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Bilaspur News: पोक्सो मामलों में चिकित्सकीय-कानूनी चुनौतियों पर मंथन
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एम्स बिलासपुर में फोरेंसिक मेडिसिन एवं स्त्री रोग विभाग ने आयोजित किया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में पोक्सो मामलों को लेकर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने संयुक्त रूप से 12 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में पोक्सो मामलों में सामने आने वाली चिकित्सकीय-कानूनी चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधान पर चर्चा की।
संगोष्ठी में पोक्सो मामलों की जांच और चिकित्सा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें बच्चों की सुरक्षा और गरिमा को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील एवं कानून के अनुरूप देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकीय पेशेवरों के लिए पोक्सो कानून और मेडिकोलीगल प्रक्रियाओं की जानकारी को महत्वपूर्ण बताया गया। साथ ही ऐसे मामलों में संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई, ताकि पीड़ित बच्चों को समय पर उचित सहायता और कानूनी रूप से उपयुक्त चिकित्सा देखभाल मिल सके। संगोष्ठी में पोक्सो मामलों में आमतौर पर सामने आने वाली मेडिकोलीगल चुनौतियों और उनसे निपटने के व्यावहारिक तरीकों पर मंथन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा पेशेवरों में पोक्सो मामलों के प्रति समझ बढ़ाना और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशील, समन्वित तथा कानून सम्मत चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में पोक्सो मामलों को लेकर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने संयुक्त रूप से 12 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में पोक्सो मामलों में सामने आने वाली चिकित्सकीय-कानूनी चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधान पर चर्चा की।
संगोष्ठी में पोक्सो मामलों की जांच और चिकित्सा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें बच्चों की सुरक्षा और गरिमा को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील एवं कानून के अनुरूप देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकीय पेशेवरों के लिए पोक्सो कानून और मेडिकोलीगल प्रक्रियाओं की जानकारी को महत्वपूर्ण बताया गया। साथ ही ऐसे मामलों में संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई, ताकि पीड़ित बच्चों को समय पर उचित सहायता और कानूनी रूप से उपयुक्त चिकित्सा देखभाल मिल सके। संगोष्ठी में पोक्सो मामलों में आमतौर पर सामने आने वाली मेडिकोलीगल चुनौतियों और उनसे निपटने के व्यावहारिक तरीकों पर मंथन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा पेशेवरों में पोक्सो मामलों के प्रति समझ बढ़ाना और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशील, समन्वित तथा कानून सम्मत चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना रहा।
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