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बैहना ब्राह्मणा से बाला पुल न होने से विस्थापित परेशान

Mon, 06 Nov 2017 12:00 AM IST
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:00 AM IST
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बैहना ब्राह्मणा से बाला पुल न होने से विस्थापित परेशान
झंडूता (बिलासपुर)। भाखड़ा बांध बनने के बाद झंडूता विस क्षेत्र की एक दर्जन से ज्यादा पंचायतें आज भी एसडीएम कार्यालय से कट जाती हैं। बैहना ब्राह्मणा से बाला पुल के न बनने से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सालों से यह मुद्दा राजनेताओं के आसपास घूमता रहा, लेकिन आजतक पुल के निर्माण के लिए किसी ने कोई भी कदम नहीं उठाया। हर बार राजनेता जनता के सामने इस मुद्दे को लेकर भी गए और वोट हासिल किए, लेकिन आजतक पुल नहीं बन पाया। हर बार आश्वासनों के सिवाय उन्हें कुछ नहीं मिला।
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झंडूता विस क्षेत्र के प्रत्याशी इन पंचायतों के यहां वोट मांगने जा रहे हैं, तो वहां के लोग पुल के बारे में उनसे पूछ रहे हैं। इन पंचायतों के लोगों के लिए पुल का न होना समस्या बना हुआ है। लोगों को दस से 15 किलोमीटर तक का सफर तय कर उपमंडल कार्यालय झंडूता पहुंचना पड़ता है। ज्यादातर पंचायतें भाखड़ा विस्थापित हैं। इसके अलावा बरसात के समय जलस्तर बढ़ने से स्कूली बच्चों सहित सरकारी कर्मचारियों को खासा परेशान होना पड़ता है।
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क्षेत्र में अधिकतर आबादी भाखड़ा विस्थापितों की है। ऐसे में अगर पुल का निर्माण किया जाता है तो सालों से दर्द झेल रहे विस्थापितों के दर्द पर मरहम पट्टी लग जाएगी। लोग बैहना ब्राह्मणा से बाला के लिए पुल बनाने की कई बार मांग कर चुके हैं। लेकिन किसी भी सरकार ने आज दिन तक लोगों की दर्द की कहानी नहीं सुनी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यहां पर पुल का निर्माण किया जाए तो करीब एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों की हजारों आबादी लाभान्वित होगी। इस स्थान पर दोनों ओर से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पक्की सड़क बनी हुई है। लेकिन पुल के न होने से लोगों को कोई खास लाभ नहीं मिल पा रहा है। पुल बनने से उपमंडल कार्यालय के अलावा तहसील कार्यालय, पुलिस थाना, विकास खंड कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तहसील कल्याण विभाग कार्यालय, बाल विकास विभाग कार्यालय की दूरी भी करीब 6 किलोमीटर कम होगी। क्षेत्र के लोगों नंद लाल, दुर्गा सिंह, विनीत कुमार, रिखी राम, प्रकाश चंद, सुभाष, धर्म सिंह, सत्यपाल वर्मा, नीतिश, राकेश, मनीष, रामपाल, अनिल, उपेंद्र, बलदेव, राकेश, कश्मीर सिंह, कुलदीप, अमर सिंह, महेंद्र सिंह, सुरेश, जगदीश, कमलेश, विपिन कुमार, लेखराम, रवि कुमार, ओंकार सिंह सहित अन्य लोगों ने पुल बनाने की मांग की है।
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पुल के न बनने से बरसात के मौसम में झील का जलस्तर बढ़ने पर लोगों को नाव या फिर करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर झंडूता मुख्यालय आना पड़ता है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। क्षेत्र में अधिकतर भाखड़ा विस्थापित हैं। पुल बनने से लोगों को काफी सुविधा होगी। ग्राम पंचायत बैहना ब्राह्मणा, गालियां, झंडूता बलघाड़, रोहल, बैरी मियां, गेहड़वीं, डाहड़, नखलेहड़ा, दाड़ी बाड़ी, डमली सहित करीब एक दर्जन ग्राम पंचायतों को पुल बनने से सुविधा होगी।


भाजपा के सत्ता में आने पर बनाया जाएगा पुल : कटवाल
झंडूता क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी जेआर कटवाल का कहना है कि प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने पर पुल का युद्धस्तर पर निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ध्यान में मामला : बीरूराम किशोर
झंडूता क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. बीरू राम किशोर का कहना है कि पुल का निर्माण कार्य होना बेहद जरूरी है। पुल का मामला मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ध्यान में है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही पुल का निर्माण किया जाएगा।
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