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शाम होते ही खेतों को तबाह कर देते है पशु
Updated Thu, 01 Mar 2018 07:04 PM IST
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शाम होते ही खेतों को तबाह कर देते हैं पशु
कई बार लोगों को पहुंचा चुके हैं अस्पताल
लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं लावारिस पशु
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)।
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में लावारिस पशुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन लावारिस पशुओं की संख्या में हो रही बढ़ोतरी न केवल किसानों के लिए बल्कि राहगीरों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है। किसानों और आम लोगों को लावारिस पशुओं से राहत मिलने की उम्मीद अभी कम ही दिखाई दे रही है। यह बात अलग है कि जनप्रतिनिधियों ने यह दावे भी किए थे कि जैसे ही उनकी सरकार बनेगी, तो उनकी प्राथमिकता लावारिस पशुओं से लोगों और किसानों को निजात दिलाना रहेगी।
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश पंचायतें लावारिस पशुओं के आतंक की चपेट में हैं। यह लावारिस पशु न केवल किसानों की फसल को चट कर रहे हैं, बल्कि ये लोगों पर जानलेवा हमला भी कर रहे हैं, जिससे कई लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। कई लोगों की पशुओं के हमलों में मौत हो चुकी है। लोगों सोहन लाल, राकेश कुमार, सावित्री देवी, मीरा देवी, जयचंद, दाताराम, खेमराज, सुरेंद्र कुमार, शीतल कुमार, बुद्धि सिंह, नेम सिंह, कौशल्या देवी, रीना देवी, गजाराम, प्रेमलाल सहित विभिन्न किसानों ने बताया कि इस बार मौसम फसल के अनुकूल होने के कारण अच्छी फसल होने की उम्मीद बंधी है, लेकिन लावारिस पशुओं की अचानक बढ़ोतरी से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। किसानों ने बताया कि दिनभर तो यह लावारिस पशु सड़क और चौराहों पर यातायात व्यवस्था को बाधित करने में अपनी भूमिका निभाते हैं। जैसे ही अंधेरा होने लगता है तो ये पशु किसानों के खेतों की ओर रुख कर लेते हैं। जैसे ही किसान सुबह उठकर अपने खेतों को देखने जाता है तो वह माथा पीट कर रह जाता है क्योंकि उसके खून पसीने से कमाई फसल को लावारिस पशु चट कर जाते हैं। ऐसे में किसान अपनी फसल को उजड़ते देख माथा पीट कर रह जाता है।
घुमारवीं के विधायक राजेंद्र गर्ग ने बताया कि यह समस्या उनके ध्यान में है तथा किसान कई वर्षों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र सरकार का ध्यान भी इस ओर दिलाएंगे तथा लोगों को इस समस्या से शीघ्र ही निजात दिलाई जाएगी।
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कई बार लोगों को पहुंचा चुके हैं अस्पताल
लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं लावारिस पशु
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)।
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में लावारिस पशुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन लावारिस पशुओं की संख्या में हो रही बढ़ोतरी न केवल किसानों के लिए बल्कि राहगीरों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है। किसानों और आम लोगों को लावारिस पशुओं से राहत मिलने की उम्मीद अभी कम ही दिखाई दे रही है। यह बात अलग है कि जनप्रतिनिधियों ने यह दावे भी किए थे कि जैसे ही उनकी सरकार बनेगी, तो उनकी प्राथमिकता लावारिस पशुओं से लोगों और किसानों को निजात दिलाना रहेगी।
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश पंचायतें लावारिस पशुओं के आतंक की चपेट में हैं। यह लावारिस पशु न केवल किसानों की फसल को चट कर रहे हैं, बल्कि ये लोगों पर जानलेवा हमला भी कर रहे हैं, जिससे कई लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। कई लोगों की पशुओं के हमलों में मौत हो चुकी है। लोगों सोहन लाल, राकेश कुमार, सावित्री देवी, मीरा देवी, जयचंद, दाताराम, खेमराज, सुरेंद्र कुमार, शीतल कुमार, बुद्धि सिंह, नेम सिंह, कौशल्या देवी, रीना देवी, गजाराम, प्रेमलाल सहित विभिन्न किसानों ने बताया कि इस बार मौसम फसल के अनुकूल होने के कारण अच्छी फसल होने की उम्मीद बंधी है, लेकिन लावारिस पशुओं की अचानक बढ़ोतरी से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। किसानों ने बताया कि दिनभर तो यह लावारिस पशु सड़क और चौराहों पर यातायात व्यवस्था को बाधित करने में अपनी भूमिका निभाते हैं। जैसे ही अंधेरा होने लगता है तो ये पशु किसानों के खेतों की ओर रुख कर लेते हैं। जैसे ही किसान सुबह उठकर अपने खेतों को देखने जाता है तो वह माथा पीट कर रह जाता है क्योंकि उसके खून पसीने से कमाई फसल को लावारिस पशु चट कर जाते हैं। ऐसे में किसान अपनी फसल को उजड़ते देख माथा पीट कर रह जाता है।
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घुमारवीं के विधायक राजेंद्र गर्ग ने बताया कि यह समस्या उनके ध्यान में है तथा किसान कई वर्षों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र सरकार का ध्यान भी इस ओर दिलाएंगे तथा लोगों को इस समस्या से शीघ्र ही निजात दिलाई जाएगी।
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