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घुमारवीं अस्पताल में 18 साल से रेडियोलॉजिस्ट नहीं
Updated Wed, 08 Aug 2018 08:28 PM IST
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घुमारवीं अस्पताल में 18 साल से रेडियोलॉजिस्ट नहीं
रेडियोलॉजिस्ट न होने से घुमारवीं के एक लाख लोग झेल रहे परेशानी
बंद कमरे में धूल फांक रही है लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन
हर बाद बैठक में चर्चा से आगे नहीं हो पाती कोई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं और आसपास के क्षेत्रों में हजारों लोगों को 18 साल से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि ऐसा नहीं है कि घुमारवीं अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन नहीं है। लाखों रुपये की मशीन बंद कमरे में 18 साल से धूल फांक रही है। जबकि लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों में लुट रहे हैं। हर बार रोगी कल्याण समिति की बैठक में इस मुद्दे को लेकर चर्चा कर रस्मों को अदा किया जाता है, वहीं रेडियोलॉजिस्ट न होना भी मिलीभगत का संदेह पैदा करता है।
उल्लेखनीय है कि घुमारवीं अस्पताल पर उपमंडल की 35 पंचायतों के करीब 80 हजार लोग निर्भर हैं। इसके अलावा सदर व झंडूता के कुछ भागों के लोग भी यहीं इलाज कराने आते हैं। कुल मिलाकर एक लाख से भी ज्यादा की संख्या इस अस्पताल पर निर्भर हैं।
अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने पर गर्भवती महिलाओं के लिए घुमारवीं अस्पताल की ओर से अल्ट्रासाउंड की सुविधा निजी अस्पताल में दी गई हैं, पर अन्य मरीज इस सुविधा से महरूम हैं।
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गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की जो सुविधा निजी अस्पताल में दी गई है वहां एक महीने में 152 के करीब महिलाएं अल्ट्रासाउंड करवाती हैं जिससे सरकारी खजाने में साल की लाखों रुपये की चपत लग रही है। हालांकि इस दौरान कई सरकारें आईं लेकिन समस्या का समाधान कोई नहीं कर सका।
लोगों ने इस मुद्दे को कई बार पूर्व विधायक के समक्ष भी रखा पर आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। नई सरकार से उम्मीद बंदी है कि शायद घुमारवीं में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होगी, क्योंकि स्वास्थ्य मंत्री के ससुराल भी घुमारवीं में है लेकिन सात महीने सरकार बनें हो गए पर समस्या अभी भी बनी हुई है।
इनसेट...
बैठक में की गई है चर्चा : एसडीएम
रोगी कल्याण समिति के चेयरमैन एसडीएम शशीपाल शर्मा ने कहा कि बैठक में चर्चा हुई कि सरकारी नियम व रेट के अनुसार निजी अस्पताल के डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करने में सहमत हैं, तो उनसे गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करवाया जाएगा।
इनसेट...
स्वास्थ्य मंत्री से बात करेंगे : विधायक
बीएमओ कमल किशोर ने कहा कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है तथा जो भी आदेश आएगा उसकी पालना की जाएगी। स्थानीय विधायक राजेंद्र गर्ग ने कहा कि मामला ध्यान में है तथा जल्द मुद्दे को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से बात की जाएगी।
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....जारी
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रेडियोलॉजिस्ट न होने से घुमारवीं के एक लाख लोग झेल रहे परेशानी
बंद कमरे में धूल फांक रही है लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन
हर बाद बैठक में चर्चा से आगे नहीं हो पाती कोई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं और आसपास के क्षेत्रों में हजारों लोगों को 18 साल से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि ऐसा नहीं है कि घुमारवीं अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन नहीं है। लाखों रुपये की मशीन बंद कमरे में 18 साल से धूल फांक रही है। जबकि लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों में लुट रहे हैं। हर बार रोगी कल्याण समिति की बैठक में इस मुद्दे को लेकर चर्चा कर रस्मों को अदा किया जाता है, वहीं रेडियोलॉजिस्ट न होना भी मिलीभगत का संदेह पैदा करता है।
उल्लेखनीय है कि घुमारवीं अस्पताल पर उपमंडल की 35 पंचायतों के करीब 80 हजार लोग निर्भर हैं। इसके अलावा सदर व झंडूता के कुछ भागों के लोग भी यहीं इलाज कराने आते हैं। कुल मिलाकर एक लाख से भी ज्यादा की संख्या इस अस्पताल पर निर्भर हैं।
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अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने पर गर्भवती महिलाओं के लिए घुमारवीं अस्पताल की ओर से अल्ट्रासाउंड की सुविधा निजी अस्पताल में दी गई हैं, पर अन्य मरीज इस सुविधा से महरूम हैं।
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गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की जो सुविधा निजी अस्पताल में दी गई है वहां एक महीने में 152 के करीब महिलाएं अल्ट्रासाउंड करवाती हैं जिससे सरकारी खजाने में साल की लाखों रुपये की चपत लग रही है। हालांकि इस दौरान कई सरकारें आईं लेकिन समस्या का समाधान कोई नहीं कर सका।
लोगों ने इस मुद्दे को कई बार पूर्व विधायक के समक्ष भी रखा पर आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। नई सरकार से उम्मीद बंदी है कि शायद घुमारवीं में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होगी, क्योंकि स्वास्थ्य मंत्री के ससुराल भी घुमारवीं में है लेकिन सात महीने सरकार बनें हो गए पर समस्या अभी भी बनी हुई है।
इनसेट...
बैठक में की गई है चर्चा : एसडीएम
रोगी कल्याण समिति के चेयरमैन एसडीएम शशीपाल शर्मा ने कहा कि बैठक में चर्चा हुई कि सरकारी नियम व रेट के अनुसार निजी अस्पताल के डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करने में सहमत हैं, तो उनसे गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करवाया जाएगा।
इनसेट...
स्वास्थ्य मंत्री से बात करेंगे : विधायक
बीएमओ कमल किशोर ने कहा कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है तथा जो भी आदेश आएगा उसकी पालना की जाएगी। स्थानीय विधायक राजेंद्र गर्ग ने कहा कि मामला ध्यान में है तथा जल्द मुद्दे को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से बात की जाएगी।
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