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95 वर्षीय बुजुर्ग को झमराड़ियां में आज भी सड़क निर्माण की आस
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झमराड़ियां गांव की 95 बर्षीय बुजुर्ग महिला को कुर्सी पर बिठा कर अस्पताल ले जाते परिवार के सदस्य।
- फोटो : BILASPUR
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बरठीं (बिलासपुर)। झमराड़ियां गांव की 95 वर्षीय शंकरी देवी के घर तक एंबुलेंस योग्य सड़क न बनने पर सरकार से आस भी है और नाराजगी भी। क्योंकि, बुजुर्ग महिला अपनी आर्मी का पेंशन लेने के लिए जब भी बैंक जाती है तो उसे दूसरों के कंधों का ही सहारा लेना पड़ता है। जहां तक आस की बात करें तो उसका पूरा परिवार भारतीय सेना में सेवा दे रहा है और इन लोगों ने भी सीएम हेल्पलाइन शिकायत कर समाधान की मांग भी की है।
विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत दसलेहड़ा के झमराड़ियां गांव की 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला के दो पोते हैं। दोनों ही भारतीय सेना में जाकर देश सेवा में जुटे हैं। बुजुर्ग महिला का पति भी आर्मी की नौकरी करता था। जिसकी पेंशन लेने व बीमारी के समय में महिला को उठाकर ही पक्की सडक झमराडियां तक लाना पड़ता है। पक्की सड़क से महज 200 से ढाई सौ मीटर की दूरी पर बुजुर्ग महिला का घर है। लेकिन आज दिन तक उनके घर तक सड़क नहीं बन पाई है। बुजुर्ग महिला के पोते विपन कुमार और पवन कुमार ने बताया कि वह दोनों फौज में हैं। उन्होंने अपने पैसे से घर तक सड़क निकाली थी। लेकिन कच्ची होने के कारण वह हर बरसात में नाले का रूप ले लेती है।
उन्होंने बताया कि उनकी दादी को बीमारी की हालत व पेंशन लेने के लिए घर की दो बहुओं को कुर्सी पर बिठाकर सड़क तक ले जाना पड़ता है। जिसमें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उक्त सड़क को पक्का करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पर 27 मई को संख्या 262854 के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन करीब तीन माह बीत जाने पर भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
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इस संबंध में दसलेहड़ा पंचायत के प्रधान अशोक कुमार ने बताया कि यह सड़क का कार्य अभी तक आम सभा में नहीं डाला गया है। जैसे ही आम सभा में इस कार्य को डाला जाएगा। इसका कार्य कर दिया जाएगा।
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विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत दसलेहड़ा के झमराड़ियां गांव की 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला के दो पोते हैं। दोनों ही भारतीय सेना में जाकर देश सेवा में जुटे हैं। बुजुर्ग महिला का पति भी आर्मी की नौकरी करता था। जिसकी पेंशन लेने व बीमारी के समय में महिला को उठाकर ही पक्की सडक झमराडियां तक लाना पड़ता है। पक्की सड़क से महज 200 से ढाई सौ मीटर की दूरी पर बुजुर्ग महिला का घर है। लेकिन आज दिन तक उनके घर तक सड़क नहीं बन पाई है। बुजुर्ग महिला के पोते विपन कुमार और पवन कुमार ने बताया कि वह दोनों फौज में हैं। उन्होंने अपने पैसे से घर तक सड़क निकाली थी। लेकिन कच्ची होने के कारण वह हर बरसात में नाले का रूप ले लेती है।
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उन्होंने बताया कि उनकी दादी को बीमारी की हालत व पेंशन लेने के लिए घर की दो बहुओं को कुर्सी पर बिठाकर सड़क तक ले जाना पड़ता है। जिसमें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उक्त सड़क को पक्का करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पर 27 मई को संख्या 262854 के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन करीब तीन माह बीत जाने पर भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
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इस संबंध में दसलेहड़ा पंचायत के प्रधान अशोक कुमार ने बताया कि यह सड़क का कार्य अभी तक आम सभा में नहीं डाला गया है। जैसे ही आम सभा में इस कार्य को डाला जाएगा। इसका कार्य कर दिया जाएगा।