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मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 225 रुपये की जाए
Updated Sat, 14 Jul 2018 11:42 PM IST
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2000 rupees
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस बिलासपुर कार्यकारिणी ने इंटक के प्रदेश अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह को अपनी मांगों को लेकर मांग पत्र सौंपा है जिसमें उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से मांग की है कि उनकी मांगों पर विचार-विमर्श किया जाए।
इंटक केे जिला अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर ने सौंपे मांग पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मनरेगा मजदूरों को एक वर्ष में 200 दिन का रोजगार दिया जाए। मनरेगा मजदूरों को भी वित्त विभाग हिमाचल प्रदेश की अधिसूचना के तहत 225 रुपये दिहाड़ी दी जाए। मनरेगा मजदूरों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। साथ ही मनरेगा में 50 दिन काम करने के उपरांत उन्हें श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत किया जाए। पंजीकृत महिला कामगारों को वाशिंग मशीनें दी जाएं। श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत पुरुष कामगारों को टूल किटें भी दी जाएं और कामगारों के लंबित क्लेमों की अदायगी अति शीघ्र की जाए।
लोक निर्माण विभाग और आईपीएच विभाग में बेलदार, पलंबर, पंप ऑपरेटर और चौकीदारों की भर्ती की जाए। फिल्ड में कार्यरत क्लास-3 श्रेणी के कुशल और अर्ध कुशल कर्मचारियों को टाइम पे स्केल दिया जाए। ठेकेदारों के पास कार्यरत कामगारों को वित्त विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार की अधिसूचना के तहत मासिक वेतन दिया जाए। श्रमिकों का पीएफ काटा जाए और उन्हें प्रत्येक माह कटौती की विवरणी दी जाए। आउट सोर्स प्रथा को बंद करके बेरोजगारों को सीधे तौर पर रोजगार दिया जाए। सभी विभागों/बोर्डों में कार्यरत आउट सोर्स कर्मचारियों को संबंधित विभागों में मर्ज किया जाए। आशा वर्करों व मिड-डे-मील वर्करों को दैनिक भोगी बनाया जाए। पंचायत चौकीदारों व वाटर गार्डों को नियमित किया जाए। कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की पेंशन स्कीम को बढ़ाकर कम से कम 10 हजार करने की मांगें शामिल हैं।
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बिलासपुर। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस बिलासपुर कार्यकारिणी ने इंटक के प्रदेश अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह को अपनी मांगों को लेकर मांग पत्र सौंपा है जिसमें उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से मांग की है कि उनकी मांगों पर विचार-विमर्श किया जाए।
इंटक केे जिला अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर ने सौंपे मांग पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मनरेगा मजदूरों को एक वर्ष में 200 दिन का रोजगार दिया जाए। मनरेगा मजदूरों को भी वित्त विभाग हिमाचल प्रदेश की अधिसूचना के तहत 225 रुपये दिहाड़ी दी जाए। मनरेगा मजदूरों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। साथ ही मनरेगा में 50 दिन काम करने के उपरांत उन्हें श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत किया जाए। पंजीकृत महिला कामगारों को वाशिंग मशीनें दी जाएं। श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत पुरुष कामगारों को टूल किटें भी दी जाएं और कामगारों के लंबित क्लेमों की अदायगी अति शीघ्र की जाए।
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लोक निर्माण विभाग और आईपीएच विभाग में बेलदार, पलंबर, पंप ऑपरेटर और चौकीदारों की भर्ती की जाए। फिल्ड में कार्यरत क्लास-3 श्रेणी के कुशल और अर्ध कुशल कर्मचारियों को टाइम पे स्केल दिया जाए। ठेकेदारों के पास कार्यरत कामगारों को वित्त विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार की अधिसूचना के तहत मासिक वेतन दिया जाए। श्रमिकों का पीएफ काटा जाए और उन्हें प्रत्येक माह कटौती की विवरणी दी जाए। आउट सोर्स प्रथा को बंद करके बेरोजगारों को सीधे तौर पर रोजगार दिया जाए। सभी विभागों/बोर्डों में कार्यरत आउट सोर्स कर्मचारियों को संबंधित विभागों में मर्ज किया जाए। आशा वर्करों व मिड-डे-मील वर्करों को दैनिक भोगी बनाया जाए। पंचायत चौकीदारों व वाटर गार्डों को नियमित किया जाए। कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की पेंशन स्कीम को बढ़ाकर कम से कम 10 हजार करने की मांगें शामिल हैं।
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