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किसानों को रेशमपालन के प्रति किया प्रोत्साहित
Updated Sat, 11 Aug 2018 08:48 PM IST
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किसानों को रेशमपालन के प्रति किया प्रोत्साहित
विजयपुर में जागरूकता शिविर का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। केंद्रीय रेशमबोर्ड भारत सरकार के तत्वावधान में ग्रामीण महिलाओं को रेशमपालन द्वारा आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर विजयपुर स्थित चेतना संस्था के नवनिर्मित कार्यालय में किया गया। इसमें घुमारवीं व झंडूता विधानसभा क्षेत्र के निकटवर्ती पंचायतों अमरपुर, समोह, हीरापुर, औहर, चकराणा और कसेह के 500 महिलाओं ने भाग लिया।
इस एक दिवसीय जागरूकता शिविर की अध्यक्षता चेतना संस्था की संस्थापक सदस्य डॉ. मल्लिका नड्डा ने की। रेशमपालन के इस जागरूकता शिविर में जिले की लगभग 600 महिलाएं जुड़ी हैं जिन्हें इस शिविर में पांच-पांच शहतूत के पौधे भी वितरित किए गए ताकि वे अपना व्यवसाय आरंभ कर सकें।
महिलाओं का आह्वान किया कि वे वैज्ञानिकों की ओर से सुझाए गए तरीकों को अपनाकर अपनी आजीविका घरद्वार बैठकर कमा सकती हैं। नड्डा ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व रेशमपालन में जिला अग्रणी भूमिका निभा रहा था, लेकिन कुछ समय से लोगों को इसमें रुझान कम हो गया जिसे जागृत करने के उद्देश्य से केंद्रीय रेशमबोर्ड भारत सरकार ने पहल कर के जिला के लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया।
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इससे पूर्व पूरे राज्य में 15 रेशम धागाकरण इकाइयां स्थापित कीं तथा जिसमें से चार बिलासपुर जिले में हीरापुर, पंजगाई, कंदरौर व चकराणा में हैं। कृषि अनुसंधान केंद्र घुमारवीं डॉ. सीके पुरोहित ने इस क्षेत्र में आ रही नई-नई तकनीकों की जानकारी महिलाओं को दी और आग्रह किया कि वे इन वितरित किये गये शहतूत के पौधों को विकसित कर अपना स्वरोजगार आरंभ कर सकती हैं। इस अवसर पर घुमारवीं के विधायक राजेंद्र गर्ग, झंडूता विधायक जीतराम कटवाल सहित कई अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
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...खेमराज शर्मा।
विजयपुर में जागरूकता शिविर का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। केंद्रीय रेशमबोर्ड भारत सरकार के तत्वावधान में ग्रामीण महिलाओं को रेशमपालन द्वारा आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर विजयपुर स्थित चेतना संस्था के नवनिर्मित कार्यालय में किया गया। इसमें घुमारवीं व झंडूता विधानसभा क्षेत्र के निकटवर्ती पंचायतों अमरपुर, समोह, हीरापुर, औहर, चकराणा और कसेह के 500 महिलाओं ने भाग लिया।
इस एक दिवसीय जागरूकता शिविर की अध्यक्षता चेतना संस्था की संस्थापक सदस्य डॉ. मल्लिका नड्डा ने की। रेशमपालन के इस जागरूकता शिविर में जिले की लगभग 600 महिलाएं जुड़ी हैं जिन्हें इस शिविर में पांच-पांच शहतूत के पौधे भी वितरित किए गए ताकि वे अपना व्यवसाय आरंभ कर सकें।
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महिलाओं का आह्वान किया कि वे वैज्ञानिकों की ओर से सुझाए गए तरीकों को अपनाकर अपनी आजीविका घरद्वार बैठकर कमा सकती हैं। नड्डा ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व रेशमपालन में जिला अग्रणी भूमिका निभा रहा था, लेकिन कुछ समय से लोगों को इसमें रुझान कम हो गया जिसे जागृत करने के उद्देश्य से केंद्रीय रेशमबोर्ड भारत सरकार ने पहल कर के जिला के लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया।
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इससे पूर्व पूरे राज्य में 15 रेशम धागाकरण इकाइयां स्थापित कीं तथा जिसमें से चार बिलासपुर जिले में हीरापुर, पंजगाई, कंदरौर व चकराणा में हैं। कृषि अनुसंधान केंद्र घुमारवीं डॉ. सीके पुरोहित ने इस क्षेत्र में आ रही नई-नई तकनीकों की जानकारी महिलाओं को दी और आग्रह किया कि वे इन वितरित किये गये शहतूत के पौधों को विकसित कर अपना स्वरोजगार आरंभ कर सकती हैं। इस अवसर पर घुमारवीं के विधायक राजेंद्र गर्ग, झंडूता विधायक जीतराम कटवाल सहित कई अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
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...खेमराज शर्मा।