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Bilaspur News: शिमला में हुआ चालान, मालिक का दावा बाइक कभी वहां गई ही नहीं
Wed, 19 Mar 2025 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 19 Mar 2025 11:53 PM IST
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- गतवाड़ का पंकज हो रहा मानसिक रूप से परेशान
- व्यक्ति ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। उपतहसील भराड़ी के गतवाड़ गांव निवासी पंकज राठौर एक अजीबोगरीब समस्या से जूझ रहे हैं। उन्हें बुधवार को पुलिस का फोन आया कि उनकी बाइक का चालान शिमला में किया गया है, जबकि पंकज का दावा है कि वे कभी बाइक लेकर शिमला गए ही नहीं। इस गलत चालान को लेकर युवक मानसिक रूप से परेशान हो गया है और पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहा है।
बुधवार को पंकज राठौर को एक फोन आया, जिसमें उन्हें बताया गया कि शिमला ट्रैफिक पुलिस ने उनकी बाइक का चालान किया है। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई कि वे कभी शिमला बाइक लेकर गए ही नहीं तो उन्हें चालान की कॉपी और संबंधित दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गए। जब उन्होंने दस्तावेजों को ध्यान से देखा तो पाया कि चालान पर उनकी बाइक का नंबर दर्ज है, लेकिन पता किसी और व्यक्ति का लिखा हुआ है। यह देखकर वह हैरान और परेशान हो गए कि आखिर उनकी गाड़ी का नंबर किसी और पते पर कैसे दर्ज हुआ और बिना किसी गलती के उन्हें इस चालान को क्यों भुगतना पड़ रहा है।
इस मामले में सबसे बड़ी मुश्किल तब आई जब पुलिस ने पंकज राठौर को शिमला आकर चालान निपटाने के लिए कहा गया। अब युवक यह सोचकर और अधिक तनाव में आ गया है कि आखिर वह किस गलती की सजा भुगते। पंकज राठौर का कहना है कि जब उनकी बाइक शिमला गई ही नहीं, तो चालान कैसे कट गया। क्या उनकी बाइक का नंबर किसी अन्य वाहन पर इस्तेमाल किया जा रहा है या फिर यह किसी प्रशासनिक गलती का नतीजा है। इस मामले को लेकर पंकज राठौर ने प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक गलती हुई है तो उसे तुरंत सुधारा जाए ताकि बेकसूर व्यक्ति को बिना किसी कारण परेशान न होना पड़े। इस घटना ने फर्जी नंबर प्लेट के इस्तेमाल या प्रशासनिक त्रुटि की आशंका को भी जन्म दिया है। यदि कोई अन्य व्यक्ति इसी नंबर की डुप्लीकेट प्लेट का इस्तेमाल कर रहा है तो यह एक गंभीर अपराध है।
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- व्यक्ति ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। उपतहसील भराड़ी के गतवाड़ गांव निवासी पंकज राठौर एक अजीबोगरीब समस्या से जूझ रहे हैं। उन्हें बुधवार को पुलिस का फोन आया कि उनकी बाइक का चालान शिमला में किया गया है, जबकि पंकज का दावा है कि वे कभी बाइक लेकर शिमला गए ही नहीं। इस गलत चालान को लेकर युवक मानसिक रूप से परेशान हो गया है और पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहा है।
बुधवार को पंकज राठौर को एक फोन आया, जिसमें उन्हें बताया गया कि शिमला ट्रैफिक पुलिस ने उनकी बाइक का चालान किया है। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई कि वे कभी शिमला बाइक लेकर गए ही नहीं तो उन्हें चालान की कॉपी और संबंधित दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गए। जब उन्होंने दस्तावेजों को ध्यान से देखा तो पाया कि चालान पर उनकी बाइक का नंबर दर्ज है, लेकिन पता किसी और व्यक्ति का लिखा हुआ है। यह देखकर वह हैरान और परेशान हो गए कि आखिर उनकी गाड़ी का नंबर किसी और पते पर कैसे दर्ज हुआ और बिना किसी गलती के उन्हें इस चालान को क्यों भुगतना पड़ रहा है।
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इस मामले में सबसे बड़ी मुश्किल तब आई जब पुलिस ने पंकज राठौर को शिमला आकर चालान निपटाने के लिए कहा गया। अब युवक यह सोचकर और अधिक तनाव में आ गया है कि आखिर वह किस गलती की सजा भुगते। पंकज राठौर का कहना है कि जब उनकी बाइक शिमला गई ही नहीं, तो चालान कैसे कट गया। क्या उनकी बाइक का नंबर किसी अन्य वाहन पर इस्तेमाल किया जा रहा है या फिर यह किसी प्रशासनिक गलती का नतीजा है। इस मामले को लेकर पंकज राठौर ने प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक गलती हुई है तो उसे तुरंत सुधारा जाए ताकि बेकसूर व्यक्ति को बिना किसी कारण परेशान न होना पड़े। इस घटना ने फर्जी नंबर प्लेट के इस्तेमाल या प्रशासनिक त्रुटि की आशंका को भी जन्म दिया है। यदि कोई अन्य व्यक्ति इसी नंबर की डुप्लीकेट प्लेट का इस्तेमाल कर रहा है तो यह एक गंभीर अपराध है।
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