{"_id":"5b895b6042c792464a0c9595","slug":"101535728480-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी बसों में अब वर्दी में नजर आएंगे चालक-परिचालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी बसों में अब वर्दी में नजर आएंगे चालक-परिचालक
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। बिलासपुर जिले में निजी बस चालक व परिचालक नियमित रूप से अब वर्दी में नजर आएंगे। इसके अलावा बस में सफर करने वाले यात्रियों के टिकट मांगने पर परिचालक को टिकटें भी देनी होंगी। अगर विभाग की ओर से लापरवाही बरतने वाले चालक व परिचालकों पर कार्रवाई होती है तो उसकी जिम्मेवारी चालक व परिचालक की ही होगी। यूनियन की ओर से इसमें किसी तरह की कोई मदद नहीं की जाएगी।
यह निर्णय शुक्रवार को घुमारवीं में आयोजित निजी बस ऑपरेटर यूनियन की बैठक में सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से लिया। बैठक घुमारवीं में यूनियन के जिला प्रधान राजेश पटियाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
राजेश पटियाल ने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश के बाद यूनियन की ओर से इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान उन्होंने सभी ऑपरेटरों की सहमति पर प्रस्ताव पारित किया कि निजी बसों के चालक-परिचालक वर्दी में रहेंगे। इसके अलावा परिचालक बसों में सफर करने वाले हर एक यात्री को टिकट भी देंगे। इसके साथ ही उन्होंने यात्रियों से भी आग्रह किया है कि बस में सफर करने पर किराया देने के बाद टिकट अवश्य मांगे। यदि फिर भी कोई परिचालक टिकट नहीं देता है तो विभाग चेकिंग के दौरान चालक व परिचालक के लाइसेंस जब्त कर सकता है जिसकी जिम्मेवारी चालक-परिचालक की होगी।
विज्ञापन
पटियाल ने कहा कि ऑपरेटर पहले ही डीजल की महंगाई की मार को झेल रहे हैं। दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे डीजल के दामों के कारण ऑपरेटरों को अपनी बसों को चलाना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा चालक-परिचालक की वर्दी के हो रहे चलानों से भी ऑपरेटरों को मार झेलनी पड़ रही है। बैठक में यूनियन के महासचिव राहुल चौहान, वरिष्ठ उपप्रधान विनिया आमीन, कोषाध्यक्ष तेज पाल, हुसैन अख्तर, विनय पुरी, राजेश शर्मा, सुरेंद्र सिंह, बलजीत सिंह, राजेंद्र चंदेल, सुरेश कुमार, सुरेंद्र सिंह इत्यादि मौजूद रहे।
विज्ञापन
घुमारवीं (बिलासपुर)। बिलासपुर जिले में निजी बस चालक व परिचालक नियमित रूप से अब वर्दी में नजर आएंगे। इसके अलावा बस में सफर करने वाले यात्रियों के टिकट मांगने पर परिचालक को टिकटें भी देनी होंगी। अगर विभाग की ओर से लापरवाही बरतने वाले चालक व परिचालकों पर कार्रवाई होती है तो उसकी जिम्मेवारी चालक व परिचालक की ही होगी। यूनियन की ओर से इसमें किसी तरह की कोई मदद नहीं की जाएगी।
यह निर्णय शुक्रवार को घुमारवीं में आयोजित निजी बस ऑपरेटर यूनियन की बैठक में सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से लिया। बैठक घुमारवीं में यूनियन के जिला प्रधान राजेश पटियाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
राजेश पटियाल ने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश के बाद यूनियन की ओर से इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान उन्होंने सभी ऑपरेटरों की सहमति पर प्रस्ताव पारित किया कि निजी बसों के चालक-परिचालक वर्दी में रहेंगे। इसके अलावा परिचालक बसों में सफर करने वाले हर एक यात्री को टिकट भी देंगे। इसके साथ ही उन्होंने यात्रियों से भी आग्रह किया है कि बस में सफर करने पर किराया देने के बाद टिकट अवश्य मांगे। यदि फिर भी कोई परिचालक टिकट नहीं देता है तो विभाग चेकिंग के दौरान चालक व परिचालक के लाइसेंस जब्त कर सकता है जिसकी जिम्मेवारी चालक-परिचालक की होगी।
विज्ञापन
पटियाल ने कहा कि ऑपरेटर पहले ही डीजल की महंगाई की मार को झेल रहे हैं। दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे डीजल के दामों के कारण ऑपरेटरों को अपनी बसों को चलाना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा चालक-परिचालक की वर्दी के हो रहे चलानों से भी ऑपरेटरों को मार झेलनी पड़ रही है। बैठक में यूनियन के महासचिव राहुल चौहान, वरिष्ठ उपप्रधान विनिया आमीन, कोषाध्यक्ष तेज पाल, हुसैन अख्तर, विनय पुरी, राजेश शर्मा, सुरेंद्र सिंह, बलजीत सिंह, राजेंद्र चंदेल, सुरेश कुमार, सुरेंद्र सिंह इत्यादि मौजूद रहे।