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जानवरों के रहन-सहन और बदलते व्यवहार पर विभाग कर रहा सर्वे
Updated Sun, 28 Oct 2018 10:49 PM IST
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forest
- फोटो : amar ujala
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शुभम राही
बिलासपुर। जिले के जंगलों में वन विभाग ने एक विशेष सर्वे शुरू किया है जिसमें विभाग जंगली जानवरों की पहचान और उनके व्यवहार में दिनप्रतिदिन आ रहे बदलाव को नजदीक से देख रहा है। विभाग की ओर से शुरू किए गए इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य फॉरेस्ट गार्डाें को वाइल्ड लाइफ की जानकारी व जिले में पाए जाने वाले जानवरों के व्यवहार में कितना बदलाव आया है के बारे में अवगत कराना है।
विभागीय अधिकारी बताते हैं कि बिलासपुर के जंगलों में गार्डों को जानवरों की पहचान, उनके पैरों के निशान और अन्य कई तौर तरीके सीखाए जा रहे हैं ताकि विभाग अपने गार्डों को अपने जिला के जानवरों की पहचान करवा सके।
विभाग के डीएफओ सरोज भाई पटेल ने बताया कि पहले चरण का सर्वे विभाग ने पूरा कर लिया है जिसकी रिपोर्ट विभाग ने वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (देहरादून) को भेज दी है। जल्द ही विभाग दूसरे चरण का भी सर्वे शुरू करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में पाए जाने वाले सांभर, बारहसिंगा, सूअर व नील गाय की गणना करने के लिए भी विभाग हर जिला में सर्वे कर रहा है।
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बता दें कि वन विभाग की ओर से इस सर्वे की मदद से इन दुर्लभ प्रजातियों के जानवरों की बढ़ती व घटती संख्या का पता लगाया जा सकता है। इस सर्वे के दौरान विभाग गार्ड को वाइल्ड लाइफ के बारे भी बता रहा है। इससे पहले विभाग की ओर से प्रदेश में बंदरों व तेंदुए का आंकड़ा जुटाया गया है।
इनसेट....
दूसरे चरण का सर्वे शीघ्र होगा शुरू
विभाग ने पहले चरण का सर्वे पूरा कर लिया है। जल्द ही दूसरे चरण का सर्वे भी शुरू कर दिया जाएगा। गार्ड को वाइल्ड लाइफ के हर तौर तरीके और जानवरों के व्यवहार में बदलाव के बारे में बताया जा रहा है। विभाग इसकी हर रिपोर्ट वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (देहरादून) दे रहा है।
....सरोज भाई पटेल, डीएफओ बिलासपुर।
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बिलासपुर। जिले के जंगलों में वन विभाग ने एक विशेष सर्वे शुरू किया है जिसमें विभाग जंगली जानवरों की पहचान और उनके व्यवहार में दिनप्रतिदिन आ रहे बदलाव को नजदीक से देख रहा है। विभाग की ओर से शुरू किए गए इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य फॉरेस्ट गार्डाें को वाइल्ड लाइफ की जानकारी व जिले में पाए जाने वाले जानवरों के व्यवहार में कितना बदलाव आया है के बारे में अवगत कराना है।
विभागीय अधिकारी बताते हैं कि बिलासपुर के जंगलों में गार्डों को जानवरों की पहचान, उनके पैरों के निशान और अन्य कई तौर तरीके सीखाए जा रहे हैं ताकि विभाग अपने गार्डों को अपने जिला के जानवरों की पहचान करवा सके।
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विभाग के डीएफओ सरोज भाई पटेल ने बताया कि पहले चरण का सर्वे विभाग ने पूरा कर लिया है जिसकी रिपोर्ट विभाग ने वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (देहरादून) को भेज दी है। जल्द ही विभाग दूसरे चरण का भी सर्वे शुरू करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में पाए जाने वाले सांभर, बारहसिंगा, सूअर व नील गाय की गणना करने के लिए भी विभाग हर जिला में सर्वे कर रहा है।
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बता दें कि वन विभाग की ओर से इस सर्वे की मदद से इन दुर्लभ प्रजातियों के जानवरों की बढ़ती व घटती संख्या का पता लगाया जा सकता है। इस सर्वे के दौरान विभाग गार्ड को वाइल्ड लाइफ के बारे भी बता रहा है। इससे पहले विभाग की ओर से प्रदेश में बंदरों व तेंदुए का आंकड़ा जुटाया गया है।
इनसेट....
दूसरे चरण का सर्वे शीघ्र होगा शुरू
विभाग ने पहले चरण का सर्वे पूरा कर लिया है। जल्द ही दूसरे चरण का सर्वे भी शुरू कर दिया जाएगा। गार्ड को वाइल्ड लाइफ के हर तौर तरीके और जानवरों के व्यवहार में बदलाव के बारे में बताया जा रहा है। विभाग इसकी हर रिपोर्ट वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (देहरादून) दे रहा है।
....सरोज भाई पटेल, डीएफओ बिलासपुर।
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