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17 मई तक स्कूलों को देनी होगी वार्षिक परिणाम की रिपोर्ट

Tue, 15 May 2018 11:01 PM IST
Updated Tue, 15 May 2018 11:01 PM IST
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17 मई तक स्कूलों को देनी होगी वार्षिक परिणाम की रिपोर्ट
बिलासपुर।
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शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को 17 मई तक बच्चों के परीक्षा परिणाम की रिपोर्ट देने को कहा है। स्कूल संचालकों को बताना होगा कि उनके स्कूल में कितने बच्चे पास हुए हैं और कितने बच्चे परीक्षा में फेल। इसके अलावा कंपार्टमेंट वाले छात्र-छात्राओं का रिकॉर्ड भी शिक्षा विभाग को देना है। वार्षिक परीक्षा परिणाम बेहतर न देने वाले स्कूल जांच के दायरे में आएंगे। स्कूलों की जांच के लिए प्रदेश सरकार कमेटियों का गठन करेगी। सरकार ने यह फैसला स्कूलों में गिर रहे शिक्षा स्तर को देखते हुए लिया है। स्कूलों को 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम की रिपोर्ट विभाग के पास जमा करवानी होगी।

शिक्षा उपनिदेशक उच्च बिलासपुर अमर सिंह ठाकुर ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि अगर सभी स्कूलों के परीक्षा परिणाम के आंकड़े शिक्षा विभाग के पास पहुंच जाते हैं तो इससे यह पता लग जाएगा कि जिले में कितने बच्चे फेल हुए तथा कितने बच्चे पास हुए। उन्होंने बताया कि जिले के अधिकांश सरकारी तथा निजी स्कूलों के दसवीं तथा बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम के आंकड़े उपनिदेशक कार्यालय में पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी तक जिले में कुछ ऐसे स्कूल हैं जिनके आंकड़े अभी तक कार्यालय में नहीं पहुंचे हैं। इसके चलते आगे की कार्यवाही करने में शिक्षा विभाग को परेशानी हो रही है। उन्होंने स्कूलों को कड़े आदेश दिए हैं कि 17 मई तक हर हाल में कार्यालय में रिकॉर्ड जमा करवाएं। उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास सभी स्कूलों के आंकड़े पहुंच जाते हैं तो हमें यह भी ज्ञात हो जाएगा कि कौन से ऐसे स्कूल हैं, जहां पर सबसे अधिक छात्र फेल हुए। इसके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से कमेटियों का गठन किया जाएगा। कमेटियां स्कूलों में जांच करेंगी कि क्या कारण रहे जिससे बच्चे फेल हुए। इसके लिए जो भी कारण सामने निकल कर आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। अगर स्कूल में अध्यापकों की कमी से बच्चे फेल हो रहे हैं तो वहां पर अध्यापकों को नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों ने अच्छे अंक प्राप्त किए हैं उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
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