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आपदा प्रबंधन के लिए 248 करोड़ का प्रावधान

Thu, 23 Jun 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर। Updated Thu, 23 Jun 2016 12:12 AM IST
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240 crore budget for degaster mangement
आपदा प्रबंधन बैठक की अध्यक्षता करते आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा। - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश में किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए 248 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं आपदा से निपटने के लिए सभी भी विभागों को भी तैयार रहने की जरूरत है। यह बात हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने बिलासपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दी।

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उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण प्रदेश में आपदा की आशंका हमेशा बनी रहती है। जिला प्रशासन को सभी विभागों के साथ ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। राजेंद्र राणा ने कहा कि अधिकतर प्राकृतिक आपदाओं के आने की आशंका बरसात के मौसम में अधिक रहती है।
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उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की टीमें हर स्कूल में ऐसी आपदाओं पर मॉक ड्रिल का आयोजन करें। जिला के पूर्व सैनिकों, एनसीसी, एनएसएस, महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयंसेवियों को भी इसमें शामिल कर प्रशिक्षित किया जाए ताकि ऐसी आपदाओं के आने पर अधिक से अधिक बचाव हो सके।
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बीबीएमबी से करें गोताखोंरो की मांग
राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि वे जिला में बांधों, नदियों-नालों के किनारों से प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता के आधार पर हटाएं ताकि किसी प्रकार की जान-माल का नुकसान न हो।

उन्होंने कहा कि जिला में दो बांध परियोजनाएं  हैं। इसलिए जिला प्रशासन इन परियोजना के अधिकारियों और बीबीएमबी को पत्र लिखकर दो गोताखोरों की मांग करें ताकि  बांधों के किनारे होने वाली किसी भी संभावित घटना से तत्काल निपटा  जा सके ।

इसके अतिरिक्त इन बंाधों, नदी-नालों , पंचायतों, पटवार खानों  तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर प्राकृतिक आपदा से संबंधित टोल फ्री नंबर साइन बोर्डों पर लिखे जाएं ताकि आम लोग तत्काल जिला प्रशासन और अन्य सहायक एजेंसियों से संपर्क कर सके।

अस्पताल को मिलेंगी डायलिसिस मशीनें
राजेंद्र राणा ने कहा कि जिला अस्पताल के लिए दो डायलिसिस मशीनें उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे किडनी के रोग से पीड़ित लोगों को डायलिसिस के लिए चंडीगढ़ और अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा।


इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड को पत्र लिखने के लिए कहा। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. चांद प्रकाश शर्मा, एसडीएम सदर डॉ. हरीश गज्जू, एसडीएम घुमारवीं आदित्य नेगी, जिला राजस्व अधिकारी कविता ठाकुर, वन अरण्यपाल अनिल जोशी, अधिशाषी अभियंता आईपीएच  एसके शर्मा के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।         

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