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Bilaspur News: दो माह के सन्नाटे के बाद बरमाणा कस्बे में लौटने लगी रौनक
Wed, 22 Feb 2023 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 22 Feb 2023 11:09 PM IST
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प्लांट खुलने के बाद बरमाणा कस्बे में बड़ी रौनक। संवाद
बिलासपुर। सीमेंट प्लांट शुरू होने से दो माह के सन्नाटे के बाद बरमाणा कस्बे में रौनक लौटने लगी है। प्रवासी कामगार भी वापस आ रहे हैं। दो माह से बंद पड़े ढाबे, मैकेनिक और अन्य दुकानें अब खुलने लगी हैं। प्लांट के शुरू होने के बाद से दुकानों पर खरीददार भी जुटने लगे हैं। सड़कों पर ट्रकों का भी आना जाना शुरू हो गया। इससे चहल-पहल और रौनक बढ़ गई है।
प्लांट शुरू होने के बाद बुधवार को बरमाणा कस्बे में काफी चहल पहल देखी गई। सीमेंट प्लांट से ट्रकों का आना जाना लगा रहा। कर्मचारी और कामगार भी बाजारों में चहलकदमी करते हुए देखे गए। प्लांट बंद होने के बाद जो मैकेनिक और अन्य प्रवासी कामगार अपने घरों को लौट गए थे, वे लौट कर दुकान खोल रहे हैं। पंजाब के नंगल निवासी रामा ऑटो वर्क के मालिक रामलाल ने बताया कि प्लांट बंद होने के बाद से काम धंधा खत्म हो गया था। इस कारण वे घर चले गए थे। वहां दिहाड़ी मजदूरी कर दो माह तक परिवार का पालन पोषण किया। अब फिर से प्लांट शुरू होने की सूचना मिली तो लौट आए। अब एक बार फिर धंधा बढ़ने की उम्मीद हैं।
बरमाणा में टेलर की दुकान करने वाले बिहार निवासी मोहम्मद नौशाद ने बताया कि प्लांट बंद होने के बाद से काम भी ठप पड़ गया था। काम धंधा नहीं होने के कारण वह घर चले गए। घर पर हले की गई बचत से गुजर बसर किया। अब बचत भी खत्म हो चुकी थी, लेकिन प्लांट के खुलने की सूचना मिलने पर राहत मिली और वे तुरंत लौट आए। जैसे-जैसे प्लांट में कामगार पहुंचना शुरू होंगे। वैसे वैसे ही काम धंधा भी बढ़ेगा। मंडी जिले की मुरारी देवी निवासी होशियार सिंह ने बताया कि प्लांट बंद होने के बाद से ही वह भी ढाबा बंद कर चली गईं थीं। दो माह तक दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण किया। ढाबा प्लांट में काम करने वाले कामगारों के कारण चलता है। अब प्लांट खुला है तो उम्मीद है कि काम धंधा भी चलेगा। कुल मिलाकर सभी लोगों ने राहत की सांस ली है कि अब काम धंधा बढ़ेगा और कामगारों को काम मिला।
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प्लांट शुरू होने के बाद बुधवार को बरमाणा कस्बे में काफी चहल पहल देखी गई। सीमेंट प्लांट से ट्रकों का आना जाना लगा रहा। कर्मचारी और कामगार भी बाजारों में चहलकदमी करते हुए देखे गए। प्लांट बंद होने के बाद जो मैकेनिक और अन्य प्रवासी कामगार अपने घरों को लौट गए थे, वे लौट कर दुकान खोल रहे हैं। पंजाब के नंगल निवासी रामा ऑटो वर्क के मालिक रामलाल ने बताया कि प्लांट बंद होने के बाद से काम धंधा खत्म हो गया था। इस कारण वे घर चले गए थे। वहां दिहाड़ी मजदूरी कर दो माह तक परिवार का पालन पोषण किया। अब फिर से प्लांट शुरू होने की सूचना मिली तो लौट आए। अब एक बार फिर धंधा बढ़ने की उम्मीद हैं।
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बरमाणा में टेलर की दुकान करने वाले बिहार निवासी मोहम्मद नौशाद ने बताया कि प्लांट बंद होने के बाद से काम भी ठप पड़ गया था। काम धंधा नहीं होने के कारण वह घर चले गए। घर पर हले की गई बचत से गुजर बसर किया। अब बचत भी खत्म हो चुकी थी, लेकिन प्लांट के खुलने की सूचना मिलने पर राहत मिली और वे तुरंत लौट आए। जैसे-जैसे प्लांट में कामगार पहुंचना शुरू होंगे। वैसे वैसे ही काम धंधा भी बढ़ेगा। मंडी जिले की मुरारी देवी निवासी होशियार सिंह ने बताया कि प्लांट बंद होने के बाद से ही वह भी ढाबा बंद कर चली गईं थीं। दो माह तक दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण किया। ढाबा प्लांट में काम करने वाले कामगारों के कारण चलता है। अब प्लांट खुला है तो उम्मीद है कि काम धंधा भी चलेगा। कुल मिलाकर सभी लोगों ने राहत की सांस ली है कि अब काम धंधा बढ़ेगा और कामगारों को काम मिला।
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