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Bilaspur News: स्वयंसेवकों ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प
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तल्याणा स्कूल में एनएसएस शिविर में स्वयंसेवियों को संबोधित करते प्रवक्ता। स्रोत: स्कूल प्रबंध
तल्याणा स्कूल में एनएसएस स्वयंसेवकों को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तल्याणा में सात दिवसीय एनएसएस विशेष शिविर के चौथे दिन स्वयंसेवकों को नशा मुक्ति पर जागरूक किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता राजेश कुमार ने नशा क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है, की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नशा किसी पदार्थ या व्यवहार का अत्यधिक और अनियंत्रित सेवन या उपयोग है। इससे शरीर और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नशे के दो प्रकार होते हैं पदार्थ का नशा जैसे शराब, गांजा, अफीम आदि और व्यवहार का नशा जैसे जुआ, सोशल मीडिया या मोबाइल की लत।
राजेश कुमार ने कहा कि नशा व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करता है। इसका परिवार और समाज पर भी बुरा असर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच अपनाकर नशे से दूर रहें। खेल, योग, संगीत और पठन-पाठन जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी से व्यक्ति स्वस्थ और आत्मविश्वासी बनता है। स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति का संकल्प लिया और समाज में जन जागरूकता फैलाने का निर्णय किया। कार्यक्रम में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य शिक्षक और उपस्थित सदस्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तल्याणा में सात दिवसीय एनएसएस विशेष शिविर के चौथे दिन स्वयंसेवकों को नशा मुक्ति पर जागरूक किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता राजेश कुमार ने नशा क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है, की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नशा किसी पदार्थ या व्यवहार का अत्यधिक और अनियंत्रित सेवन या उपयोग है। इससे शरीर और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नशे के दो प्रकार होते हैं पदार्थ का नशा जैसे शराब, गांजा, अफीम आदि और व्यवहार का नशा जैसे जुआ, सोशल मीडिया या मोबाइल की लत।
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राजेश कुमार ने कहा कि नशा व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करता है। इसका परिवार और समाज पर भी बुरा असर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच अपनाकर नशे से दूर रहें। खेल, योग, संगीत और पठन-पाठन जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी से व्यक्ति स्वस्थ और आत्मविश्वासी बनता है। स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति का संकल्प लिया और समाज में जन जागरूकता फैलाने का निर्णय किया। कार्यक्रम में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य शिक्षक और उपस्थित सदस्य मौजूद रहे।
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