{"_id":"135-32323","slug":"Bilaspur-32323-135","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवहन कर्मियों ने बजाया आंदोलन का बिगुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिवहन कर्मियों ने बजाया आंदोलन का बिगुल
Bilaspur
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। निगम प्रबंधन के साथ वार्ता बेनतीजा रहने से खफा परिवहन कर्मचारियों ने एक बार फिर से आंदोलन का बिगुल बजाते हुए वर्क-टू-रूल का नारा बुलंद किया है। इसके तहत मंगलवार से कर्मचारियों ने केवल आठ घंटे काम करना शुरू किया है। मांगें पूरी न होने तक उन्होंने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
मंगलवार को बिलासपुर के अंतरराज्यीय बस अड्डा परिसर में गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए संयुक्त समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार की घोषणाओं के बावजूद परिवहन कर्मियों को ग्रेड-पे, 4-9-14 का टाइम व सात फीसदी डीए आज तक नहीं मिल पाए हैं। निगम में विभिन्न श्रेणियों के रिक्त पड़े लगभग तीन हजार पद भरने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। कुछ माह पूर्व परिवहन कर्मियों के जोरदार आंदोलन के बाद अनुबंध कर्मियों को 8 के बजाए 6 वर्ष में रेगुलर करने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक एक भी पात्र अनुबंध कर्मी को नियमित नहीं किया गया है। निगम प्रबंधन इस मामले को बेवजह लटका रहा है।
शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी के अस्तित्व में आने के बाद कर्मचारियों को नियमों के अनुसार रात्रि भत्ता दिया जा रहा था। कोई नई सुविधा देना तो दूर, सरकार ने उस पर भी कैंची चला दी है। इससे परिवहन कर्मियों में आक्रोश पैदा होना स्वाभाविक ही है। दिन-रात मेहनत कर रहे कर्मचारियों के भत्तों व अन्य वित्तीय लाभों में कटौती करके निगम के घाटे को पूरा नहीं किया जा सकता। निगम प्रबंधन के इस अनोखे तरीके को कर्मचारी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। मांगें पूरी न होने तक अब पीछे नहीं हटा जाएगा। कर्मचारियों द्वारा वर्क-टू-रूल के तहत कार्य करने से आम लोगों को होने वाली परेशानी के लिए निगम प्रबंधन व सरकार उत्तरदायी हैं। इस दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी भी की। प्रदर्शन में रणवीर सिंह चंदेल, अब्दुल रफीक, ज्ञान चंद, रामपाल, सीताराम, बुद्धि सिंह, जगतपाल, गीताराम, देशराज, पवन चंदेल व कुलदीप ठाकुर समेत कई कर्मचारियों ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को बिलासपुर के अंतरराज्यीय बस अड्डा परिसर में गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए संयुक्त समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार की घोषणाओं के बावजूद परिवहन कर्मियों को ग्रेड-पे, 4-9-14 का टाइम व सात फीसदी डीए आज तक नहीं मिल पाए हैं। निगम में विभिन्न श्रेणियों के रिक्त पड़े लगभग तीन हजार पद भरने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। कुछ माह पूर्व परिवहन कर्मियों के जोरदार आंदोलन के बाद अनुबंध कर्मियों को 8 के बजाए 6 वर्ष में रेगुलर करने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक एक भी पात्र अनुबंध कर्मी को नियमित नहीं किया गया है। निगम प्रबंधन इस मामले को बेवजह लटका रहा है।
विज्ञापन
शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी के अस्तित्व में आने के बाद कर्मचारियों को नियमों के अनुसार रात्रि भत्ता दिया जा रहा था। कोई नई सुविधा देना तो दूर, सरकार ने उस पर भी कैंची चला दी है। इससे परिवहन कर्मियों में आक्रोश पैदा होना स्वाभाविक ही है। दिन-रात मेहनत कर रहे कर्मचारियों के भत्तों व अन्य वित्तीय लाभों में कटौती करके निगम के घाटे को पूरा नहीं किया जा सकता। निगम प्रबंधन के इस अनोखे तरीके को कर्मचारी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। मांगें पूरी न होने तक अब पीछे नहीं हटा जाएगा। कर्मचारियों द्वारा वर्क-टू-रूल के तहत कार्य करने से आम लोगों को होने वाली परेशानी के लिए निगम प्रबंधन व सरकार उत्तरदायी हैं। इस दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी भी की। प्रदर्शन में रणवीर सिंह चंदेल, अब्दुल रफीक, ज्ञान चंद, रामपाल, सीताराम, बुद्धि सिंह, जगतपाल, गीताराम, देशराज, पवन चंदेल व कुलदीप ठाकुर समेत कई कर्मचारियों ने भाग लिया।
विज्ञापन