फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   child died in hospital, protest of family member

बच्ची की मौत होने पर परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 01:27 AM IST
विज्ञापन
child died in hospital, protest of family member
बिलासपुर। रामपुर रोड स्थित एक अस्पताल में शुक्रवार की सुबह दो साल की बच्ची की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने व धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में पुलिस ने समझाकर हंगामा करने वालों को बिना कार्रवाई के ही उनके घर भेज दिया।
विज्ञापन

नगर के मोहल्ला संतनगर कॉलोनी निवासी राहुल कश्यप नगर में पकौड़ी का ठेला लगाते हैं। वह बृहस्पतिवार को दिल्ली गए थे। उनकी दो माह की पुत्री पीहू को बीते कई दिनों से बुखार था। बृहस्पतिवार को उनकी पत्नी रेखा देवी बच्ची को लेकर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पहुंची थी। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने पुत्री को हायर सेंटर रेफर कर दिया था, मगर उनकी पत्नी ने पुत्री को नगर में ही रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंची। आरोप है कि चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची को निमोनिया हो गया है और वह 24 घंटे में ठीक हो जाएगी, इसलिए उसे भर्ती करना पड़ेगा। उन्होंने बच्ची को भर्ती करा दिया। शुक्रवार की सुबह राहुल भी अस्पताल पहुंच गए। राहुल ने बताया कि उसने अस्पताल कर्मियों से बच्ची के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि चिकित्सक 10 बजे आएंगे। इसके बाद बच्ची की हालत के बारे में जानकारी दे सकेंगे। सुबह 10 बजे के बाद बताया गया कि वह बच्ची को हल्द्वानी के लिए रेफर कर रहे हैं। उसने जब बच्ची की हालत के बारे में जानकारी ली और बच्ची को देखा तो पता चला कि उसकी मृत्यु हो चुकी है। बच्ची की मृत्यु होने पर उसके होश उड़ गए। परिजन विलाप करते हुए हंगामा करने लगे। इसके बाद वह कोतवाली पहुंचे और मामले की सूचना कोतवाली प्रभारी संजय प्रताप सिंह को दी। परिजनों ने अस्पताल में चिकित्सकों पर लापरवाही व धोखा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी ने चिकित्सकों से बात की तो उन्होंने पुलिस को बताया कि वह बच्ची का मुफ्त में उपचार कर रहे थे और बच्ची की हालत में सुधार न होने पर उसे रेफर भी कर दिया था। मगर परिजन उसे हायर सेंटर लेकर नहीं गए। उन्होंने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए एक कागज पुलिस को दिखाया जिस पर परिजनों ने अपनी इस बात की सहमति दिखाई थी कि उपचार के दौरान अगर कोई भी अनहोनी होती है तो उसके जिम्मेदार अस्पताल कर्मी नहीं, बल्कि वह स्वयं जिम्मेदार होंगे। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर उनके घर भेज दिया। बाद में परिजन बच्ची के शव को लेकर अपने घर चले गए।
विज्ञापन

परिजनों ने दबाव बनाकर बिना कार्रवाई के उन्हें अस्पताल से भेजे जाने का आरोप भी लगाया। उक्त संदर्भ में कोतवाली प्रभारी का कहना है कि अस्पताल के चिकित्सक बच्ची का मुफ्त में इलाज कर रहे थे और उन्हें किसी ने भी नहीं धमकाया है, बल्कि समझाकर घर जाने को कहा गया था। फिर भी अगर परिजन चाहे तो वह तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। फिलहाल उनके पास कोई भी तहरीर नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed