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मनरेगा में हुई गड़बड़ी की दो सप्ताह में डीसी ने मांगी रिपोर्ट
Updated Mon, 14 Aug 2017 09:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
स्वारघाट(बिलासपुर)।
ग्राम पंचायत लैहड़ी के अंतर्गत गांव पलसेड़ वार्ड में मनरेगा में रास्ता निर्माण करने के बाद भी तारो देवी को मजदूरी न मिलने के मामले में उपायुक्त ने दो सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। इस संबंध में बीडीओ कार्यालय को आदेश जारी किए गए हैं। इससे महिला को मजदूरी मिलने की उम्मीद बंध गई है। नयनादेवी विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत लैहड़ी के गांव पलसेड निवासी तारो देवी पत्नी रामपाल ने स्थानीय पंचायत प्रधान पर मनरेगा कार्यों में धांधली और गड़बड़ी बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। तारो देवी ने बताया है कि उसने घर के लिए रास्ते का निर्माण करने के लिए मनरेगा के तहत जून में कार्य कराया है। इसमें अन्य मजदूरों के साथ-साथ उसने खुद भी मजदूरी की थी। मगी तारो देवी को 19 से 28 जून तक किए गए 10 दिन की मजदूरी का भुगतान लैहड़ी पंचायत ने नहीं किया जा रहा है। शिकायतकर्ता तारो देवी ने बताया है कि जबकि उसने खुद 13 से 30 जून तक लगातार उक्त रास्ते के निर्माण में मनरेगा के अंतर्गत कार्य किया है। इसके साथ लगे अन्य मजदूर उसकी हाजिरी के समय मौके के गवाह है। तारो देवी ने बताया कि 28 जून को 4 बजे शाम लैहड़ी पंचायत की प्रधान चंचल देवी एक वार्ड सदस्य को साथ लेकर काम पर आई और उसने 19 से 28 जून तक कि तारो देवी की गैरहाजिरी लगा दी। जबकि वह काम पर थी। गड़बड़ी की शिकायत हालांकि शिकायतकर्ता तारो देवी ने 4 जुलाई को बीडीओ स्वारघाट से भी की थी लेकिन कुछ समाधान नहीं किया गया। उपायुक्त बिलासपुर ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि बीडीओ स्वारघाट को जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्हें सारे मामले की जांच रिपोर्ट दो हफ्ते के भीतर उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर को सौंपने को कहा गया है।
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स्वारघाट(बिलासपुर)।
ग्राम पंचायत लैहड़ी के अंतर्गत गांव पलसेड़ वार्ड में मनरेगा में रास्ता निर्माण करने के बाद भी तारो देवी को मजदूरी न मिलने के मामले में उपायुक्त ने दो सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। इस संबंध में बीडीओ कार्यालय को आदेश जारी किए गए हैं। इससे महिला को मजदूरी मिलने की उम्मीद बंध गई है। नयनादेवी विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत लैहड़ी के गांव पलसेड निवासी तारो देवी पत्नी रामपाल ने स्थानीय पंचायत प्रधान पर मनरेगा कार्यों में धांधली और गड़बड़ी बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। तारो देवी ने बताया है कि उसने घर के लिए रास्ते का निर्माण करने के लिए मनरेगा के तहत जून में कार्य कराया है। इसमें अन्य मजदूरों के साथ-साथ उसने खुद भी मजदूरी की थी। मगी तारो देवी को 19 से 28 जून तक किए गए 10 दिन की मजदूरी का भुगतान लैहड़ी पंचायत ने नहीं किया जा रहा है। शिकायतकर्ता तारो देवी ने बताया है कि जबकि उसने खुद 13 से 30 जून तक लगातार उक्त रास्ते के निर्माण में मनरेगा के अंतर्गत कार्य किया है। इसके साथ लगे अन्य मजदूर उसकी हाजिरी के समय मौके के गवाह है। तारो देवी ने बताया कि 28 जून को 4 बजे शाम लैहड़ी पंचायत की प्रधान चंचल देवी एक वार्ड सदस्य को साथ लेकर काम पर आई और उसने 19 से 28 जून तक कि तारो देवी की गैरहाजिरी लगा दी। जबकि वह काम पर थी। गड़बड़ी की शिकायत हालांकि शिकायतकर्ता तारो देवी ने 4 जुलाई को बीडीओ स्वारघाट से भी की थी लेकिन कुछ समाधान नहीं किया गया। उपायुक्त बिलासपुर ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि बीडीओ स्वारघाट को जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्हें सारे मामले की जांच रिपोर्ट दो हफ्ते के भीतर उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर को सौंपने को कहा गया है।