Bilaspur News: 10वीं की मेरिट सूची में बिलासपुर के 12 विद्यार्थियों ने बनाई जगह
रिद्धिमा शर्मा ने 99.29 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पाया दूसरा स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी परीक्षा परिणाम में 10वीं कक्षा की मेरिट सूची में बिलासपुर के 12 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। इनमें 10 लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं। मेरिट में आने वाले 11 बच्चे निजी स्कूलों के हैं और एक लड़की राजकीय स्कूल की है।
बोर्ड की ओर से जारी की गई सूची में राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की रिद्धिमा शर्मा ने 99.29 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मिनर्वा स्कूल घुमारवीं की पर्णिका शर्मा ने 99.14 प्रतिशत अंक लेकर कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। मिनर्वा स्कूल घुमारवीं नित्या प्रत्यक्षा राजे ने 98.71 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश सूची में छठा स्थान हासिल किया है। स्वामी विवेकानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल कंदरौर की शगुन शर्मा ने 98.57 प्रतिशत अंक लेकर कर सातवां स्थान प्राप्त किया है। नवचेतना पब्लिक स्कूल लेहड़ी सरेल की अंशिका शर्मा ने 98.43 प्रतिशत अंक लेकर आठवां और स्वामी विवेकानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल कंदरौर के सिद्धार्थ, राजकीय उच्च पाठशाला सिल्ह की हर्षिता, मिनर्वा स्कूल रुद्रांश व्यास और स्वामी विवेकानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल कंदरौर की सना ने 98.29 प्रतिशत अंक लेकर 9वां स्थान हासिल किया है। राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा, विवेकानंद मॉडल हाई स्कूल गेहड़वीं की मानसी और अल्फा पब्लिक स्कूल बरठीं की इशिता चंदेल ने 98.14 प्रतिशत अंक लेकर 10वां स्थान हासिल किया है।
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आईएएस बनकर देश की सेवा करेगी रिद्धिमा
बोर्ड की मेरिट सूची में 99.29 प्रतिशत अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल करने वाली राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की रिद्धिमा शर्मा ने सफलता का श्रेय अभिभावकों और अध्यापकों को दिया है। बताया कि स्कूल के बाद पांच से छह घंटे पढ़ाई की है। जब किसी विषय में परेशानी होती, तो अध्यापकों का पूरा सहयोग मिला। लक्ष्य आईएएस बनकर देश की सेवा करने का हैं। पिता नरेश कुमार एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। माता अनीता कुमारी गृहणी हैं।
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प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती हैं पर्णिका
बोर्ड की मेरिट सूची में 99.14 प्रतिशत अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल करने वाली मिनर्वा स्कूल घुमारवीं की पर्णिका शर्मा ने सफलता का श्रेय माता-पिता और अध्यापकों को दिया है। बताया कि स्कूल के बाद चार से पांच घंटे पढ़ाई की है। जब भी किसी विषय में कठिनाई होती, तो शिक्षक और माता-पिता पूरा सहयोग करते थे। पढ़ाई के प्रति समर्पण और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी रहे हैं। लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करने का है, जिसकी तैयारी शुरु कर दी है। प्रशासनिक सेवा के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सीधे संपर्क में आकर हल किया जा सकता है। पिता अजय कुमार रसायन के प्रवक्ता हैं। माता कुसुमलता टीजीटी साइंस है।
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डॉक्टर बनना चाहती है नित्या
बोर्ड की मेरिट सूची में छठा स्थान हासिल करने वाली मिनर्वा स्कूल घुमारवीं की नित्या प्रत्यक्षा राजे ने सफलता का श्रेय माता-पिता और अध्यापकों को दिया है। बताया कि स्कूल के बाद पांच से छह घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है। पिता राजेश कुमार और माता नीतू शिक्षक हैं।
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लक्ष्य हृदय रोग विशेषज्ञ बनना शगुन शर्मा का लक्ष्य
बोर्ड की मेरिट सूची में सातवां स्थान हासिल करने वाली स्वामी विवेकानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल कंदरौर की शगुन शर्मा ने सफलता का का श्रेय माता-पिता और अध्यापकों को दिया है। बताया कि स्कूल के बाद रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य हृदय रोग विशेषज्ञ बनने का हैं। पिता रंगीला राम की केमिस्ट की दुकान हैं माता रेखा कुमारी गृहणी हैं।
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डॉक्टर बनना अंशिका शर्मा का सपना
