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बैंक किसानों की भूमि के न करे इंतकाल : प्रवेश
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चेतना चौक पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन करते किसान और सीपीआई नेता परवेश चंदेल। संवाद
किसानों ने जमीन कुर्क करने के विरोध में चेतना चौक पर किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बैंक की ओर से किसानों की भूमि कुर्क करने के विरोध को लेकर किसानों ने जिला मुख्यालय स्थित चेतना चौक पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई सीपीआई नेता अधिवक्ता प्रवेश चंदेल ने की।
इस दौरान परवेश चंदेल ने कहा कि जिले में बैंक की ओर 10 किसानों की भूमि की नीलामी की गई। इसके बाद वह किसान मुख्यमंत्री से भी मिले और मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन भी दिया है। अब बैंक उन भूमि के इंतकाल और रजिस्ट्री कराने में लगा है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया है तो बैंक को भी चाहिए की अभी इंतकाल न कराए। साथ ही किसानों को उनकी भूमि वापस लेने के लिए एक मौका दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों से उनकी भूमि ही छीन ली जाएगी तो वह क्या करेंगे। यह गरीब किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ तो देश के पूंजीपतियों का लाखों करोड़ों का ऋण माफ किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर गरीब किसान जो किसी मजबूरी में ऋण की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं उनकी जमीनें कुर्क की जा रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बैंक की ओर से किसानों की भूमि कुर्क करने के विरोध को लेकर किसानों ने जिला मुख्यालय स्थित चेतना चौक पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई सीपीआई नेता अधिवक्ता प्रवेश चंदेल ने की।
इस दौरान परवेश चंदेल ने कहा कि जिले में बैंक की ओर 10 किसानों की भूमि की नीलामी की गई। इसके बाद वह किसान मुख्यमंत्री से भी मिले और मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन भी दिया है। अब बैंक उन भूमि के इंतकाल और रजिस्ट्री कराने में लगा है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया है तो बैंक को भी चाहिए की अभी इंतकाल न कराए। साथ ही किसानों को उनकी भूमि वापस लेने के लिए एक मौका दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि यदि किसानों से उनकी भूमि ही छीन ली जाएगी तो वह क्या करेंगे। यह गरीब किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ तो देश के पूंजीपतियों का लाखों करोड़ों का ऋण माफ किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर गरीब किसान जो किसी मजबूरी में ऋण की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं उनकी जमीनें कुर्क की जा रही हैं।
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