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युवक की घुड़चढ़ी रोकने पर भड़का दलित समुदाय
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Thu, 09 Mar 2017 12:53 AM IST
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यमुनानगर
- फोटो : यमुनानगर
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। करनाल के सग्गा गांव में दलित समुदाय के युवक की घड़चढ़ी रोकने के विरोध में भड़के जिले के सैकड़ों दलित समुदाय के लोग बुधवार को सड़क पर आ गए। दलितों ने जगाधरी अनाजमंडी से लेकर लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। इसके बाद लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर एसडीएम भारत भूषण को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, एससी एसटी आयोग भारत सरकार और जिला उपायुक्त को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर अंकुश लगाने की मांग की।
डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा मंच, अखिल भारतीय अंबेडकर महासभा सहित विभिन्न संगठनों के सैकड़ों दलित बुधवार सुबह जगाधरी अनाजमंडी में एकत्रित हुए। यहां उन्होंने दलितों पर हो रहे अत्याचारों को जमकर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए युवा मंच के पदाधिकारी मंदीप टोपर और महासभा के पदाधिकारी सुरेंद्र ने कहा कि बीतें दिनों एससी एसटी जाति के लोगों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे है। इस कारण देश और प्रदेश में अराजकता फैल रही है। हाल ही में करनाल के विशेष समुदाय के लोगों ने एससी जाति के युवक की घुड़चढ़ी को रोक उनके साथ मारपीट की। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी गई। लेकिन, कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते पीड़ित परिवार को गांव छोड़ना पड़ा। तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। अभी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इसके अलावा बीते दिनों जिले के गांव धौडंग में दलित समुदाय की लड़की के साथ विशेष जाति के युवक ने छेड़छाड़ की। इस मामले में भी अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। गांव दड़वा में दलित सरपंच के साथ कुछ दबंगों ने मारपीट की और जातिसूचक शब्द बोले, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ न केस दर्ज किया गया और न ही गिरफ्तार किया गया। गांव हरनौल में बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर और भगवान वाल्मीकि की मूर्ति को तोड़ा गया। गांव मलिकपुर में गुरु रविदास की मूर्ति और गुरु ग्रंथ साहिब के साथ छेड़छाड़ की गई। वहां के सेवादार को भी पीटा गया। इन सब घटनाओं से एससी समाज में रोष है। इसी रोष में दलित समाज के लोग यहां एकत्रित हुए हैं। जगाधरी अनाजमंडी में करीब डेढ़ घंटे तक धरना प्रदर्शन करने के बाद दलित रोष मार्च निकालते हुए जगाधरी अनाजमंडी गेट, नेशनल हाईवे 73 से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एसडी भारत भूषण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, एससी-एसटी आयोग भारत सरकार और डीसी रोहतास सिंह खरब के नाम ज्ञापन दिया। प्रदर्शन में धर्मवीर, कर्मवीर, अनिल, कमल, रिंकू, श्रवण कुमार, मनोज, राजन, मुकेश, नरेंद्र आदि मौजूद रहे।
बॉक्स
ये रखी मांगें :
करनाल के सग्गा गांव में घुड़चढ़ी का विरोध व मारपीट करने वाले लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
धौडंग गांव में लड़की के साथ छेड़छाड़ व परिजनों के साथ मारपीट करने आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
हरनौल में बाबा साहेब अंबेडकर की खंडित की गई मूर्ति को 14 अप्रैल से पहले बदला जाए।
देश और प्रदेश में एससी, एसटी व ओबीसी जाति के लोगों पर हो रहे अत्याचारों को रोका जाएं।
कार्रवाई न हुई तो होगा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन सब मुद्दों पर जल्द से जल्द कोई सुनवाई नहीं हुई तो एससी, एसटी, ओबीसी समाज जिला व राज्य स्तर पर सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगा।
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यमुनानगर। करनाल के सग्गा गांव में दलित समुदाय के युवक की घड़चढ़ी रोकने के विरोध में भड़के जिले के सैकड़ों दलित समुदाय के लोग बुधवार को सड़क पर आ गए। दलितों ने जगाधरी अनाजमंडी से लेकर लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। इसके बाद लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर एसडीएम भारत भूषण को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, एससी एसटी आयोग भारत सरकार और जिला उपायुक्त को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर अंकुश लगाने की मांग की।
डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा मंच, अखिल भारतीय अंबेडकर महासभा सहित विभिन्न संगठनों के सैकड़ों दलित बुधवार सुबह जगाधरी अनाजमंडी में एकत्रित हुए। यहां उन्होंने दलितों पर हो रहे अत्याचारों को जमकर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए युवा मंच के पदाधिकारी मंदीप टोपर और महासभा के पदाधिकारी सुरेंद्र ने कहा कि बीतें दिनों एससी एसटी जाति के लोगों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे है। इस कारण देश और प्रदेश में अराजकता फैल रही है। हाल ही में करनाल के विशेष समुदाय के लोगों ने एससी जाति के युवक की घुड़चढ़ी को रोक उनके साथ मारपीट की। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी गई। लेकिन, कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते पीड़ित परिवार को गांव छोड़ना पड़ा। तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। अभी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इसके अलावा बीते दिनों जिले के गांव धौडंग में दलित समुदाय की लड़की के साथ विशेष जाति के युवक ने छेड़छाड़ की। इस मामले में भी अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। गांव दड़वा में दलित सरपंच के साथ कुछ दबंगों ने मारपीट की और जातिसूचक शब्द बोले, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ न केस दर्ज किया गया और न ही गिरफ्तार किया गया। गांव हरनौल में बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर और भगवान वाल्मीकि की मूर्ति को तोड़ा गया। गांव मलिकपुर में गुरु रविदास की मूर्ति और गुरु ग्रंथ साहिब के साथ छेड़छाड़ की गई। वहां के सेवादार को भी पीटा गया। इन सब घटनाओं से एससी समाज में रोष है। इसी रोष में दलित समाज के लोग यहां एकत्रित हुए हैं। जगाधरी अनाजमंडी में करीब डेढ़ घंटे तक धरना प्रदर्शन करने के बाद दलित रोष मार्च निकालते हुए जगाधरी अनाजमंडी गेट, नेशनल हाईवे 73 से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एसडी भारत भूषण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, एससी-एसटी आयोग भारत सरकार और डीसी रोहतास सिंह खरब के नाम ज्ञापन दिया। प्रदर्शन में धर्मवीर, कर्मवीर, अनिल, कमल, रिंकू, श्रवण कुमार, मनोज, राजन, मुकेश, नरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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ये रखी मांगें :
करनाल के सग्गा गांव में घुड़चढ़ी का विरोध व मारपीट करने वाले लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
धौडंग गांव में लड़की के साथ छेड़छाड़ व परिजनों के साथ मारपीट करने आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
हरनौल में बाबा साहेब अंबेडकर की खंडित की गई मूर्ति को 14 अप्रैल से पहले बदला जाए।
देश और प्रदेश में एससी, एसटी व ओबीसी जाति के लोगों पर हो रहे अत्याचारों को रोका जाएं।
कार्रवाई न हुई तो होगा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन सब मुद्दों पर जल्द से जल्द कोई सुनवाई नहीं हुई तो एससी, एसटी, ओबीसी समाज जिला व राज्य स्तर पर सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगा।
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