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बसें न आने से अभिभावकों ने बच्चों को नहीं भेजा स्कूल
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:11 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिलासपुर में निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल व प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रखा। दूसरे दिन भी निजी बसों के न मिलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि निगम ने अपनी पूरी बसों को सड़कों पर उतार दिया था लेकिन उसके बावजूद भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को टैैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। मजबूरी में लोगों को छोटी गाड़ी वालों को मनमाने किराये भी देने पड़े।
निजी बसों के न चलने से नौकरीपेशा, स्कूल व कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को खासी परेशानी हुई। कई जगहों पर तो अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भी नहीं भेजा। इससे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर देखने को मिला। जिला के कई ऐसे इलाके थे जहां पर केवल निजी बसें ही जाती हैं। ऐसे में यहां के लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
हालांकि एचआरटीसी ने भी अपनी तरफ से लोगों को बस सुविधा मुहैया करवाने की कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन कई जगहों पर लोगों को खासी दिक्कतें हुईं। सरकारी बसें बस अड्डा से ही यात्रियों से खचाखच भरी थी। टैक्सी वाले भी लोगों से मनमाने दाम वसूलते रहे। मजबूरी में लोगों को भी मनमाने दाम देने पड़े।
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इसके अलावा सुंदरनगर, सलापड़, बरमाणा, ब्रह्मपुखर के लिए भी बिलासपुर बस अड्डा से अतिरिक्त बसें चलाई गईं। इसके अलावा घुमारवीं बस अड्डा से बरठीं, लदरौर, बलद्वाड़ा के लिए भी निगम ने अतिरिक्त बसों का प्रबंधन कर रखा था। अतिरिक्त 18 बसों के अलावा निगम ने वर्कशॉप में खड़ी लंबी दूरी की सभी बसों को सड़क पर उतार दिया था। निगम की ओर से छुट्टी पर गए व रेस्ट पर गए सभी चालकों व परिचालकों को वापस बुला लिया गया था।
आरएम बिलासपुर पवन कुमार शर्मा ने बताया कि निगम ने अपनी सभी बसों को यात्रियों की सुविधा के लिए लगा दिया था। सभी चालकों व परिचालकों को वापस बुला लिया गया था। पूरा का पूरा स्टाफ फील्ड पर तैनात कर दिया था।
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बिलासपुर। बिलासपुर में निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल व प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रखा। दूसरे दिन भी निजी बसों के न मिलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि निगम ने अपनी पूरी बसों को सड़कों पर उतार दिया था लेकिन उसके बावजूद भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को टैैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। मजबूरी में लोगों को छोटी गाड़ी वालों को मनमाने किराये भी देने पड़े।
निजी बसों के न चलने से नौकरीपेशा, स्कूल व कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को खासी परेशानी हुई। कई जगहों पर तो अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भी नहीं भेजा। इससे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर देखने को मिला। जिला के कई ऐसे इलाके थे जहां पर केवल निजी बसें ही जाती हैं। ऐसे में यहां के लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
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हालांकि एचआरटीसी ने भी अपनी तरफ से लोगों को बस सुविधा मुहैया करवाने की कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन कई जगहों पर लोगों को खासी दिक्कतें हुईं। सरकारी बसें बस अड्डा से ही यात्रियों से खचाखच भरी थी। टैक्सी वाले भी लोगों से मनमाने दाम वसूलते रहे। मजबूरी में लोगों को भी मनमाने दाम देने पड़े।
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इसके अलावा सुंदरनगर, सलापड़, बरमाणा, ब्रह्मपुखर के लिए भी बिलासपुर बस अड्डा से अतिरिक्त बसें चलाई गईं। इसके अलावा घुमारवीं बस अड्डा से बरठीं, लदरौर, बलद्वाड़ा के लिए भी निगम ने अतिरिक्त बसों का प्रबंधन कर रखा था। अतिरिक्त 18 बसों के अलावा निगम ने वर्कशॉप में खड़ी लंबी दूरी की सभी बसों को सड़क पर उतार दिया था। निगम की ओर से छुट्टी पर गए व रेस्ट पर गए सभी चालकों व परिचालकों को वापस बुला लिया गया था।
आरएम बिलासपुर पवन कुमार शर्मा ने बताया कि निगम ने अपनी सभी बसों को यात्रियों की सुविधा के लिए लगा दिया था। सभी चालकों व परिचालकों को वापस बुला लिया गया था। पूरा का पूरा स्टाफ फील्ड पर तैनात कर दिया था।
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