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बिलासपुर के निजी अस्पतालों की आयुष्मान योजना में नहीं रुचि
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। भारत सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत में बिलासपुर के निजी अस्पतालों की कोई दिलचस्पी नहीं है। आयुष्मान योजना को शुरू किए हुए काफी समय हो चुका है लेकिन जिला के एक भी निजी अस्पताल ने इस योजना के तहत अपना पंजीकरण नहीं करवाया है। इसके चलते मरीजों को आधुनिक तौर से इलाज करवाने के लिए बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक जिला में एक दर्जन के करीब निजी अस्पताल हैं वहीं हैरान करने की बात यह भी है कि एक भी अस्पताल ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है जिसके चलते यह योजना बिलासपुर जिला में सिरे नहीं चढ़ रही है। सूत्रों की मानें तो निजी अस्पताल प्रबंधकों को इस योजना के तहत सरकारी रेट सही नहीं बैठ रहे हैं। उनका कहना है कि वह इतने रेट में मरीजों का इलाज नहीं कर सकते हैं जिसके चलते वह इस योजना से जुड़ना नहीं चाहते हैं।
गौर हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के तहत देश के 10.74 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलेगी लेकिन बिलासपुर सहित प्रदेशभर में निजी अस्पतालों का पंजीकरण कम होने के चलते इस योजना में मरीजों को कम लाभ मिल रहा है।
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आयुष्मान योजना में बिलासपुर के एक भी निजी अस्पताल ने पंजीकरण नहीं करवाया है। आयुष्मान योजना में 5 लाख रुपये का नि:शुल्क इलाज करने की सुविधा है।
डॉ. परविंद्र सिंह, एमएच बिलासपुर
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बिलासपुर। भारत सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत में बिलासपुर के निजी अस्पतालों की कोई दिलचस्पी नहीं है। आयुष्मान योजना को शुरू किए हुए काफी समय हो चुका है लेकिन जिला के एक भी निजी अस्पताल ने इस योजना के तहत अपना पंजीकरण नहीं करवाया है। इसके चलते मरीजों को आधुनिक तौर से इलाज करवाने के लिए बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक जिला में एक दर्जन के करीब निजी अस्पताल हैं वहीं हैरान करने की बात यह भी है कि एक भी अस्पताल ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है जिसके चलते यह योजना बिलासपुर जिला में सिरे नहीं चढ़ रही है। सूत्रों की मानें तो निजी अस्पताल प्रबंधकों को इस योजना के तहत सरकारी रेट सही नहीं बैठ रहे हैं। उनका कहना है कि वह इतने रेट में मरीजों का इलाज नहीं कर सकते हैं जिसके चलते वह इस योजना से जुड़ना नहीं चाहते हैं।
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गौर हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के तहत देश के 10.74 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलेगी लेकिन बिलासपुर सहित प्रदेशभर में निजी अस्पतालों का पंजीकरण कम होने के चलते इस योजना में मरीजों को कम लाभ मिल रहा है।
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आयुष्मान योजना में बिलासपुर के एक भी निजी अस्पताल ने पंजीकरण नहीं करवाया है। आयुष्मान योजना में 5 लाख रुपये का नि:शुल्क इलाज करने की सुविधा है।
डॉ. परविंद्र सिंह, एमएच बिलासपुर
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