फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Teachers in CBSE schools will not be appointed based on personal preference; notification withdrawn; govt info

हिमाचल: सीबीएसई स्कूलों में अपनी पसंद से नहीं लगेंगे शिक्षक, अधिसूचना वापस; सरकार ने हाईकोर्ट में दी जानकारी

Sat, 10 Oct 2026 05:45 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 10 Oct 2026 05:45 AM IST
सार

सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति उनकी पसंद के अनुसार नहीं की जाएगी। शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने यह जानकारी दी।

विज्ञापन
Teachers in CBSE schools will not be appointed based on personal preference; notification withdrawn; govt info
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति उनकी पसंद के अनुसार नहीं की जाएगी। शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार ने कोर्ट को बताया कि इसे लेकर 5 अक्तूबर को जारी अधिसूचना वापस ले ली गई है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक ऐसा कोई कदम न उठाया जाए, जिससे याचिकाकर्ताओं के हित प्रभावित हों। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी। न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, याचिकाकर्ताओं ने भी अदालत को आश्वस्त किया कि अगली सुनवाई तक वे कोर्ट की ओर से पहले पारित किसी आदेश को लागू करवाने के लिए दबाव नहीं बनाएंगे। अब 4 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई में शिक्षक काडर नियमों में किए गए बदलाव को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। इस दौरान विवाद के गुण-दोष के आधार पर बहस होगी।

विज्ञापन
Trending Videos

यह है पूरा मामला
सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती मेरिट के आधार पर किए जाने की व्यवस्था प्रस्तावित थी। शिक्षकों की योग्यता और मेरिट निर्धारित करने के उद्देश्य से सरकार ने परीक्षा भी करवाई थी। हालांकि, 5 अक्तूबर को जारी अधिसूचना के माध्यम से सरकार ने तैनाती की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए शिक्षकों से उनकी पसंद के स्कूलों के विकल्प मांगने का फैसला लिया था। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत शिक्षक अपनी प्राथमिकता के अनुसार स्कूलों का चयन कर सकते थे। इसके बाद उपलब्ध पदों और शिक्षकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए उनकी तैनाती की जानी थी। इस प्रक्रिया के बीच सरकार ने उप काडर गठन की उप योजना के पैरा-5.5 में संशोधन किया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस बदलाव को चुनौती देते हुए मामला हाईकोर्ट पहुंचा। अदालत ने सरकार से अधिसूचना के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed