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Bilaspur News: बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने इस्तीफे लिए वापस
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- श्री नयना देवी जी पंचायत समिति पर भाजपा का कब्जा बरकरार
-अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद भी दोनों पदाधिकारियों ने बचाई कुर्सी
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। पंचायत समिति नयना देवी के बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपने इस्तीफे वापस ले लिए हैं। इसके साथ ही पंचायत समिति नयना देवी की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपनी कुर्सी बचा ली है। यह दोनों भाजपा समर्थित हैं।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष ने उपायुक्त कार्यालय से तय समय अवधि पूरी होने से पहले अपने इस्तीफे वापस लिए हैं। इसके चलते इन दोनों के इस्तीफे अब नामंजूर माने जाएंगे। इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय की तरफ से विकास खंड कार्यालय नयना देवी, निदेशक पंचायती राज शिमला को भी अवगत करवा दिया गया है। पंचायत समिति नयना देवी के कुल 15 सदस्यों में से 9 सदस्यों ने बीडीसी अध्यक्ष किरण शर्मा, उपाध्यक्ष विजय कुमार की कार्यशैली से नाराज होकर 13 सितंबर को विकास खंड अधिकारी स्वारघाट को इन दोनों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय बिलासपुर के दिशा-निर्देश पर नयना देवी पंचायत समिति के सभी 15 पंचायत समिति सदस्यों को 19 सितंबर को नोटिस भेज कर 27 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक में चर्चा के लिए बीडीओ कार्यालय स्वारघाट के सभागार में बुलाया था, लेकिन 27 सितंबर की बैठक में कोई भी पंचायत समिति सदस्य हाजिर नहीं हुआ। इस कारण इस बैठक को रद कर दिया गया था।
अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद किरण कुमारी, विजय कुमार ने उपायुक्त को अपना इस्तीफा भेजा था। इस्तीफे मंजूर करने के लिए 20 दिन की समय सीमा का प्रावधान होता है, लेकिन इस अवधि के पूरा होने से पहले ही अब दोनों ने इस्तीफे वापस ले लिए हैं। इसके साथ ही पंचायत समिति नयना देवी में चल रहा शह और मात का खेल भी खत्म हो गया है। अब इसके बाद दो साल तक किसी भी पंचायत समिति सदस्य द्वारा अविश्वास प्रस्ताव नहीं रखा जा सकेगा। जिला पंचायत अधिकारी बिलासपुर तिलक राज ने कहा कि उपायुक्त बिलासपुर कार्यालय से दोनों ने अपने इस्तीफे वापस लेकर अपनी कुर्सी बचा ली है।
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-अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद भी दोनों पदाधिकारियों ने बचाई कुर्सी
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। पंचायत समिति नयना देवी के बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपने इस्तीफे वापस ले लिए हैं। इसके साथ ही पंचायत समिति नयना देवी की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपनी कुर्सी बचा ली है। यह दोनों भाजपा समर्थित हैं।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष ने उपायुक्त कार्यालय से तय समय अवधि पूरी होने से पहले अपने इस्तीफे वापस लिए हैं। इसके चलते इन दोनों के इस्तीफे अब नामंजूर माने जाएंगे। इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय की तरफ से विकास खंड कार्यालय नयना देवी, निदेशक पंचायती राज शिमला को भी अवगत करवा दिया गया है। पंचायत समिति नयना देवी के कुल 15 सदस्यों में से 9 सदस्यों ने बीडीसी अध्यक्ष किरण शर्मा, उपाध्यक्ष विजय कुमार की कार्यशैली से नाराज होकर 13 सितंबर को विकास खंड अधिकारी स्वारघाट को इन दोनों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय बिलासपुर के दिशा-निर्देश पर नयना देवी पंचायत समिति के सभी 15 पंचायत समिति सदस्यों को 19 सितंबर को नोटिस भेज कर 27 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक में चर्चा के लिए बीडीओ कार्यालय स्वारघाट के सभागार में बुलाया था, लेकिन 27 सितंबर की बैठक में कोई भी पंचायत समिति सदस्य हाजिर नहीं हुआ। इस कारण इस बैठक को रद कर दिया गया था।
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अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद किरण कुमारी, विजय कुमार ने उपायुक्त को अपना इस्तीफा भेजा था। इस्तीफे मंजूर करने के लिए 20 दिन की समय सीमा का प्रावधान होता है, लेकिन इस अवधि के पूरा होने से पहले ही अब दोनों ने इस्तीफे वापस ले लिए हैं। इसके साथ ही पंचायत समिति नयना देवी में चल रहा शह और मात का खेल भी खत्म हो गया है। अब इसके बाद दो साल तक किसी भी पंचायत समिति सदस्य द्वारा अविश्वास प्रस्ताव नहीं रखा जा सकेगा। जिला पंचायत अधिकारी बिलासपुर तिलक राज ने कहा कि उपायुक्त बिलासपुर कार्यालय से दोनों ने अपने इस्तीफे वापस लेकर अपनी कुर्सी बचा ली है।
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