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प्रदेश में हॉकी के लिए कुछ नहीं कर पाए अनुराग ठाकुर : सांख्यान
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-बोले, अकेले बिलासपुर ने दिए है 14 हॉकी कोच, लेकिन आज भी सुविधाओं का अभाव
- राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी उपेक्षित, कोई मछली बेच रहा तो कोई चला रहा है ढाबा
-केंद्रीय खेल मंत्री रहने के बावजूद नहीं बनवा पाए बिलासपुर में हॉकी का एस्ट्रो टर्फ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर केंद्र सरकार में होने के बाद भी संसदीय क्षेत्र के लिए कुछ नहीं कर पाए। पीएम मोदी की हवाई उपलब्धियों का गुणगान करने के अलावा यह प्रदेश के लिए कुछ नहीं कर पाए। हर एक भाजपा नेता मोदी का गुणगान उन कार्यों के लिए कर रहा है जो कभी धरातल पर नजर ही नहीं आए। देश में स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे अहम मुद्दों से किनारा कर झूठी वाहवाही बटोरने वाले नेताओं के पास अपनी कोई उपलब्धि गिनाने के लिए नहीं है।
प्रेस को जारी एक बयान में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री का रिपोर्ट कार्ड शून्य है। हॉकी की बात करें तो इस संसदीय क्षेत्र में हॉकी बुलंदियों पर रही है। यहां से करीब 14 हॉकी कोच उत्तरी भारत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। केंद्रीय खेल मंत्री बिलासपुर के लिए एक एस्ट्रो टर्फ तक नहीं ला पाए। केवल विदेशी खेल क्रिकेट का स्तुतिगान करने वाले देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी को गर्त में पहुंचाने के लिए जिम्मेवार हैं। देश में ओड़िसा एक गरीब राज्य है, लेकिन वहां के मुख्यमंत्री हॉकी का उत्थान करने के लिए कार्य कर रहे हैं। भारत विश्वकप की मेजबानी चार बार कर चुका है और ओड़िसा में इसका आयोजन दो बार हो चुका है, लेकिन अनुराग एक भी प्रतियोगिता का आयोजन हिमाचल में करवाने में असफल रहे। सांसद से पूछा कि वह बताएं कि हॉकी सहित अन्य खेलों के उत्थान के लिए पिछले पांच साल में हिमाचल प्रदेश को कितना पैसा दिया। कहा कि केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण खेलों के नाम पर बड़े इवेंट करवाकर कर सेलेब्रिटीज को बुला कर युवाओं को बरगला तो लिया, लेकिन खेलों का असली मकसद और खेल के पीछे की भावना को जागृत करने में चूक गए। बिलासपुर में हॉकी का एस्ट्रो टर्फ बनना था, उसकी फाइल अनुराग ठाकुर केंद्रीय खेल मंत्रालय से पास नहीं करवा पाए।
सांख्यान ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री व हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर को समझना होगा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से करीब 25 से ज्यादा हॉकी कोच निकल कर आए थे, जिसमें से अकेले बिलासपुर से 14 कोच हैं, लेकिन आज तक हॉकी के खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा है। राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी आज भी उपेक्षित हैं। कोई मछली तल रहा है, तो कोई ढाबा चलाकर गुजर-बसर करने को मजबूर है। भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी हॉकी खिलाड़ी धनराज पिल्लै और परगट सिंह के खिलाफ खेल चुके हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ी गुमनामी के अंधेरे में खो गए हैं। सांख्यान ने कहा कि उड़ीसा जैसा गरीब राज्य अकेले हॉकी खेल के लिए 100 करोड़ की राशि दे सकता है, तो हिमाचल प्रदेश से केंद्रीय खेल मंत्री के हाथ किसने बांधे थे। युवा व प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है।
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- राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी उपेक्षित, कोई मछली बेच रहा तो कोई चला रहा है ढाबा
-केंद्रीय खेल मंत्री रहने के बावजूद नहीं बनवा पाए बिलासपुर में हॉकी का एस्ट्रो टर्फ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर केंद्र सरकार में होने के बाद भी संसदीय क्षेत्र के लिए कुछ नहीं कर पाए। पीएम मोदी की हवाई उपलब्धियों का गुणगान करने के अलावा यह प्रदेश के लिए कुछ नहीं कर पाए। हर एक भाजपा नेता मोदी का गुणगान उन कार्यों के लिए कर रहा है जो कभी धरातल पर नजर ही नहीं आए। देश में स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे अहम मुद्दों से किनारा कर झूठी वाहवाही बटोरने वाले नेताओं के पास अपनी कोई उपलब्धि गिनाने के लिए नहीं है।
प्रेस को जारी एक बयान में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री का रिपोर्ट कार्ड शून्य है। हॉकी की बात करें तो इस संसदीय क्षेत्र में हॉकी बुलंदियों पर रही है। यहां से करीब 14 हॉकी कोच उत्तरी भारत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। केंद्रीय खेल मंत्री बिलासपुर के लिए एक एस्ट्रो टर्फ तक नहीं ला पाए। केवल विदेशी खेल क्रिकेट का स्तुतिगान करने वाले देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी को गर्त में पहुंचाने के लिए जिम्मेवार हैं। देश में ओड़िसा एक गरीब राज्य है, लेकिन वहां के मुख्यमंत्री हॉकी का उत्थान करने के लिए कार्य कर रहे हैं। भारत विश्वकप की मेजबानी चार बार कर चुका है और ओड़िसा में इसका आयोजन दो बार हो चुका है, लेकिन अनुराग एक भी प्रतियोगिता का आयोजन हिमाचल में करवाने में असफल रहे। सांसद से पूछा कि वह बताएं कि हॉकी सहित अन्य खेलों के उत्थान के लिए पिछले पांच साल में हिमाचल प्रदेश को कितना पैसा दिया। कहा कि केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण खेलों के नाम पर बड़े इवेंट करवाकर कर सेलेब्रिटीज को बुला कर युवाओं को बरगला तो लिया, लेकिन खेलों का असली मकसद और खेल के पीछे की भावना को जागृत करने में चूक गए। बिलासपुर में हॉकी का एस्ट्रो टर्फ बनना था, उसकी फाइल अनुराग ठाकुर केंद्रीय खेल मंत्रालय से पास नहीं करवा पाए।
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सांख्यान ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री व हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर को समझना होगा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से करीब 25 से ज्यादा हॉकी कोच निकल कर आए थे, जिसमें से अकेले बिलासपुर से 14 कोच हैं, लेकिन आज तक हॉकी के खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा है। राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी आज भी उपेक्षित हैं। कोई मछली तल रहा है, तो कोई ढाबा चलाकर गुजर-बसर करने को मजबूर है। भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी हॉकी खिलाड़ी धनराज पिल्लै और परगट सिंह के खिलाफ खेल चुके हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ी गुमनामी के अंधेरे में खो गए हैं। सांख्यान ने कहा कि उड़ीसा जैसा गरीब राज्य अकेले हॉकी खेल के लिए 100 करोड़ की राशि दे सकता है, तो हिमाचल प्रदेश से केंद्रीय खेल मंत्री के हाथ किसने बांधे थे। युवा व प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है।
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