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डेंगू के डर से बंद करने पड़ा था कॉलेज और साई हॉस्टल
Updated Sun, 19 Aug 2018 07:48 PM IST
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डेंगू के डर से बंद करने पड़ा था कॉलेज और साई हॉस्टल
डियारा सेक्टर में भी कई लोग कर चुके हैं रिश्तेदारों के यहां पलायन
कई जगहों पर एक ही घर से दो-दो सदस्य डेंगू की चपेट में आए
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिलासपुर में डेंगू के डर से साई हॉस्टल भी सात दिनों के लिए बंद करना पड़ गया था। यहां के छह नेशनल खिलाड़ियों को डेंगू हो गया था। इसमें से एक शिमला भी भर्ती हुआ था। जबकि यहां पर कोचिंग देने वाले बॉक्सिंग कोच को भी डेंगू हुआ था। इसके अलावा डेंगू के प्रकोप के चलते बिलासपुर कॉलेज में भी आधे दिन की छुट्टी करनी पड़ी थी।
बिलासपुर कॉलेज में बच्चों सहित तीन स्टाफ के सदस्यों को डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मच गया था। इसके बाद पूरे बिलासपुर कॉलेज परिसर में फोगिंग करवानी पड़ी थी। बच्चों को आधे दिन के बाद भी घर भेज दिया गया था लेकिन इसके बावजूद भी डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है।
इस समय बिलासपुर शहर के सभी वार्ड डेंगू की चपेट में हैं। एक ही घर से दो-दो सदस्यों को डेंगू ने अपनी चपेट में ले रखा है लेकिन उसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन डेंगू पर लगाम लगा पाने में नाकाम साबित हुआ है। इसके अलावा जिला के मार्कंडेय में भी डेंगू पूरी तरह से अपना कुनबा तैयार कर चुका है। यहां से भी रोजाना पांच से दस मामले डेंगू के पहुंच रहे हैं। फोगिंग व स्प्रे तो किया जा रहा है लेकिन डेंगू पर लगाम नहीं लग पा रही है।
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अब जब मंडी निवासी की डेंगू से मौत हो गई है तो प्रशासन के लिए यह खतरे की घंटी बज गई है। अगर अभी भी समय रहते स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन ने डेंगू पर नियंत्रण नहीं पाया तो आने वाले समय में डेंगू के मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। जबकि पुडूचेरी से आई टीम ने भी कहा था कि उनके यहां तीन लोगों की मौत डेंगू से हुई थी। इसके बाद लोग जागरूक हुए व डेंगू को पनपने से रोका।
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...खेमराज शर्मा।
डियारा सेक्टर में भी कई लोग कर चुके हैं रिश्तेदारों के यहां पलायन
कई जगहों पर एक ही घर से दो-दो सदस्य डेंगू की चपेट में आए
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिलासपुर में डेंगू के डर से साई हॉस्टल भी सात दिनों के लिए बंद करना पड़ गया था। यहां के छह नेशनल खिलाड़ियों को डेंगू हो गया था। इसमें से एक शिमला भी भर्ती हुआ था। जबकि यहां पर कोचिंग देने वाले बॉक्सिंग कोच को भी डेंगू हुआ था। इसके अलावा डेंगू के प्रकोप के चलते बिलासपुर कॉलेज में भी आधे दिन की छुट्टी करनी पड़ी थी।
बिलासपुर कॉलेज में बच्चों सहित तीन स्टाफ के सदस्यों को डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मच गया था। इसके बाद पूरे बिलासपुर कॉलेज परिसर में फोगिंग करवानी पड़ी थी। बच्चों को आधे दिन के बाद भी घर भेज दिया गया था लेकिन इसके बावजूद भी डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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इस समय बिलासपुर शहर के सभी वार्ड डेंगू की चपेट में हैं। एक ही घर से दो-दो सदस्यों को डेंगू ने अपनी चपेट में ले रखा है लेकिन उसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन डेंगू पर लगाम लगा पाने में नाकाम साबित हुआ है। इसके अलावा जिला के मार्कंडेय में भी डेंगू पूरी तरह से अपना कुनबा तैयार कर चुका है। यहां से भी रोजाना पांच से दस मामले डेंगू के पहुंच रहे हैं। फोगिंग व स्प्रे तो किया जा रहा है लेकिन डेंगू पर लगाम नहीं लग पा रही है।
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अब जब मंडी निवासी की डेंगू से मौत हो गई है तो प्रशासन के लिए यह खतरे की घंटी बज गई है। अगर अभी भी समय रहते स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन ने डेंगू पर नियंत्रण नहीं पाया तो आने वाले समय में डेंगू के मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। जबकि पुडूचेरी से आई टीम ने भी कहा था कि उनके यहां तीन लोगों की मौत डेंगू से हुई थी। इसके बाद लोग जागरूक हुए व डेंगू को पनपने से रोका।
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...खेमराज शर्मा।