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प्रशासन नहीं हटा पाया एक भी अवैध कब्जा
Updated Mon, 05 Mar 2018 10:29 PM IST
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तोड़-फोड़ के विरोध में रौड़ा सैक्टर में एकत्रित हुए भाखड़ा विस्थापित।
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। शहर से अवैध कब्जे हटाने को लेकर प्रशासन सोमवार को अभियान शुरू नहीं कर पाया। हालांकि, प्रशासन ने कई कब्जों को चिन्हित कर दिया था। इसके बाद रविवार को एसडीएम बिलासपुर ने मौके पर जाकर लोगों से सोमवार तक अवैध कब्जे हटाने की अपील की थी। लेकिन, इसके बाद भी न तो लोगों ने कब्जे हटाए और न ही इस संबंध में प्रशासन सोमवार को कोई बड़ी कार्रवाई कर पाया। हालांकि, इस संबंध में छह मार्च को हाईकोर्ट में प्रशासन को अवैध कब्जों को लेकर स्टेट्स रिपोर्ट देनी है। बताया जा रहा है कि कब्जों को न हटाने को लेकर राजनेता भी हस्तक्षेप कर रहे हैं। इस कारण प्रशासन को अपनी कार्रवाई करने में परेशानी आ रही है। सोमवार को भी उपायुक्त और सदर के विधायक की करीब एक घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई, जिसे भी अवैध कब्जों को लेकर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने बिलासपुर शहर से 345 अवैध कब्जों को हटाने के सख्त आदेश दिए हैं। इस संबंध में हाईकोर्ट ने एक स्टेट्स रिपोर्ट जिला प्रशासन को 6 मार्च को कोर्ट में जमा करवाने को कहा है, लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन अब 6 मार्च को हाईकोर्ट में क्या स्टेट्स रिपोर्ट देगा। क्योंकि प्रशासन अभी तक अवैध कब्जों को चिन्हित करने के अलावा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाया है। हालांकि लोगों को सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक से बड़ी उम्मीद थी लेकिन बैठक में भी अवैध कब्जा धारकों को कोई राहत नहीं मिली। लोग सोमवार को विधायक के साथ उपायुक्त कार्यालय भी गए थे। जहां विधायक ने उपायुक्त के साथ बंद कमरे में करीब एक घंटा मंत्रणा की। जबकि, लोगों को मीटिंग हॉल में बैठा कर रखा गया था। इस संबंध में सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने बताया कि उन्होंने मामला सरकार के समक्ष उठाया है। सरकार विस्थापितों के हकों को लेकर गंभीर है। उन्होंने इस संबंध में सीएम से मुलाकात की है।
हाईकोर्ट के आदेशों की सख्ती से पालन किया जा रहा है। अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें हटाने के आदेश जारी कर दिया है। अगर लोग स्वयं कब्जे नहीं हटाते हैं तो प्रशासन कब्जे कटाएगा। कोर्ट के आदेश के अनुसार सभी अवैध कब्जे हटा दिए जाएंगे।
विवेक भाटिया, उपायुक्त बिलासपुर
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बिलासपुर। शहर से अवैध कब्जे हटाने को लेकर प्रशासन सोमवार को अभियान शुरू नहीं कर पाया। हालांकि, प्रशासन ने कई कब्जों को चिन्हित कर दिया था। इसके बाद रविवार को एसडीएम बिलासपुर ने मौके पर जाकर लोगों से सोमवार तक अवैध कब्जे हटाने की अपील की थी। लेकिन, इसके बाद भी न तो लोगों ने कब्जे हटाए और न ही इस संबंध में प्रशासन सोमवार को कोई बड़ी कार्रवाई कर पाया। हालांकि, इस संबंध में छह मार्च को हाईकोर्ट में प्रशासन को अवैध कब्जों को लेकर स्टेट्स रिपोर्ट देनी है। बताया जा रहा है कि कब्जों को न हटाने को लेकर राजनेता भी हस्तक्षेप कर रहे हैं। इस कारण प्रशासन को अपनी कार्रवाई करने में परेशानी आ रही है। सोमवार को भी उपायुक्त और सदर के विधायक की करीब एक घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई, जिसे भी अवैध कब्जों को लेकर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने बिलासपुर शहर से 345 अवैध कब्जों को हटाने के सख्त आदेश दिए हैं। इस संबंध में हाईकोर्ट ने एक स्टेट्स रिपोर्ट जिला प्रशासन को 6 मार्च को कोर्ट में जमा करवाने को कहा है, लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन अब 6 मार्च को हाईकोर्ट में क्या स्टेट्स रिपोर्ट देगा। क्योंकि प्रशासन अभी तक अवैध कब्जों को चिन्हित करने के अलावा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाया है। हालांकि लोगों को सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक से बड़ी उम्मीद थी लेकिन बैठक में भी अवैध कब्जा धारकों को कोई राहत नहीं मिली। लोग सोमवार को विधायक के साथ उपायुक्त कार्यालय भी गए थे। जहां विधायक ने उपायुक्त के साथ बंद कमरे में करीब एक घंटा मंत्रणा की। जबकि, लोगों को मीटिंग हॉल में बैठा कर रखा गया था। इस संबंध में सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने बताया कि उन्होंने मामला सरकार के समक्ष उठाया है। सरकार विस्थापितों के हकों को लेकर गंभीर है। उन्होंने इस संबंध में सीएम से मुलाकात की है।
हाईकोर्ट के आदेशों की सख्ती से पालन किया जा रहा है। अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें हटाने के आदेश जारी कर दिया है। अगर लोग स्वयं कब्जे नहीं हटाते हैं तो प्रशासन कब्जे कटाएगा। कोर्ट के आदेश के अनुसार सभी अवैध कब्जे हटा दिए जाएंगे।
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विवेक भाटिया, उपायुक्त बिलासपुर