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आईपीएच विभाग के नघ्यार गांव में बोर करने से भड़के ग्रामीण
Updated Mon, 14 May 2018 10:00 PM IST
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दो हजार की आबादी को पेयजल संकट
नघ्यार गांव में बोर करने से भड़के ग्रामीण
मुख्यमंत्री जयराम से न्याय की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
शाहतलाई (बिलासपुर)।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग कलोल की ओर से ग्राम पंचायत नघ्यार के गांव नघ्यार में गुपचुप तरीके से बोर करके एक नया नलकूप लगाकर दूसरे गांवों के लिए पेयजल ले जाने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से न्याय की गुहार लगाई है।
पंचायत प्रधान सुशील कुमार और पंचायत समीति सदस्य अनुपमा शर्मा सहित बर्फी राम, हरिदास, यशपाल, भगवानदास, रजनी देवी, आशा देवी, प्रेमचंद, मूलराज, हंसराज, प्रकाश चंद, शक्ति चंद, मीरा देवी, रीना देवी, जयचंद, महिंद्र पाल, जीतराम, संध्या देवी, पुष्पा देवी, बालक राम, जैसीराम, कौशल्या देवी, सरोती, कुलदीप, श्रवण कुमार, शीला देवी, देश राज, बबीता देवी सहित 150 ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को विभाग की शिकायत करते हुए लिखा कि गांव नघ्यार एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इसमें करीब चार सौ परिवारों की दो हजार आबादी है। इसके चलते सिंचाई एवं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए आठ हैंडपंप लगवाए हैं, लेकिन इस समय मात्र दो हैंडपंपों से पानी निकल रहा है, जबकि छह हैंडपंप बंद पड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जैसे-जैसे ग्रामीणों की मांग पर विभाग नए हैंडपंप लगाता गया, वैसे ही पुराना हैंडपंप सूखता गया। इतना ही नही हैंडपंपों को बोर करने से गांव के प्राकृतिक जल स्रोत कुएं और बावड़ियां भी सूख गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने सूखे हैंडपंपों की कई बार शिकायत भी की, लेकिन विभाग की अनदेखी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि विभाग ने हैंडपंपों को तो दुरुस्त किया नहीं, जबकि एक नया बोर करके दूसरे गांव को पानी ले जाने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाई है कि इस बोर की न्यायिक जांच करवाकर नघ्यारवासियों को न्याय दिलाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि इस बोरवेल के चालू होने से ग्रामीणों की करीब 50 बीघा भूमि जो सिंचित हो रही है, वह भी बंजर हो जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आने वाले लोकसभा के चुनावों का बहिष्कार करके विरोध जताने पर मजबूर होंगे। उपमंडल कलोल के सहायक अभियंता सुरेश रणौत ने बताया कि अभी इस बोरवेल का जो पानी है, उसे टैंक में डाला जाएगा और उसके बाद इस गांव को भी पानी देने के लिए विभाग कार्यवाही कर रहा है।
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नघ्यार गांव में बोर करने से भड़के ग्रामीण
मुख्यमंत्री जयराम से न्याय की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
शाहतलाई (बिलासपुर)।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग कलोल की ओर से ग्राम पंचायत नघ्यार के गांव नघ्यार में गुपचुप तरीके से बोर करके एक नया नलकूप लगाकर दूसरे गांवों के लिए पेयजल ले जाने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से न्याय की गुहार लगाई है।
पंचायत प्रधान सुशील कुमार और पंचायत समीति सदस्य अनुपमा शर्मा सहित बर्फी राम, हरिदास, यशपाल, भगवानदास, रजनी देवी, आशा देवी, प्रेमचंद, मूलराज, हंसराज, प्रकाश चंद, शक्ति चंद, मीरा देवी, रीना देवी, जयचंद, महिंद्र पाल, जीतराम, संध्या देवी, पुष्पा देवी, बालक राम, जैसीराम, कौशल्या देवी, सरोती, कुलदीप, श्रवण कुमार, शीला देवी, देश राज, बबीता देवी सहित 150 ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को विभाग की शिकायत करते हुए लिखा कि गांव नघ्यार एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इसमें करीब चार सौ परिवारों की दो हजार आबादी है। इसके चलते सिंचाई एवं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए आठ हैंडपंप लगवाए हैं, लेकिन इस समय मात्र दो हैंडपंपों से पानी निकल रहा है, जबकि छह हैंडपंप बंद पड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जैसे-जैसे ग्रामीणों की मांग पर विभाग नए हैंडपंप लगाता गया, वैसे ही पुराना हैंडपंप सूखता गया। इतना ही नही हैंडपंपों को बोर करने से गांव के प्राकृतिक जल स्रोत कुएं और बावड़ियां भी सूख गई हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने सूखे हैंडपंपों की कई बार शिकायत भी की, लेकिन विभाग की अनदेखी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि विभाग ने हैंडपंपों को तो दुरुस्त किया नहीं, जबकि एक नया बोर करके दूसरे गांव को पानी ले जाने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाई है कि इस बोर की न्यायिक जांच करवाकर नघ्यारवासियों को न्याय दिलाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि इस बोरवेल के चालू होने से ग्रामीणों की करीब 50 बीघा भूमि जो सिंचित हो रही है, वह भी बंजर हो जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आने वाले लोकसभा के चुनावों का बहिष्कार करके विरोध जताने पर मजबूर होंगे। उपमंडल कलोल के सहायक अभियंता सुरेश रणौत ने बताया कि अभी इस बोरवेल का जो पानी है, उसे टैंक में डाला जाएगा और उसके बाद इस गांव को भी पानी देने के लिए विभाग कार्यवाही कर रहा है।
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