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मेले में आए व्यापारियों के बच्चे सिर खड्ड में कर रहे अठखेलियां
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घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं सिर खड्ड में बच्चों और युवाओं की ओर से की जा रही अठखेलियां कभी भी किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। हालांकि प्रशासन ने यहां पर साइन बोर्ड लगाकर लोगों को खड्ड के पास न जाने और यहां पर नहाने के लिए मनाही की गई है लेकिन उसके बावजूद भी दूसरे राज्यों से आए व्यापारियों के बच्चे व युवा नहाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। जबकि सिर खड्ड से निकलने वाली पेयजल व सिंचाई योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
घुमारवीं के सिर खड्ड किनारे पांच से नौ अप्रैल तक ग्रीष्मोत्सव मेला मनाया जाता है। मेले में व्यापारी दूसरे राज्यों से आकर अपनी दुकानदारी करते हैं। दुकानदारों के साथ उनके परिजन व उनके बच्चे भी आते हैं, जो अकसर सिर खड्ड में नहाते हैं। ऐसे में इन बच्चों की लापरवाही इन पर भारी पड़ सकती है लेकिन उसके बावजूद भी यह यहां पर नहाने से गुरेज नहीं करते।
घुमारवीं क्षेत्र में पानी में डूबने से पहले भी कई मौतें हो चुकी हैं और बाद में प्रशासन भी हाथ पे हाथ धरा रह जाता है।
प्रशासन अगर कुछ मुस्तैदी दिखाए और सिर खड्ड में नहा रहे बच्चों को नहाने से रोके तो बाद में सिर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी। यह बच्चे जो सिर खड्ड में नहा रहे हैं वह मेला स्थल के साथ में है और एसडीएम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर है। प्रशासन बरसात के दिनों में सूचना पट लगाकर लोगों को सिर खड्ड में जाने से रोकता भी है, पर आजकल जो बच्चे सिर खड्ड में नहा रहे हैं उनको देखकर अनजान बना हुआ है। मेले के शुरू होने के पश्चात खड्ड में नहाने वालों की संख्या में वृद्धि हो जाती हैं तथा प्रशासन मूकदर्शक बन जाता हैं। सिर खड्ड में 50 से ज्यादा पेयजल व सिंचाई योजनाएं भी संचालित हैं। ऐसे में पानी के दूषित होने से यहां पर जलजनित बीमारियों के होने का भी खतरा बना रहता है।
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एसडीएम घुमारवीं शशिपाल शर्मा का कहना है कि प्रशासन ने सूचना पट के माध्यम से लोगों को सिर खड्ड में जाने व नहाने से मना कर रखा है, फिर भी खड्ड में बच्चे नहाते हैं तो पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वह निगरानी रखें तथा खड्ड में जाने वालों को रोके।
घुमारवीं के सिर खड्ड किनारे पांच से नौ अप्रैल तक ग्रीष्मोत्सव मेला मनाया जाता है। मेले में व्यापारी दूसरे राज्यों से आकर अपनी दुकानदारी करते हैं। दुकानदारों के साथ उनके परिजन व उनके बच्चे भी आते हैं, जो अकसर सिर खड्ड में नहाते हैं। ऐसे में इन बच्चों की लापरवाही इन पर भारी पड़ सकती है लेकिन उसके बावजूद भी यह यहां पर नहाने से गुरेज नहीं करते।
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घुमारवीं क्षेत्र में पानी में डूबने से पहले भी कई मौतें हो चुकी हैं और बाद में प्रशासन भी हाथ पे हाथ धरा रह जाता है।
प्रशासन अगर कुछ मुस्तैदी दिखाए और सिर खड्ड में नहा रहे बच्चों को नहाने से रोके तो बाद में सिर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी। यह बच्चे जो सिर खड्ड में नहा रहे हैं वह मेला स्थल के साथ में है और एसडीएम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर है। प्रशासन बरसात के दिनों में सूचना पट लगाकर लोगों को सिर खड्ड में जाने से रोकता भी है, पर आजकल जो बच्चे सिर खड्ड में नहा रहे हैं उनको देखकर अनजान बना हुआ है। मेले के शुरू होने के पश्चात खड्ड में नहाने वालों की संख्या में वृद्धि हो जाती हैं तथा प्रशासन मूकदर्शक बन जाता हैं। सिर खड्ड में 50 से ज्यादा पेयजल व सिंचाई योजनाएं भी संचालित हैं। ऐसे में पानी के दूषित होने से यहां पर जलजनित बीमारियों के होने का भी खतरा बना रहता है।
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एसडीएम घुमारवीं शशिपाल शर्मा का कहना है कि प्रशासन ने सूचना पट के माध्यम से लोगों को सिर खड्ड में जाने व नहाने से मना कर रखा है, फिर भी खड्ड में बच्चे नहाते हैं तो पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वह निगरानी रखें तथा खड्ड में जाने वालों को रोके।