{"_id":"67ed37d1ef67f747fe052759","slug":"bjp-took-out-a-candle-march-in-bilaspur-on-the-suspicious-death-of-vimal-negi-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-134704-2025-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: विमल नेगी की संदिग्ध मौत पर भाजपा ने बिलासपुर में निकाला कैंडल मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: विमल नेगी की संदिग्ध मौत पर भाजपा ने बिलासपुर में निकाला कैंडल मार्च
Wed, 02 Apr 2025 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 02 Apr 2025 11:41 PM IST
विज्ञापन
बिलासपुर में विमल नेगी की संदिग्ध मौत पर कैंडल मार्च निकालते भाजपा कार्यकर्ता । संवाद
-आरोप, मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाए भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल रही सरकार
- सीबीआई से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले को लेकर बुधवार को भाजपा ने बिलासपुर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। इसके तहत गुरुद्वारा चौक से चंपा पार्क चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। भाजपा का आरोप है कि सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाए भ्रष्टाचार पर पर्दा डाले रखने के मकसद से विमल नेगी के परिजनों पर दबाव बना रही है।
भाजपा ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से पावर काॅरपोरेशन विवादों में रहा है। विमल नेगी गत 10 मार्च को लापता हुए थे। उसी दिन पेखुबेला सोलर प्रोजेक्ट को लेकर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक प्रस्तावित थी। सुनने में आ रहा है कि नेगी के गायब होने से पहले उनसे उक्त प्रोजेक्ट की कुछ फाइलों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए थे। इस प्रोजेक्ट में 100 करोड़ रुपये से अधिक धांधली के आरोप हैं। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने के साथ ही परिजनों ने पावर कॉरपोरेशन के तीन अधिकारियों हरिकेश मीणा, देशराज व शिवम प्रताप सिंह पर उनसे गलत काम करवाने के लिए उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। 18 मार्च को उनका शव गोविंद सागर झील से बरामद हुआ था और उसके अगले ही दिन एम्स बिलासपुर में पावर कॉरपोरेशन और विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों ने उक्त अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उसी दिन देर शाम परिजनों ने शिमला में प्रदर्शन किया था। परिजनों ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इसे अनसुना कर दिया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि एक आरोपी निदेशक की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई। परिजनों का आरोप है कि उक्त निदेशक समेत अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि सरकार इस मामले को रफा-दफा करना चाहती है। भाजपा ऐसा नहीं होने देगी। बेहतर होगा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। कैंडल मार्च में पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग, जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्ण लाल चंदेल, पूर्व अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान तथा स्वदेश ठाकुर, हंसराज ठाकुर, पवन ठाकुर, नंदलाल ठाकुर, पुरुषोत्तम शर्मा, दिनेश चंदेल, संतोष जोशी, नीना कौशल, भुवनेश्वरी लुंबा, नरेश कुमारी व अतुलपाल दास समेत कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
- सीबीआई से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले को लेकर बुधवार को भाजपा ने बिलासपुर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। इसके तहत गुरुद्वारा चौक से चंपा पार्क चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। भाजपा का आरोप है कि सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाए भ्रष्टाचार पर पर्दा डाले रखने के मकसद से विमल नेगी के परिजनों पर दबाव बना रही है।
भाजपा ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से पावर काॅरपोरेशन विवादों में रहा है। विमल नेगी गत 10 मार्च को लापता हुए थे। उसी दिन पेखुबेला सोलर प्रोजेक्ट को लेकर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक प्रस्तावित थी। सुनने में आ रहा है कि नेगी के गायब होने से पहले उनसे उक्त प्रोजेक्ट की कुछ फाइलों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए थे। इस प्रोजेक्ट में 100 करोड़ रुपये से अधिक धांधली के आरोप हैं। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने के साथ ही परिजनों ने पावर कॉरपोरेशन के तीन अधिकारियों हरिकेश मीणा, देशराज व शिवम प्रताप सिंह पर उनसे गलत काम करवाने के लिए उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। 18 मार्च को उनका शव गोविंद सागर झील से बरामद हुआ था और उसके अगले ही दिन एम्स बिलासपुर में पावर कॉरपोरेशन और विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों ने उक्त अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उसी दिन देर शाम परिजनों ने शिमला में प्रदर्शन किया था। परिजनों ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इसे अनसुना कर दिया।
विज्ञापन
भाजपा नेताओं ने कहा कि एक आरोपी निदेशक की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई। परिजनों का आरोप है कि उक्त निदेशक समेत अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि सरकार इस मामले को रफा-दफा करना चाहती है। भाजपा ऐसा नहीं होने देगी। बेहतर होगा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। कैंडल मार्च में पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग, जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्ण लाल चंदेल, पूर्व अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान तथा स्वदेश ठाकुर, हंसराज ठाकुर, पवन ठाकुर, नंदलाल ठाकुर, पुरुषोत्तम शर्मा, दिनेश चंदेल, संतोष जोशी, नीना कौशल, भुवनेश्वरी लुंबा, नरेश कुमारी व अतुलपाल दास समेत कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
विज्ञापन