बोर्ड की मेरिट सूची में आठवां स्थान हासिल करने वाली नव चेतना पब्लिक स्कूल लेहरी सरेल की अंशिका शर्मा ने सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। बताया कि स्कूल से घर पहुंचकर थोड़ी देर आराम करने के बाद पढ़ाई करने में लग जाती थी। देर रात तक पढ़ना और सुबह 4 बजे उठकर फिर पढ़ाई में लीन हो जाना ही कामयाबी का राज है। लक्ष्य डॉक्टर बनने का है। वर्तमान समय में मेडिकल की पढ़ाई के साथ कोचिंग भी ले रही हूं। पिता सुनील कुमार व्यवसाय करते हैं जबकि माता सुमन कुमारी गृहणी हैं।
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लक्ष्य हृदय रोग विशेषज्ञ बनना सिद्धार्थ का लक्ष्य
बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली स्वामी विवेकानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल कंदरौर के सिद्धार्थ ने सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। बताया कि स्कूल के बाद रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य ह्दय रोग विशेषज्ञ बनने का हैं। पिता सुनील शर्मा पंडित हैं। माता इंदु शर्मा गृहणी हैं।
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डॉक्टर बनकर समाज सेवा करूंगी
बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय उच्च पाठशाला सिल्ह की हर्षिता ने कामयाबी का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। बताया कि कड़ी मेहनत कर यह सफलता हासिल की है। लक्ष्य डॉक्टर बनने का है। ताकि समाज की सेवा कर सकूं। वर्तमान समय में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हूं। पिता राकेश कुमार किसान हैं। माता अनीता कुमारी गृहणी हैं।
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कार्डियोलॉजिस्ट बनना रुद्रांश का सपना
बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाले मिनर्वा स्कूल घुमारवीं के रुद्रांश व्यास ने सफलता का श्रेय अध्यापकों और माता-पिता को दिया है। बताया कि सपना कार्डियोलॉजिस्ट बनकर लोगों की सेवा करना हैं। रुद्रांश पपरोला जिला कांगड़ा के रहने वाले हैं। पिता अभिषेक व्यास पीएनबी बैंक में एजीएम के पद कार्यरत हैं। जबकि माता मधु शर्मा प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
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हृदय रोग विशेषज्ञ बनना सना का लक्ष्य
बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली स्वामी विवेकानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल कंदरौर की सना ने सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। बताया कि स्कूल के बाद रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य हृदय रोग विशेषज्ञ बनकर लोगों की सेवा करने का हैं। पिता अब्दुल मजीद आईटी प्रवक्ता हैं। माता शबीना बीबी गृहणी हैं।
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गणित की प्रोफेसर बनना कंचन शर्मा का सपना
बोर्ड की मेरिट सूची में दसवां स्थान हासिल करने वाली राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा ने सफलता का श्रेय माता-पिता और अध्यापकों को दिया है। बताया कि कड़ी मेहनत कर यह सफलता हासिल की है। लक्ष्य गणित की प्रोफेसर बनने का हैं। कंचन के पिता का देहांत हो चुका हंै। माता रेखा शर्मा बैंक में कार्यरत हैं।
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सीए बनना मानसी का लक्ष्य
बोर्ड की मेरिट सूची में दसवां स्थान हासिल करने वाली विवेकानंद मॉडल हाई स्कूल गेहड़वीं की मानसी ने सफलता का श्रेय माता-पिता और अध्यापकों को दिया है। बताया कि स्कूल के बाद चार से पांच घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य सीए बनने का हैं, जिसकी तैयारी अभी से ही शुरू कर दी है। पिता पंकज कुमार एक सरकारी कर्मचारी हैं। माता अल्पना कुमारी विवेकानंद मॉडल हाई स्कूल गेहड़वीं में अध्यापिका हैं।
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सिविल इंजीनियर बनना इशिता चंदेल का सपना
बोर्ड की मेरिट सूची में दसवां स्थान हासिल करने वाली अल्फा पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरठीं की इशिता चंदेल ने सफलता का श्रेय माता-पिता और अध्यापकों को दिया है। माता-पिता ने हर कदम पर साथ दिया। शिक्षकों ने निरंतर प्रेरित और मार्गदर्शन किया। उनकी मेहनत और समर्थन के बिना इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। बताया कि स्कूल के बाद रात भर पढ़ाई करती थी। लक्ष्य सिविल इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना हैं। पिता बलवीर चंदेल सिविल इंजीनियर मैनेजर जिओ जिला कांगड़ा में कार्यरत हैं। माता सपना देवी गृहणी है।

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद

राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की कंचन शर्मा रैंक दसवां। संवाद