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Bilaspur News: श्री नयनादेवी जी में 20 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Sun, 14 Jul 2024 11:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 14 Jul 2024 11:01 PM IST
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बिलासपुर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन उपस्थित श्रद्धालु। सं
नवरात्र के 9वें दिन प्रदेश के अलावा बाहरी राज्यों से भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में गुप्त नवरात्र के 9वें दिन 20 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और हवन-यज्ञ के साथ पूजन भी किया। साथ ही घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। रविवार को छुट्टी के दिन पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु दर्शनों के लिए मां के दरबार में पहुंचे। इस मौके के लिए मंदिर न्यास की ओर से भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए। मंदिर के कपाट सुबह 4:00 बजे खोल दिए गए थे। बारिश और धूप से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए मंदिर परिसर में टेंट लगाया गया था। पुजारी दीपक भूषण ने बताया की वर्ष भर में गुप्त नवरात्रि आषाढ़ मास और माघ मास के मनाए जाते हैं। जबकि दो नवरात्रि चैत्र और अश्विन मास में मनाया जाते हैं। गुप्त नवरात्रि में तंत्र पूजा का विशेष महत्व हैं जो भी श्रद्धालु पूजा और हवन यज्ञ करता है, उसकी माता रानी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में गुप्त नवरात्र के 9वें दिन 20 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और हवन-यज्ञ के साथ पूजन भी किया। साथ ही घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। रविवार को छुट्टी के दिन पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु दर्शनों के लिए मां के दरबार में पहुंचे। इस मौके के लिए मंदिर न्यास की ओर से भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए। मंदिर के कपाट सुबह 4:00 बजे खोल दिए गए थे। बारिश और धूप से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए मंदिर परिसर में टेंट लगाया गया था। पुजारी दीपक भूषण ने बताया की वर्ष भर में गुप्त नवरात्रि आषाढ़ मास और माघ मास के मनाए जाते हैं। जबकि दो नवरात्रि चैत्र और अश्विन मास में मनाया जाते हैं। गुप्त नवरात्रि में तंत्र पूजा का विशेष महत्व हैं जो भी श्रद्धालु पूजा और हवन यज्ञ करता है, उसकी माता रानी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।