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धुंध की वजह से सर्दी और जुकाम की चपेट में आए नौनिहाल
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Thu, 29 Dec 2016 11:52 PM IST
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जिला अस्पताल में बच्चों का स्वास्थ्य जांचते डा. सतीश शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
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बिलासपुर। जला में लगातार बढ़ रही ठंड से नौनिहाल बीमार हो रहे हैं। शहर में लगातार पड़ रही धुंध से हर रोज सैकड़ों की संख्या में बच्चे उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसमें ज्यादातर मामले सर्दी और जुकाम के हैं। डॉक्टरों ने भी मौसम मे तल्ख तेवरों को देखते हुए परिजनों को बच्चों को धुंध से बचाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध के समय बच्चों को घरों से बाहर न आने दें। इसके साथ ही कोहरे की चपेट में आने से कई लोग चर्म रोग के भी शिकार हो रहे हैं।
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इससे स्किन ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बिलासपुर का ठंड का मौसम वैसे भी बेहद तकलीफदेह माना जाता है। इसकी वजह यह है कि बिलासपुर शहर सहित गोबिंद सागर झील किनारे बसे सभी गांवों में वर्तमान में धुंध का प्रकोप बढ़ने लगा है।
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ऐसे में यह खुश्क ठंड, खांसी, जुकाम और वायरल जैसी बीमारियों को जन्म दे रही है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर और सिविल अस्पताल घुमारवीं का रिकार्ड देखें तो पिछले सप्ताह भर से खांसी और वायरल फीवर की मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में प्रतिदिन 100 से 120 मरीज वायरल फीवर, खांसी और सांस की तकलीफ के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादा संख्या बुजुर्गों और बच्चों की है।
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क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के एसएमओ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश शर्मा का कहना है कि शुष्क ठंड के चलते वायरल और एलर्जी जैसी समस्याओं से पीड़ित लोगों की संख्या ओपीडी में बढ़ी है।
उनका वायरल फीवर, जुकाम इत्यादि संक्रामक रोग होते हैं, जो वातावरण के द्वारा भी फैलते हैं। इसको देखते हुए वायरल का शिकार व्यक्ति से हाथ मिलाने से सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं बहुत ठंडा पानी न पिएं इसके साथ ही एक दम से गर्म वातावरण से ठंडे वातावरण में न जाएं।
आयुर्वेदिक चिकित्सा डॉ. प्रवीण का कहना है कि शुष्क मौसम में बढ़ रही सर्दी से होने वाली बीमारियों से बचाव का सर्वोत्तम तरीका सुबह प्राणायाम करना और सुबह-शाम दोनों समय आयुर्वेदिक काढ़ा पीना है। दोनों ही कार्य शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाते हैं। उन्होंने भी माना कि इन दिनों अस्पताल में वायरल और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है।