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श्रावण अष्टमी पर झालरों से सजाया नयना देवी मंदिर, मां की हुई विशेष आरती
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श्री नयना देवी मे अष्टमी नवरात्र पर सजा मां का दरबार।
- फोटो : BILASPUR
श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)। श्रावण अष्टमी मेलों पर माता श्री नयना देवी जी के मंदिर में अष्टमी के दिन पूजा-अर्चना और विशेष आरती की गई। मंत्रोच्चारण से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। हालांकि, कोरोना के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं के न आने से इस बार श्रावण अष्टमी के पूजन में स्थानीय पुजारियों और सुरक्षाकर्मियों ने ही भाग लिया। वहीं, जिलाधीश ने लोगों को श्रावण अष्टमी की शुभकामनाएं दी।
जिलाधीश राजेश्वर गोयल ने कहा कि माता रानी जल्द इस महामारी का विनाश करें और सभी स्वस्थ रहे। मंदिर न्यास के अध्यक्ष एसडीएम सुभाष गौतम ने बताया कि श्रावण अष्टमी के इस पावन पर्व पर प्राचीन परंपराओं के मुताबिक माता जी की पूजा अर्चना की गई है और प्रार्थना की गई कि सभी श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ माता का दरबार फि र से खुले और माता का आशीर्वाद सभी को प्राप्त हो। वहीं मंदिर अधिकारी हुसन चंद चौधरी ने बताया कि मंदिर न्यास और पुजारी वर्ग द्वारा पूजा अर्चना मंदिर में की जा रही है और विश्वकल्याण महामारी के निवारण हेतु यह आयोजन इस बार भी किया जा रहा है इसकी पूर्णाहुति दशमी के दिन पड़ेगी।
उल्लेखनीय है कि श्रावण अष्टमी के दिन श्री नयना देवी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते थे। वहीं श्रावण अष्टमी के दिन श्री नयना देवी में सबसे ज्यादा श्रद्धालु अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते थे। लेकिन इस बार महामारी के चलते माता श्री नयना देवी के मंदिर में श्रद्धालु नहीं पहुंच पाए। मंदिर बंद है और श्रद्धालुओं को मंदिर आने की मनाही है। लेकिन श्रावण अष्टमी का यह पर्व प्राचीन परंपराओं के मुताबिक धूमधाम से मनाया गया। स्थानीय पुजारी वर्ग ने माता रानी से प्रार्थना की कि इस महामारी का अंत शीघ्र हो और फिर से श्रद्धालुओं के लिए माता के द्वार खुले और यह शहर ऊंचे जयकारों से गूंज उठे।
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स्थानीय पुजारी आनंद गोपाल, नीलम शर्मा, अंकुर गौतम, रिंकू गौतम और विशाल शर्मा ने बताया कि मंदिर में पुजारी वर्ग के संयुक्त सहयोग से दुर्गा पाठ जप का आयोजन किया जा रहा है। ताकि विश्व को कोरोना नामक महामारी से निजात मिल सके।
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जिलाधीश राजेश्वर गोयल ने कहा कि माता रानी जल्द इस महामारी का विनाश करें और सभी स्वस्थ रहे। मंदिर न्यास के अध्यक्ष एसडीएम सुभाष गौतम ने बताया कि श्रावण अष्टमी के इस पावन पर्व पर प्राचीन परंपराओं के मुताबिक माता जी की पूजा अर्चना की गई है और प्रार्थना की गई कि सभी श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ माता का दरबार फि र से खुले और माता का आशीर्वाद सभी को प्राप्त हो। वहीं मंदिर अधिकारी हुसन चंद चौधरी ने बताया कि मंदिर न्यास और पुजारी वर्ग द्वारा पूजा अर्चना मंदिर में की जा रही है और विश्वकल्याण महामारी के निवारण हेतु यह आयोजन इस बार भी किया जा रहा है इसकी पूर्णाहुति दशमी के दिन पड़ेगी।
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उल्लेखनीय है कि श्रावण अष्टमी के दिन श्री नयना देवी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते थे। वहीं श्रावण अष्टमी के दिन श्री नयना देवी में सबसे ज्यादा श्रद्धालु अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते थे। लेकिन इस बार महामारी के चलते माता श्री नयना देवी के मंदिर में श्रद्धालु नहीं पहुंच पाए। मंदिर बंद है और श्रद्धालुओं को मंदिर आने की मनाही है। लेकिन श्रावण अष्टमी का यह पर्व प्राचीन परंपराओं के मुताबिक धूमधाम से मनाया गया। स्थानीय पुजारी वर्ग ने माता रानी से प्रार्थना की कि इस महामारी का अंत शीघ्र हो और फिर से श्रद्धालुओं के लिए माता के द्वार खुले और यह शहर ऊंचे जयकारों से गूंज उठे।
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स्थानीय पुजारी आनंद गोपाल, नीलम शर्मा, अंकुर गौतम, रिंकू गौतम और विशाल शर्मा ने बताया कि मंदिर में पुजारी वर्ग के संयुक्त सहयोग से दुर्गा पाठ जप का आयोजन किया जा रहा है। ताकि विश्व को कोरोना नामक महामारी से निजात मिल सके।