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डिप्युटी कमांडेंट कमलेश कुमार पंचतत्व में विलीन
Updated Sun, 25 Mar 2018 12:00 AM IST
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आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट कमलेश कुमार पंचतत्व में विलीन
दिल का दौरा पड़ने के बाद चंडीगढ़ पीजीआई में हुआ निधन
सैन्य सम्मान के साथ धार टटोह में हुआ अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)। भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस में डिप्टी कमांडेंट कमलेश कुमार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 55 वर्षीय कमलेश कुमार पटियाला में सेवाएं दे रहे थे। कमलेश कुमार को उपचार के लिए चंडीगढ़ पीजीआई अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां शुक्रवार को उनका निधन हो गया।
शनिवार को सैनिक सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सेना की टुकड़ी ने 21 फायर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। लेकिन, कोई भी नेता या सरकारी अधिकारी इस दौरान मौजूद नहीं रहा। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल रहे।
तिरंगे में लिपटा कमलेश कुमार पुत्र जेंडू राम का पार्थिव शरीर जैसे ही पैतृक गांव धार टटोह पहुंचा तो कमलेश कुमार अमर रहे के नारों से इलाका गूंज उठा। बेटे अरुणेश ने मुखाग्नि दी।
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गौरतलब है कि कमलेश कुमार ने 1981 में भारतीय तिब्बत सेना पुलिस में बतौर सिपाही अपनी सेवाएं शुरू की थीं। सेना में रहते हुए उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में सेवाएं दीं। वर्तमान में पटियाला में तैनात थे। यहां से उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ आए थे। लेकिन, वहां उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। कमलेश कुमार अपने पीछे पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू छोड़ गए हैं।
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दिल का दौरा पड़ने के बाद चंडीगढ़ पीजीआई में हुआ निधन
सैन्य सम्मान के साथ धार टटोह में हुआ अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)। भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस में डिप्टी कमांडेंट कमलेश कुमार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 55 वर्षीय कमलेश कुमार पटियाला में सेवाएं दे रहे थे। कमलेश कुमार को उपचार के लिए चंडीगढ़ पीजीआई अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां शुक्रवार को उनका निधन हो गया।
शनिवार को सैनिक सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सेना की टुकड़ी ने 21 फायर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। लेकिन, कोई भी नेता या सरकारी अधिकारी इस दौरान मौजूद नहीं रहा। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल रहे।
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तिरंगे में लिपटा कमलेश कुमार पुत्र जेंडू राम का पार्थिव शरीर जैसे ही पैतृक गांव धार टटोह पहुंचा तो कमलेश कुमार अमर रहे के नारों से इलाका गूंज उठा। बेटे अरुणेश ने मुखाग्नि दी।
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गौरतलब है कि कमलेश कुमार ने 1981 में भारतीय तिब्बत सेना पुलिस में बतौर सिपाही अपनी सेवाएं शुरू की थीं। सेना में रहते हुए उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में सेवाएं दीं। वर्तमान में पटियाला में तैनात थे। यहां से उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ आए थे। लेकिन, वहां उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। कमलेश कुमार अपने पीछे पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू छोड़ गए हैं।