Deotsidh Temple: विवादों में घिरे बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास का पुर्नगठन, ये बनाए गए ट्रस्टी और स्पेशल इन्वाइटी
उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास का पुर्नगठन सरकार ने कर दिया है। बीते मार्च माह में न्यास को भंग किया गया था। पढ़ें पूरी खबर...
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बीते कुछ माह से अव्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश भर में चर्चा के केंद्र रहे उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास का पुर्नगठन सरकार ने कर दिया है। अब न्यास में 13 लोगों को गैर आधिकारिक सदस्य यानि न्यासी नियुक्त किया गया जबकि 19 लोग विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। बीते सात माह से बिना न्यासियों के मंदिर न्यास की गतिविधियां चल रही थी। पहले जून और फिर नवंबर माह में राशन घोटाला और बकरा नीलामी मामला सामने आने के बाद अब सरकार ने न्यास को पुर्नगठित किया है। बीते मार्च माह में न्यास को भंग किया गया था।
फरवरी माह में प्रदेश में राज्यसभा वोटिंग के दौरान कांग्रेस विधायकों के पाला बदलने और फिर भाजपा में शामिल होने के सियासी प्रकरण का असर मंदिर न्यास पर देखने को मिला था। बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल की पसंद के अधिकतर लोग न्यासी थे ऐसे में कांग्रेस सरकार ने चैत्र मास मेलों से ठीक पहले भंग कर दिया था। जिसके बाद से न्यास बिना न्यासियों के संचालित किया जा रहा था। अब कांग्रेस सरकार ने दोबारा न्यास का पुर्नगठन किया है। न्यास में अधिकतर ढटवाल क्षेत्र के लोगों को जगह मिली है। उपचुनाव में बड़सर के ढटवाल क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सुभाष चंद ढटवालिया भी न्यासी नियुक्त किए गए हैं। उनके साथ अधिकतर उनके करीबियों और मुख्यमंत्री सुक्खू तक सीधी पहुंच रखने वाले लोगों को न्यास में इस दफा जगह मिली है। ऐसे में अब मंदिर में विकास कार्यों से लेकर अन्य गतिविधियों में न्यासी अपनी भूमिका अदा कर सकेंगे।
इस वर्ष जून माह में न्यास के राशन भंडार से बिना पर्ची के राशन बेचने का मामला सामने आया था। इस मामले में न्यास के दो कर्मियों और एक दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई विभागीय कार्रवाई सामने नहीं आई है। वहीं नौ नवंबर को बकरा नीलामी पर सवाल उठने के बाद एक कनिष्ठ सहायक को निलंबित किया है। इस मामले में विभागीय जांच चल रही और प्रशासन ने विजिलेंस जांच की सिफारिश की है। बकरा नीलामी के दिन उप समिति को एक साथ अवकाश मंजूर के मामले में मंदिर अधिकारी से भी जवाब तलबी की गई है।
ये बनाए गए ट्रस्टी और स्पेशल इन्वाइटी
कांग्रेस प्रत्याशी रहे सुभाष चंद ढटवालिया, अरविंद कौर, निक्का राम, पवन कालिया, नरेश लखनपाल, विपिन ढटवालिया, सुरेंद्र कुमार सोनी, रोशनल लाल चौधरी, हरि कृष्ण शर्मा, पुरूषोत्तम शर्मा, सतीश कुमार, राकेश रत्तन और डेनी जस्वाल को नॉन ऑफिशयल मेंबर नियुक्त किया गया है जबकि महंत राजिंद्र गिरि, नितिन शर्मा, कमल पठाानियां, प्यार चंद अत्री, किशोरी लाल, शमशेर सिंह, राकेश कुमार, लेखराम, अशोक ठाकुर, यशपाल शर्मा, मुख्तियार सिंह, बलदेव चंद शर्मा, जसवंत सिंह, कुलवंत सिंह, वीरेंद्र पटियाल, पुरूषोत्तम चंद शर्मा, जसबीर सिंह, पवन कुमार शर्मा और सुरजीत सिंह को विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया है।
मंदिर न्यास के चेयरमैन एवं एसडीएम बड़सर राजेंद्र गौतम का कहना है कि न्यासियों और विशेष आमंत्रित सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई है। मंदिर में विकास सहित अन्य गतिविधियों में न्यासियों की अहम भूमिका रहती है।