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Bilaspur News: भाखड़ा विस्थापितों को 65 वर्ष से हक का इंतजार, सांसद को साैंपा मांगपत्र

Sat, 19 Sep 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:58 PM IST
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Bhakra oustees await their rights for 65 years; submit memorandum of demands to MP.
बिलासपुर में सांसद अनुराग ठाकुर को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित समिति के सदस्य। स्रोत
जमीन का मालिकाना हक और मूलभूत सुविधाएं देने के साथ बिजली-पानी कनेक्शन बहाल करने का किया आग्रह
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पुलों के निर्माण, रोजगार में प्राथमिकता और बिजली रॉयल्टी का 25 प्रतिशत विकास पर खर्च करने की मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति के अध्यक्ष देश राज शर्मा की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने सांसद अनुराग सिंह ठाकुर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने भाखड़ा विस्थापितों की विभिन्न मांगों को लेकर सांसद को मांगपत्र सौंपा और समस्याओं को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से उठाकर समाधान करवाने का आग्रह किया।

समिति ने कहा कि भाखड़ा विस्थापित पिछले 65 वर्षों से अपनी मांगों को सरकारों के समक्ष उठाते आ रहे हैं, लेकिन आज तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। कई विस्थापित परिवार अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। समिति ने भाखड़ा विस्थापित बहुल क्षेत्रों का बंदोबस्त करवाकर कब्जे वाली भूमि का मालिकाना हक देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने काटे गए बिजली और पानी के कनेक्शन बहाल करने के साथ विस्थापित परिवारों को बिजली और पेयजल की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। गोविंद सागर झील से पीने और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने की मांग भी रखी गई। मांगपत्र में बीबीएमबी और अन्य सरकारी सेवाओं में विस्थापित परिवारों के बच्चों को उचित आरक्षण और प्राथमिकता देने की मांग की गई। परियोजना से उत्पादित बिजली की रॉयल्टी का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा विस्थापित क्षेत्रों के विकास पर खर्च करने तथा लंबित प्लॉट और भूमि आवंटन जल्द पूरा करने की मांग भी उठाई गई। समिति ने झील क्षेत्र में आवागमन और विकास के लिए बैरी-दड़ोला-लुहणू, ज्योरीपत्तन, बवखाल, बुखर-कोसरियां, गाह-चलैला और डेहण-नारल पुलों का निर्माण जल्द करवाने की मांग की। इसके अलावा गोविंद सागर झील क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और स्थानीय विस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया। वन भूमि पर बसे परिवारों को वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत आवास, कृषि भूमि और पशुशालाओं के लिए अधिकार-पट्टे देने की मांग भी मांगपत्र में शामिल रही। इस अवसर पर समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलदेव ठाकुर, महासचिव श्रीराम चौहान, गरजा राम, बामटा पंचायत के उप प्रधान विक्रम ठाकुर, सुखदेव चंदेल, कृष्ण सिंह और सतीश कुमार मौजूद रहे।
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