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शीतलहर और धुंध से सावधानियां बरतें लोग : तोरूल रविश
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बिलासपुर। जिले में लगातार गिरते पारे से पड़ रही कड़ाके की ठंड को लेकर प्रशासन से लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। अतिरिक्त उपायुक्त तोरूल रवीश ने आम लोगों से शीतलहर और धुंध में सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि कोहरे में वाहन को धीमी गति से चलाएं, फॉग लाइट का उपयोग करें, वाहनों के बीच उचित दूरी बनाए रखें। दृश्यता बेहद खराब हो तो सड़क पर पेंट की गई लाइन को एक गाइड के रूप में उपयोग करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और न ही ऊंची आवाज में संगीत सुने।
उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो सके शीतलहर के दौरान घर में रहे। घर से बाहर जाते हुए सिर, कान, हाथ, पैर और नाक को ढक कर निकले। समाचार पत्र, रेडियो, टीवी से मौसम की जानकारी लेते रहें। शरीर में ऊष्मा के प्रवाह को बनाए रखने के लिए पोषक आहार एवं गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें। शरीर पर कई स्तरों वाले ऊनी और गरम कपड़ों को पहनें, शरीर को सूखा रखें, कमरों में हीटर, केरोसीन, कोयले की अंगीठी का प्रयोग करते हुए धुएं के निकास का उचित प्रबंध करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कम तापमान में कठिन कार्य न करें। क्षमता से अधिक शारीरिक कार्य करने से हृदयघात का खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि शरीर के अंगों को सुन्न पड़ना, हाथ और पैर की उंगलियां, कान व नाक पर सफेद या पीले रंग के दाग उभर आना जैसे शीतदंश के लक्षणों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि हाईपोथर्मिया के यादाश्त कमजोर पड़ना, असीमित ठिठुरना, सुस्ती, थकान, तुतलाना आदि हाईपोथर्मिया के लक्षणों को लेकर भी सतर्क रहें। तबियत ठीक न लगे या किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते हुए ज्यादा एहतियात बरतें।
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उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो सके शीतलहर के दौरान घर में रहे। घर से बाहर जाते हुए सिर, कान, हाथ, पैर और नाक को ढक कर निकले। समाचार पत्र, रेडियो, टीवी से मौसम की जानकारी लेते रहें। शरीर में ऊष्मा के प्रवाह को बनाए रखने के लिए पोषक आहार एवं गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें। शरीर पर कई स्तरों वाले ऊनी और गरम कपड़ों को पहनें, शरीर को सूखा रखें, कमरों में हीटर, केरोसीन, कोयले की अंगीठी का प्रयोग करते हुए धुएं के निकास का उचित प्रबंध करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कम तापमान में कठिन कार्य न करें। क्षमता से अधिक शारीरिक कार्य करने से हृदयघात का खतरा पैदा हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि शरीर के अंगों को सुन्न पड़ना, हाथ और पैर की उंगलियां, कान व नाक पर सफेद या पीले रंग के दाग उभर आना जैसे शीतदंश के लक्षणों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि हाईपोथर्मिया के यादाश्त कमजोर पड़ना, असीमित ठिठुरना, सुस्ती, थकान, तुतलाना आदि हाईपोथर्मिया के लक्षणों को लेकर भी सतर्क रहें। तबियत ठीक न लगे या किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते हुए ज्यादा एहतियात बरतें।
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