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डेंगू से पहली मौत के बाद प्रदेश में हड़कंप
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:48 PM IST
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doctor shimla
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। डेंगू से पहली मौत के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप का माहौल पैदा हो गया है। इस समय जिला में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 500 को छूने वाला है। प्रदेश में सबसे ज्यादा डेंगू से ग्रस्त मरीज भी बिलासपुर में ही है। करीब 460 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है लेकिन मंडी निवासी की डेंगू से हुई मौत के बाद खतरे की घंटी बज चुकी है।
बिलासपुर में सबसे पहले डियारा सेक्टर में डेंगू के मामले देखने को मिले थे। वार्ड आठ, नौ व दस में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज सामने आए थे। हालांकि मरीज स्वस्थ होते गए लेकिन उसके बावजूद भी डेंगू का आंकड़ा बढ़ता गया। रोजाना पांच से दस डेंगू के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
नगर परिषद भी लगातार सभी वार्डों में फोगिंग करवा रहा है। जबकि घर-घर जाकर स्प्रे व पानी की टंकियों, कूलरों, गमलों को खाली करवा रहा है लेकिन उसके बावजूद भी डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली, पुडूचेरी, शिमला, टांडा से भी डॉक्टरों व विशेषज्ञों की टीमें यहां पहुंच कर स्थिति का मुआयना कर चुकी हैं। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को भी डेंगू से सतर्क रहने व साफ-सफाई करने के लिए कह चुकी है लेकिन उसके बावजूद भी डेंगू का मच्छर पनप रहा है। यहां तक की वीआईपी मेहमानों के लिए बनाए गए सर्किट हाउस में भी डेंगू का मच्छर व लारवा मिल चुका है। इससे यह भी सवाल उठता है कि मच्छर व इसके लारवा पर लगाम क्यों नहीं लगाया जा सका है।
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बिलासपुर। डेंगू से पहली मौत के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप का माहौल पैदा हो गया है। इस समय जिला में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 500 को छूने वाला है। प्रदेश में सबसे ज्यादा डेंगू से ग्रस्त मरीज भी बिलासपुर में ही है। करीब 460 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है लेकिन मंडी निवासी की डेंगू से हुई मौत के बाद खतरे की घंटी बज चुकी है।
बिलासपुर में सबसे पहले डियारा सेक्टर में डेंगू के मामले देखने को मिले थे। वार्ड आठ, नौ व दस में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज सामने आए थे। हालांकि मरीज स्वस्थ होते गए लेकिन उसके बावजूद भी डेंगू का आंकड़ा बढ़ता गया। रोजाना पांच से दस डेंगू के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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नगर परिषद भी लगातार सभी वार्डों में फोगिंग करवा रहा है। जबकि घर-घर जाकर स्प्रे व पानी की टंकियों, कूलरों, गमलों को खाली करवा रहा है लेकिन उसके बावजूद भी डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली, पुडूचेरी, शिमला, टांडा से भी डॉक्टरों व विशेषज्ञों की टीमें यहां पहुंच कर स्थिति का मुआयना कर चुकी हैं। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को भी डेंगू से सतर्क रहने व साफ-सफाई करने के लिए कह चुकी है लेकिन उसके बावजूद भी डेंगू का मच्छर पनप रहा है। यहां तक की वीआईपी मेहमानों के लिए बनाए गए सर्किट हाउस में भी डेंगू का मच्छर व लारवा मिल चुका है। इससे यह भी सवाल उठता है कि मच्छर व इसके लारवा पर लगाम क्यों नहीं लगाया जा सका है।
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