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Bilaspur News: कथा को एकाग्र मन से सुनने वाला व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से समृद्ध
Thu, 04 Jun 2026 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:27 PM IST
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घुमारवीं में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में भाग लेते लोग। संवाद
कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं( बिलासपुर)। घुमारवीं नगर परिषद के वार्ड नंबर-2 इंदिरा वार्ड में वीरवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल के बीच श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ। सात दिवसीय आयोजन व्यापार मंडल प्रधान हेमराज संख्यान और हंसराज संख्यान की ओर से अपने दिवंगत पिता की पुण्य स्मृति में करवाया जा रहा है।
कथा के शुभारंभ से पहले क्षेत्र में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और इसके साथ ही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत आरंभ हुआ। पहले दिन कथा व्यास पंडित सुनील सारस्वत ने श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन करवाने से पुण्य की प्राप्ति होती है, लेकिन श्रद्धा और एकाग्रता के साथ कथा का श्रवण करने से व्यक्ति को विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है। श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। कथा के माध्यम से व्यक्ति के मन में भगवान के प्रति समर्पण और सकारात्मक भाव उत्पन्न होते हैं। पंडित सुनील सारस्वत ने कथा के प्रारंभ से जुड़े प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि यह दिव्य ज्ञान किस प्रकार आगे बढ़ा। अमरनाथ गुफा से जुड़ी पौराणिक कथा का भी उल्लेख किया। भगवान शिव जब माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुना रहे थे, उस समय माता पार्वती निद्रा में चली गईं, लेकिन वहां मौजूद कबूतर ने पूरी कथा सुनी। भगवान शिव के मुख से निकले अमरत्व के रहस्य को सुनकर वह अमर हो गया। यह प्रसंग संदेश देता है कि भगवान की कथा को श्रद्धा, विश्वास और एकाग्र मन से सुनने वाला व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होता है। कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्रीमद् भागवत की महिमा का श्रवण किया। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।
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घुमारवीं( बिलासपुर)। घुमारवीं नगर परिषद के वार्ड नंबर-2 इंदिरा वार्ड में वीरवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल के बीच श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ। सात दिवसीय आयोजन व्यापार मंडल प्रधान हेमराज संख्यान और हंसराज संख्यान की ओर से अपने दिवंगत पिता की पुण्य स्मृति में करवाया जा रहा है।
कथा के शुभारंभ से पहले क्षेत्र में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और इसके साथ ही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत आरंभ हुआ। पहले दिन कथा व्यास पंडित सुनील सारस्वत ने श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन करवाने से पुण्य की प्राप्ति होती है, लेकिन श्रद्धा और एकाग्रता के साथ कथा का श्रवण करने से व्यक्ति को विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है। श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। कथा के माध्यम से व्यक्ति के मन में भगवान के प्रति समर्पण और सकारात्मक भाव उत्पन्न होते हैं। पंडित सुनील सारस्वत ने कथा के प्रारंभ से जुड़े प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि यह दिव्य ज्ञान किस प्रकार आगे बढ़ा। अमरनाथ गुफा से जुड़ी पौराणिक कथा का भी उल्लेख किया। भगवान शिव जब माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुना रहे थे, उस समय माता पार्वती निद्रा में चली गईं, लेकिन वहां मौजूद कबूतर ने पूरी कथा सुनी। भगवान शिव के मुख से निकले अमरत्व के रहस्य को सुनकर वह अमर हो गया। यह प्रसंग संदेश देता है कि भगवान की कथा को श्रद्धा, विश्वास और एकाग्र मन से सुनने वाला व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होता है। कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्रीमद् भागवत की महिमा का श्रवण किया। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।
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