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शिवपुराण के श्लोक सुनने से ही पापों से मुक्त हो जाता है इंसान : निखिल

Tue, 04 Jun 2024 11:23 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2024 11:23 PM IST
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A person becomes free from sins just by listening to the verses of Shivpuran: Nikhil
- झंडूता में दूसरे दिन सुनाई श्री शिव महापुराण कथा
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संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के शिव मंदिर बरोहा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे कथा व्यास आचार्य निखिल महाराज ने कथा विषय पर प्रवचन दिया। उन्होंने बताया कि ईश्वर संबंधित क्या, क्यों, कैसे बताने के लिए जो-जो कहा जाए उसे कथा कहते हैं।

प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान शिव की पावन कथा जीवों के सभी पापों का नाश करने वाली है। मानव तभी तक पापी है जब तक उसने शिव कथा नहीं सुनी। शिवपुराण के एक श्लोक या आधे श्लोक का भी अगर कोई मन से पाठ कर ले तो समस्त पापों से मुक्त हो जाता है। श्रद्धा भक्ति से जो भी इस पवित्र कथा का श्रवण करता है इहलोक और परलोक में उसे आनंद प्राप्त होता है। उन्होंने सबको चेताते हुए कहा कि किसी कथा को पढ़ लेना या सुन लेना ही काफी नहीं होता, अपितु महत्वपूर्ण यह है कि आपकी उस कथा में रुचि कितनी है। रुचि जितनी अधिक होगी बात उतनी ही गहराई से समझ आएगी। जितनी गहराई से सुनोगे उतनी ही मन की हताशा निराशा दूर होगी। तभी तो संतोष, शांति, तुष्टि, पुष्टि मिलेगी। कथा सत्संग हमें हमारे गुण अवगुण का दर्शन कराकर सुमार्ग दिखाते हैं। अगर दुर्गुण पापकर्म की पहचान हो जाए कि यह दुर्गुण पापकर्म मेरे भीतर बैठा है तो उनसे मुक्त होना सरल हो जाता है। फिर प्रायश्चित के आंसू आंखों में भरकर करुण पुकार से जो शिव को पुकार लेता है वह जन्म मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। कथा सुनकर भगवद् प्रेम बढ़े और दुर्गुण मिटे तभी कथा सुनना सार्थक होगा। परम पावन कथा में बैठकर स्वयं का अवलोकन करें। कथा में बैठकर पड़ोसियों का नहीं स्वयं का अवलोकन करें। कथाएं तो दर्पण समान हुआ करती है निर्मल और स्वच्छ। इस दर्पण के सामने आकर स्वयं को देखेंगे तभी कथा श्रवण का लाभ होगा। दुराचारी, पापी, खल, कामी, क्रोधी और लोभी मनुष्य भी इस पुराण के श्रवण मात्र से मुक्त हो जाते हैं। जो भी प्राणी श्रद्धावनत होकर इस महापुराण का श्रवण करता है भगवान प्रसन्न होकर उसे अपना धाम प्रदान करते हैं। इसे श्रवण करने वाला मनुष्य पापी भी भगवान सदाशिव का प्यारा हो जाता है।
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