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Bilaspur News: बिलासपुर जिले को मिले 13 विशेषज्ञ डॉक्टर, मरीजों का मर्ज होगा कम
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क्षेत्रीय अस्पताल में पांच, घुमारवीं में चार, घवांडल में तीन और झंडूता में एक विशेषज्ञ की तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ी राहत मिली है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के आदेश के तहत जिले के चार स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 13 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर को पांच, नागरिक अस्पताल घुमारवीं को चार, नागरिक अस्पताल घवांडल को तीन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता को एक विशेषज्ञ डॉक्टर मिला है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से मरीजों को उपचार और जांच के लिए जिला मुख्यालय या अन्य बड़े अस्पतालों का रुख कम करना पड़ेगा। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. लक्षिता, रेडियो-डायग्नोसिस विशेषज्ञ डॉ. सुमति शर्मा, सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार, माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मयंक शर्मा और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि कांत की नियुक्ति हुई है। जिला अस्पताल में लंबे समय से एमडी मेडिसिन का पद खाली था। रेडियोलॉजी विशेषज्ञ की कमी के कारण भी मरीजों को जांच के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी। अब दोनों महत्वपूर्ण विशेषज्ञताओं में डॉक्टर मिलने से अस्पताल की सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। नागरिक अस्पताल घुमारवीं में मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. तनू यादव, पैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. शैलज दरोच, रेडियो-डायग्नोसिस विशेषज्ञ डॉ. साहिल शर्मा और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निशांत ढटवालिया की नियुक्ति हुई है। अस्पताल में रेडियोलॉजी विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड और अन्य रेडियोलॉजी जांच के लिए परेशानी होती थी। अब स्थानीय स्तर पर इन सेवाओं के उपलब्ध होने की उम्मीद है। नागरिक अस्पताल घवांडल में सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. ममता कुमारी, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. चित्रांगदा और नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. रिया गर्ग की तैनाती हुई है। इससे सर्जरी, बच्चों के उपचार और ईएनटी से जुड़ी सेवाओं को मजबूती मिलेगी। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ईशा राणा की नियुक्ति की गई है। इससे क्षेत्र की महिलाओं को स्त्री रोग संबंधी उपचार के लिए जिला मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी।
छह प्रमुख सेवाओं में मिलेगी विशेषज्ञ सुविधा
जिले के चार स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से मेडिसिन, रेडियो-डायग्नोसिस, सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री रोग और ईएनटी समेत कई सेवाओं को लाभ मिलेगा। गंभीर और जटिल मामलों को छोड़कर सामान्य उपचार और कई जरूरी जांच सुविधाएं अब स्थानीय अस्पतालों में ही उपलब्ध होने की उम्मीद है।
कोट
जिला अस्पताल में एमडी मेडिसिन और रेडियोलॉजी विशेषज्ञ की कमी थी। घुमारवीं में भी रेडियोलॉजी विशेषज्ञ नहीं था। जिले को मिले 13 विशेषज्ञ डॉक्टरों से इन कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। सरकार का प्रयास है कि लोगों को उनके नजदीकी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों और विशेषज्ञ उपचार के लिए उन्हें दूर न जाना पड़े।
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-राजेश धर्माणी,तकनीकी शिक्षा मंत्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ी राहत मिली है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के आदेश के तहत जिले के चार स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 13 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर को पांच, नागरिक अस्पताल घुमारवीं को चार, नागरिक अस्पताल घवांडल को तीन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता को एक विशेषज्ञ डॉक्टर मिला है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से मरीजों को उपचार और जांच के लिए जिला मुख्यालय या अन्य बड़े अस्पतालों का रुख कम करना पड़ेगा। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. लक्षिता, रेडियो-डायग्नोसिस विशेषज्ञ डॉ. सुमति शर्मा, सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार, माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मयंक शर्मा और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि कांत की नियुक्ति हुई है। जिला अस्पताल में लंबे समय से एमडी मेडिसिन का पद खाली था। रेडियोलॉजी विशेषज्ञ की कमी के कारण भी मरीजों को जांच के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी। अब दोनों महत्वपूर्ण विशेषज्ञताओं में डॉक्टर मिलने से अस्पताल की सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। नागरिक अस्पताल घुमारवीं में मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. तनू यादव, पैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. शैलज दरोच, रेडियो-डायग्नोसिस विशेषज्ञ डॉ. साहिल शर्मा और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निशांत ढटवालिया की नियुक्ति हुई है। अस्पताल में रेडियोलॉजी विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड और अन्य रेडियोलॉजी जांच के लिए परेशानी होती थी। अब स्थानीय स्तर पर इन सेवाओं के उपलब्ध होने की उम्मीद है। नागरिक अस्पताल घवांडल में सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. ममता कुमारी, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. चित्रांगदा और नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. रिया गर्ग की तैनाती हुई है। इससे सर्जरी, बच्चों के उपचार और ईएनटी से जुड़ी सेवाओं को मजबूती मिलेगी। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ईशा राणा की नियुक्ति की गई है। इससे क्षेत्र की महिलाओं को स्त्री रोग संबंधी उपचार के लिए जिला मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी।
छह प्रमुख सेवाओं में मिलेगी विशेषज्ञ सुविधा
जिले के चार स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से मेडिसिन, रेडियो-डायग्नोसिस, सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री रोग और ईएनटी समेत कई सेवाओं को लाभ मिलेगा। गंभीर और जटिल मामलों को छोड़कर सामान्य उपचार और कई जरूरी जांच सुविधाएं अब स्थानीय अस्पतालों में ही उपलब्ध होने की उम्मीद है।
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कोट
जिला अस्पताल में एमडी मेडिसिन और रेडियोलॉजी विशेषज्ञ की कमी थी। घुमारवीं में भी रेडियोलॉजी विशेषज्ञ नहीं था। जिले को मिले 13 विशेषज्ञ डॉक्टरों से इन कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। सरकार का प्रयास है कि लोगों को उनके नजदीकी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों और विशेषज्ञ उपचार के लिए उन्हें दूर न जाना पड़े।
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-राजेश धर्माणी,तकनीकी शिक्षा मंत्री