फेंकने से पूर्व कोई सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए गए, जबकि बोर्ड ने इसके लिए 20 सितंबर 2025 को निर्देश जारी किए गए थे जिनका अनुपालन अब तक नहीं हुआ। क्षेत्रीय अधिकारी की ओर से मुख्यालय को भेजी अनुशंसा में कहा गया है कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के अनुसार एक लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया जाना उचित है। इसके अतिरिक्त बोर्ड ने गाबर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, पड़गल, कोठीपुरा और तुन्नू गांव के व्यक्ति को भी अवैध डंपिंग मामले में रिमाइंडर नोटिस जारी किया है। कहा है कि 1 अक्तूबर, 2025 को भेजे गए मूल पत्रों पर अभी तक कोई अनुपालन रिपोर्ट या फोटोग्राफ नहीं भेजे गए हैं।
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इस पर अब दोबारा चेतावनी पत्र किया जा रहा है। सात दिनों में रिपोर्ट देने का भी इन्हें निर्देश दिया गया है। साफ किया कि एनजीटी के अनुसार पॉल्यूटर पे प्रिंसिपल यानी प्रदूषक भुगतान सिद्धांत के तहत अवैज्ञानिक या अवैध मलवा फेंकने वालों पर एक लाख रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया जा सकता है। यदि सात दिनों के भीतर संरक्षण उपायों की रिपोर्ट और फोटोग्राफ प्रस्तुत नहीं किए गए, तो सख्त नियामक कार्रवाई करते हुए जुर्माना तुरंत लगाया जाएगा। जानकारी के अनुसार मलबा डंपिंग की शिकायत फोरलेन निर्माण के साथ कुछ निजी परियोजनाओं से भी जुड़ी हैं, जिनकी फील्ड रिपोर्ट मांगी गई है। क्षेत्रीय अधिकारी ने जिला प्रशासन को भी इस संबंध में जानकारी दी है, ताकि राजस्व और वन विभाग के अधिकारी स्थल निरीक्षण कर साक्ष्य जुटा सकें।
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इनसेट
मुख्यालय और एनएचएआई को भी भेजी सूचना
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस पूरे मामले की प्रतिलिपि मेंबर सेक्रेटरी, हिम पर्यावरण भवन, न्यू शिमला, को भेजी है, ताकि उच्च स्तर पर निगरानी और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। साथ ही परियोजना निदेशक, एनएचएआई मंडी को भी निर्देश भेजे गए हैं कि फोरलेन पर जगह-जगह की गई मलबा डंपिंग की रोकथाम के उपायों की अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें। संवाद
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