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Bilaspur News: शोभायात्रा के साथ गुग्गा मंदिर मोहड़ा में भागवत कथा शुरू
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बिलासपुर के गुग्गा मंदिर मोहड़ा में आयोजित भागवत कथा के शुभारंभ पर शोभायात्रा निकालते श्रद्धालु
लोगों को कृष्ण जन्म से लेकर महाप्रयाण तक सुनाई कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। गुग्गा मंदिर मोहड़ा में भागवत कथा का शुभारंभ शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा के आरंभ में पंडित अंकुश शर्मा ने भगवान श्री कृष्ण की महिमा का वर्णन किया।
उन्होंने श्रोताओं को भगवान कृष्ण की कथा के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भागवत कथा भगवान कृष्ण की जीवनी है, जिसमें उनके जन्म से लेकर उनके महाप्रयाण तक की कथा बताई गई है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की कथा हमें सिखाती है कि जीवन में सच्चाई, न्याय और प्रेम का क्या महत्व है। उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म, उनकी बाल लीलाएं, उनकी प्रेम कहानी और उनकी महाप्रयाण के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि प्रभु की कथा श्रवण करने के लिए भगवान भोलेनाथ ऋषि अगस्त्य जी के आश्रम में जाते हैं और प्रभु की पावन पुनीत कथा को श्रवण कर धन्य हो जाते हैं। गरुड़ जी भी जब भगवान राम और लक्ष्मण को नागपाश में बंदा देखते हैं तो उनके मन में संशय उत्पन्न हो जाते हैं। फिर वे हनुमान के कहने पर भोलेनाथ के पास जाते हैं और प्रभु की कथा को श्रवण करते हैं। उसके बाद प्रभु की कथा को श्रवण कर उनके मन के सारे संशय दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान की कथा को श्रवण कर अपने जीवन में चरितार्थ करते हैं उसका जीवन धन्य हो जाता है। पंडित ने श्रोताओं को कथा से प्रेरणा प्राप्त करने और अपने जीवन में सच्चाई, न्याय और प्रेम को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मंदिर कमेटी प्रधान विक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि लोगों से सहयोग से इस कथा का आयोजन हर साल किया जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। गुग्गा मंदिर मोहड़ा में भागवत कथा का शुभारंभ शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा के आरंभ में पंडित अंकुश शर्मा ने भगवान श्री कृष्ण की महिमा का वर्णन किया।
उन्होंने श्रोताओं को भगवान कृष्ण की कथा के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भागवत कथा भगवान कृष्ण की जीवनी है, जिसमें उनके जन्म से लेकर उनके महाप्रयाण तक की कथा बताई गई है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की कथा हमें सिखाती है कि जीवन में सच्चाई, न्याय और प्रेम का क्या महत्व है। उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म, उनकी बाल लीलाएं, उनकी प्रेम कहानी और उनकी महाप्रयाण के बारे में बताया।
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उन्होंने कहा कि प्रभु की कथा श्रवण करने के लिए भगवान भोलेनाथ ऋषि अगस्त्य जी के आश्रम में जाते हैं और प्रभु की पावन पुनीत कथा को श्रवण कर धन्य हो जाते हैं। गरुड़ जी भी जब भगवान राम और लक्ष्मण को नागपाश में बंदा देखते हैं तो उनके मन में संशय उत्पन्न हो जाते हैं। फिर वे हनुमान के कहने पर भोलेनाथ के पास जाते हैं और प्रभु की कथा को श्रवण करते हैं। उसके बाद प्रभु की कथा को श्रवण कर उनके मन के सारे संशय दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान की कथा को श्रवण कर अपने जीवन में चरितार्थ करते हैं उसका जीवन धन्य हो जाता है। पंडित ने श्रोताओं को कथा से प्रेरणा प्राप्त करने और अपने जीवन में सच्चाई, न्याय और प्रेम को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मंदिर कमेटी प्रधान विक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि लोगों से सहयोग से इस कथा का आयोजन हर साल किया जाता है।
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