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केंद्र ने हिमाचल की मदद करने में नहीं छोड़ी कोई कसर : त्रिलोक
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता में आए एक साल बीतने को है। प्रदेश सरकार इस अवधि में केंद्र से विभिन्न योजनाओं और मदों के तहत आ रहे पैसे से अपनी घोषणाओं की गाड़ी चला रही है, लेकिन सार्वजनिक तौर पर यही रोना रोया जा रहा है कि केंद्र से कुछ नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल की मदद करने में कभी भी कोई कसर नहीं छोड़ी। आपदा के समय 1200 करोड़ रुपये देने के साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 2700 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11 हजार घर स्वीकृत किए गए। इसके अलावा विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए अलग से पैसा दिया जा रहा है। हिमाचल में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र से एक टीम भी आई थी। उस टीम की रिपोर्ट के आधार पर हिमाचल का पैसा जल्द ही उसके खाते में आ जाएगा। इसके बावजूद मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के उनके सहयोगी और कांग्रेस के विधायक व अन्य नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए केंद्र पर हिमाचल की अनदेखी के झूठे आरोप लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। संविधान दिवस पर हमीरपुर में आयोजित कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री पुराना राग ही अलाप गए। चुनाव के समय दी गई 10 गारंटियों पर बात करने के बजाए वह अगले 10 वर्षों में हिमाचल को समृद्ध राज्य बनाने का सब्जबाग दिखाकर चले गए। ऐसा करके वह अपनी सरकार की नाकामियां नहीं छिपा पाएंगे।
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बिलासपुर। सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता में आए एक साल बीतने को है। प्रदेश सरकार इस अवधि में केंद्र से विभिन्न योजनाओं और मदों के तहत आ रहे पैसे से अपनी घोषणाओं की गाड़ी चला रही है, लेकिन सार्वजनिक तौर पर यही रोना रोया जा रहा है कि केंद्र से कुछ नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल की मदद करने में कभी भी कोई कसर नहीं छोड़ी। आपदा के समय 1200 करोड़ रुपये देने के साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 2700 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11 हजार घर स्वीकृत किए गए। इसके अलावा विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए अलग से पैसा दिया जा रहा है। हिमाचल में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र से एक टीम भी आई थी। उस टीम की रिपोर्ट के आधार पर हिमाचल का पैसा जल्द ही उसके खाते में आ जाएगा। इसके बावजूद मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के उनके सहयोगी और कांग्रेस के विधायक व अन्य नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए केंद्र पर हिमाचल की अनदेखी के झूठे आरोप लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। संविधान दिवस पर हमीरपुर में आयोजित कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री पुराना राग ही अलाप गए। चुनाव के समय दी गई 10 गारंटियों पर बात करने के बजाए वह अगले 10 वर्षों में हिमाचल को समृद्ध राज्य बनाने का सब्जबाग दिखाकर चले गए। ऐसा करके वह अपनी सरकार की नाकामियां नहीं छिपा पाएंगे।
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