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श्रीनयना देवी में एक से 10 अगस्त तक होगा मेलों का आयोजन
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श्रीनयना देवी(बिलासपुर)। उपायुक्त एवं अध्यक्ष श्री नयना देवी मंदिर न्यास राजेश्वर गोयल ने कहा कि श्रावण अष्टमी नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
जिला प्रशासन के साथ-साथ ड्यूटी पर लगाए गए अन्य कर्मचारी, न्यासी तथा स्वयंसेवी संस्थाएं व सेवा दल के सदस्य पूर्ण तत्परता, सहयोग और श्रद्धाभाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कार्य करें ताकि श्रावण अष्टमी मेला पूर्णता: शांति पूर्वक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
एक से 10 अगस्त तक आयोजित किए जाने वाले श्रावण अष्टमी मेलों के सफल आयोजन के लिए श्री नयनादेवी जी स्थित मातृ आंचल में एक बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त ने कहा मेले के दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को मेला अधिकारी व उप मंडलाधिकारी स्वारघाट को सहायक मेला अधिकारी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। मंदिर परिसर को 9 सेक्टरों में बांटा जाएगा। हर सेक्टर में सेक्टर अधिकारी तैनात किए जाएंगे तथा लगभग 25 स्थानों पर रोड मैप लगाए जाएंगे जोकि दर्शाएंगे कि श्रद्धालु कहां पहुंच रहे हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे तथा नागरिक सुरक्षा व यातायात सुचारु व सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, होम गार्ड के अतिरिक्त सेवा दल के सदस्यों को सभी नियुक्त किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद व अन्य संबंधित अधिकारी श्री नयना देवी जी के भवनों में जाकर निरीक्षण करेंगे ताकि श्रद्धालुओं को इन भवनों में ठहरने से कोई भी परेशानी न हो। मेले के दौरान जेब कतरों व अन्य असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सजग, सचेत और प्रशिक्षित सीसीटीवी विजिलेंस टीमें कार्य करेंगी।
श्रावण अष्टमी मेले के दौरान दिव्यांगों तथा बुजुर्गों के लिए घवांडल से मंदिर तक सुगम वाहन की व्यवस्था की जाएगी ताकि उन्हें माता श्रीनयना देवी जी के दर्शन करने के लिए किसी भी प्रकार की कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। दुर्घटनाओं से बचने के लिए मेला क्षेत्र का निरीक्षण करना सुनिश्चित बनाएं और बसों तथा अन्य वाहनों में ओवरलोडिंग न हो इसलिए नियमित निरीक्षण करें। कहा कि साथ लगती तीनों पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों से मेले के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में उचित सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि मेला शुरू होने से पहले जीवन रक्षक व आपातकालीन स्थिति में दी जाने वाली दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित कर लें। इस मौके पर एसडीएम अनिल चौहान, एडीएम राजीव कुमार, डीएसपी संजय शर्मा, तहसीलदार एवं मंदिर अधिकारी दुर्गा दास यादव आदि मौजूद रहे।
जिला प्रशासन के साथ-साथ ड्यूटी पर लगाए गए अन्य कर्मचारी, न्यासी तथा स्वयंसेवी संस्थाएं व सेवा दल के सदस्य पूर्ण तत्परता, सहयोग और श्रद्धाभाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कार्य करें ताकि श्रावण अष्टमी मेला पूर्णता: शांति पूर्वक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
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एक से 10 अगस्त तक आयोजित किए जाने वाले श्रावण अष्टमी मेलों के सफल आयोजन के लिए श्री नयनादेवी जी स्थित मातृ आंचल में एक बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त ने कहा मेले के दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को मेला अधिकारी व उप मंडलाधिकारी स्वारघाट को सहायक मेला अधिकारी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। मंदिर परिसर को 9 सेक्टरों में बांटा जाएगा। हर सेक्टर में सेक्टर अधिकारी तैनात किए जाएंगे तथा लगभग 25 स्थानों पर रोड मैप लगाए जाएंगे जोकि दर्शाएंगे कि श्रद्धालु कहां पहुंच रहे हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे तथा नागरिक सुरक्षा व यातायात सुचारु व सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, होम गार्ड के अतिरिक्त सेवा दल के सदस्यों को सभी नियुक्त किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद व अन्य संबंधित अधिकारी श्री नयना देवी जी के भवनों में जाकर निरीक्षण करेंगे ताकि श्रद्धालुओं को इन भवनों में ठहरने से कोई भी परेशानी न हो। मेले के दौरान जेब कतरों व अन्य असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सजग, सचेत और प्रशिक्षित सीसीटीवी विजिलेंस टीमें कार्य करेंगी।
श्रावण अष्टमी मेले के दौरान दिव्यांगों तथा बुजुर्गों के लिए घवांडल से मंदिर तक सुगम वाहन की व्यवस्था की जाएगी ताकि उन्हें माता श्रीनयना देवी जी के दर्शन करने के लिए किसी भी प्रकार की कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। दुर्घटनाओं से बचने के लिए मेला क्षेत्र का निरीक्षण करना सुनिश्चित बनाएं और बसों तथा अन्य वाहनों में ओवरलोडिंग न हो इसलिए नियमित निरीक्षण करें। कहा कि साथ लगती तीनों पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों से मेले के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में उचित सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि मेला शुरू होने से पहले जीवन रक्षक व आपातकालीन स्थिति में दी जाने वाली दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित कर लें। इस मौके पर एसडीएम अनिल चौहान, एडीएम राजीव कुमार, डीएसपी संजय शर्मा, तहसीलदार एवं मंदिर अधिकारी दुर्गा दास यादव आदि मौजूद रहे।