{"_id":"5f550e9a8ebc3e439e54e91b","slug":"black-out-bilaspur-news-sml34423794","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिलासपुर में सत्रह घंटे गुल रही बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिलासपुर में सत्रह घंटे गुल रही बिजली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। सदर विस क्षेत्र के हजारों लोगों को शनिवार पूरा दिन और रात करीब 17 घंटे बिना बिजली के काटने पड़े। शनिवार सुबह करीब 11 बजे गुल हुई बिजली रविवार सुबह पांच बजे बहाल हो पाई। रविवार को 11 बजे फिर से बिजली का कट लग गया। विभाग इसका कारण सब स्टेशन जबली के कंट्रोल रूम में फॉल्ट बता रहा है।
हैरानी की बात है कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी 17 घंटों के बाद भी फॉल्ट ढूंढ कर बिजली बहाल करने में सक्षम नहीं हो पाए। इससे बोर्ड के लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे खोखले साबित हुए। बताते चलें कि बिलासपुर शहर के साथ, सदर विस क्षेत्र के कल्लर, ब्रहमपुखर, कोठीपुरा, नौणी सहित सब स्टेशन जबली के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में शनिवार को करीब 11 बजे बिजली गुल हो गई। लोगों को लगा कि कुछ देर में बिजली बोर्ड समस्या को सुलझा देगा। बोर्ड के कर्मचारी भी काम पर जुटे रहे।
17 घंटे बिजली गुल होने से लोगों को भयंकर गर्मी से परेशान होना पड़ा। स्कूल की ऑनलाइन कक्षाएं लगाने वाले बच्चों को भी बिजली न होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली बोर्ड के कर्मचारी 17 घंटे लगातार सब स्टेशन जबली में फॉल्ट ढूंढते रहे। तब जाकर रविवार सुबह पांच बजे बिजली की सप्लाई चालू हुई। इसके बाद सुबह 11 बजे के करीब फिर से कट लग गया।
विज्ञापन
शहरवासी नंद लाल, दीपक पाटिल, रामपाल, राजकुमार, सुरेंद्र सोनी, तिजेंद्र चंदेल और अजय का कहना है कि भाषणों में चाहे सरकार कितने दावे करे कि वो आधुनिक उपकरणों के साथ लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवा रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर हाल यह है कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी उपकरणों के अभाव में जान पर खेलकर दिन-रात काम करने को मजबूर हैं। तब जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर पाते हैं। बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता मोहन सिंह ने बताया कि बोर्ड के कर्मचारी रात भर काम पर जुटे रहे। तब जाकर फॉल्ट पता लगा। सुबह बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
विज्ञापन
हैरानी की बात है कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी 17 घंटों के बाद भी फॉल्ट ढूंढ कर बिजली बहाल करने में सक्षम नहीं हो पाए। इससे बोर्ड के लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे खोखले साबित हुए। बताते चलें कि बिलासपुर शहर के साथ, सदर विस क्षेत्र के कल्लर, ब्रहमपुखर, कोठीपुरा, नौणी सहित सब स्टेशन जबली के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में शनिवार को करीब 11 बजे बिजली गुल हो गई। लोगों को लगा कि कुछ देर में बिजली बोर्ड समस्या को सुलझा देगा। बोर्ड के कर्मचारी भी काम पर जुटे रहे।
विज्ञापन
17 घंटे बिजली गुल होने से लोगों को भयंकर गर्मी से परेशान होना पड़ा। स्कूल की ऑनलाइन कक्षाएं लगाने वाले बच्चों को भी बिजली न होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली बोर्ड के कर्मचारी 17 घंटे लगातार सब स्टेशन जबली में फॉल्ट ढूंढते रहे। तब जाकर रविवार सुबह पांच बजे बिजली की सप्लाई चालू हुई। इसके बाद सुबह 11 बजे के करीब फिर से कट लग गया।
विज्ञापन
शहरवासी नंद लाल, दीपक पाटिल, रामपाल, राजकुमार, सुरेंद्र सोनी, तिजेंद्र चंदेल और अजय का कहना है कि भाषणों में चाहे सरकार कितने दावे करे कि वो आधुनिक उपकरणों के साथ लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवा रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर हाल यह है कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी उपकरणों के अभाव में जान पर खेलकर दिन-रात काम करने को मजबूर हैं। तब जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर पाते हैं। बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता मोहन सिंह ने बताया कि बोर्ड के कर्मचारी रात भर काम पर जुटे रहे। तब जाकर फॉल्ट पता लगा। सुबह बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।