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संचालक ने बैठने पर डिपो का लाइसेंस होगा रद्द
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
जिला के सस्ते राशन के डिपुओं में अब संचालक का बैठना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई संचालक डिपो में विभाग के निरीक्षण में मौजूद नहीं मिलता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लोगों से मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह आदेश जारी किए हैं। विभाग ने साफ किया है कि लाइसेंस रद्द करने के साथ ही संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
विभाग ने इस संबंध में निदेशालय को पूरी रिपोर्ट बनाकर भेज दी है। वहीं डिपो संचालकों पर कड़ी नजर रखने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण भी किया जाएगा। जिला में सरकारी और निजी 240 डिपो हैं, जो सरकारी सस्ता राशन लोगों तक पहुंचाते है। ऐसे में यहां पर विभाग ने सामान का क्रय-विक्रय करने के लिए भी व्यक्तियों को अधिकृत किया है। मगर अकसर देखने में आता है कि अधिकृत शख्स न होकर डिपो में कोई और ही शख्स बैठकर राशन बेचता है। इससे डिपो में सामान लेने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विभाग के पास ऐसी कई शिकायतें आती हैं, जिसमें सरकारी डिपो में संचालक न बैठने और सही तरीके से सामान न दिए जाने के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में विभाग ने डिपो संचालकों को चेताया है कि जिसे विभाग ने सामान के क्रय और विक्रय के लिए अधिकृृत किया है। इसके अलावा जिन राशनकार्ड उपभोक्ताओं के डिजिटल राशनकार्ड डिपो में पड़े हैं, वह जल्द से जल्द संबंधित उपभोक्ताओं को दिए जाएं। विभाग ने साफ किया है कि मामले में कोताही बरतने वाले डिपो संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले खेम सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकारी डिपुओं में विभाग से अधिकृत व्यक्ति को बैठना होगा। अगर कोई डिपो संचालक मौके पर नहीं मिलता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
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बिलासपुर।
जिला के सस्ते राशन के डिपुओं में अब संचालक का बैठना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई संचालक डिपो में विभाग के निरीक्षण में मौजूद नहीं मिलता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लोगों से मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह आदेश जारी किए हैं। विभाग ने साफ किया है कि लाइसेंस रद्द करने के साथ ही संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
विभाग ने इस संबंध में निदेशालय को पूरी रिपोर्ट बनाकर भेज दी है। वहीं डिपो संचालकों पर कड़ी नजर रखने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण भी किया जाएगा। जिला में सरकारी और निजी 240 डिपो हैं, जो सरकारी सस्ता राशन लोगों तक पहुंचाते है। ऐसे में यहां पर विभाग ने सामान का क्रय-विक्रय करने के लिए भी व्यक्तियों को अधिकृत किया है। मगर अकसर देखने में आता है कि अधिकृत शख्स न होकर डिपो में कोई और ही शख्स बैठकर राशन बेचता है। इससे डिपो में सामान लेने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विभाग के पास ऐसी कई शिकायतें आती हैं, जिसमें सरकारी डिपो में संचालक न बैठने और सही तरीके से सामान न दिए जाने के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में विभाग ने डिपो संचालकों को चेताया है कि जिसे विभाग ने सामान के क्रय और विक्रय के लिए अधिकृृत किया है। इसके अलावा जिन राशनकार्ड उपभोक्ताओं के डिजिटल राशनकार्ड डिपो में पड़े हैं, वह जल्द से जल्द संबंधित उपभोक्ताओं को दिए जाएं। विभाग ने साफ किया है कि मामले में कोताही बरतने वाले डिपो संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले खेम सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकारी डिपुओं में विभाग से अधिकृत व्यक्ति को बैठना होगा। अगर कोई डिपो संचालक मौके पर नहीं मिलता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
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