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सोलधा पंचायत के विकास कार्यों में गोलमाल का मामला पहुंचा पीएमओ
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बिलासपुर। जिले की ग्राम पंचायत सोलधा में विकास कार्याें में हुए गोलमाल के आरोप जांच में सिद्ध होने के बाद भी भ्रष्टाचार में संलिप्त जनप्रतिनिधियों को पद से नहीं हटाया गया। इसको लेकर अब शिकायतकर्ता ने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिख कर मामले में उचित कदम उठाने की मांग की है। इसके बाद इस मामले की जांच के लिए पीएमओ से पत्र संख्या पीएमओपीजी /डी/2019/0105489 के तहत राज्य सरकार के मुख्य सचिव को पत्र आया है।
शिकायत कर्ता मुंशी राम ठाकुर और वार्ड सदस्य दिला राम का कहना है कि पंचायत के विकास कार्य में गोलमाल हुआ है जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों की संलिप्तता जांच में पाई गई है जिसमें कुछ पूर्व पंचायत प्रतिनिधि हैं। जबकि कुछ वर्तमान पंचायत जन प्रतिनिधि हैं।
कहा कि नियमानुसार अगर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो पंचायत प्रतिनिधियों को पद से हटाने का प्रावधान है लेकिन आरोप सिद्ध होने के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से जन प्रतिनिधियों को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा सके हैं।
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प्रार्थी का आरोप है कि जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत दी है वह वह लोग उन्हें मारने की भी धमकी दे रहे हैं। उक्त लोगों का कहना है कि इस मामले में उचित कदम उठाने के संबंध में वह कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से भी मिले लेकिन उसके बाद भी इस संबंध में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली को पत्र लिख कर न्याय की मांग की है, जहां से अब सूचना आई है कि इस मामले में मुख्य सचिव राज्य सरकार को पत्र लिख कर पीएमओ ने कार्रवाई करने को कहा है।
शिकायत कर्ता मुंशी राम ठाकुर और वार्ड सदस्य दिला राम का कहना है कि पंचायत के विकास कार्य में गोलमाल हुआ है जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों की संलिप्तता जांच में पाई गई है जिसमें कुछ पूर्व पंचायत प्रतिनिधि हैं। जबकि कुछ वर्तमान पंचायत जन प्रतिनिधि हैं।
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कहा कि नियमानुसार अगर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो पंचायत प्रतिनिधियों को पद से हटाने का प्रावधान है लेकिन आरोप सिद्ध होने के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से जन प्रतिनिधियों को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा सके हैं।
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प्रार्थी का आरोप है कि जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत दी है वह वह लोग उन्हें मारने की भी धमकी दे रहे हैं। उक्त लोगों का कहना है कि इस मामले में उचित कदम उठाने के संबंध में वह कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से भी मिले लेकिन उसके बाद भी इस संबंध में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली को पत्र लिख कर न्याय की मांग की है, जहां से अब सूचना आई है कि इस मामले में मुख्य सचिव राज्य सरकार को पत्र लिख कर पीएमओ ने कार्रवाई करने को कहा है।