{"_id":"66760829eeb7ea459f0045f4","slug":"yoga-done-in-the-water-of-surajkund-lake-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-120803-2024-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: सूरजकुंड सरोवर के जल में किया योग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: सूरजकुंड सरोवर के जल में किया योग
Sat, 22 Jun 2024 04:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 22 Jun 2024 04:39 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर (यमुनानगर)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्री आदिबद्री नारायण केदारनाथ मंदिर के महंत राजेश्वर शास्त्री ने सूरजकुंड सरोवर के जल में योग क्रियाएं कर योग संदेश दिया। राजेश्वर शास्त्री ने सूरजकुंड की पवित्र जल धारा में मक्करा आसान, श्रेया आसन, पवन मुक्त आसन सहित अन्य आसन किए।
शास्त्री पिछले 20 साल से जून के माह में प्रतिवर्ष जल योग करते है। शास्त्री ने बताया की पानी में योग करने से इंद्रियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, मन की चेतना बढ़ती है, ध्यान लगाने में तपस्या करने में व अन्य कार्यों को करने में दिमाग केंद्रित करता है। शरीर व मन को शीतलता प्रदान करता है। निरोगी काया बनती है।
उन्होंने बताया कि दंडी स्वामी श्री कैलाश भूषण देव के प्रशिक्षण में बनारस में स्थित गुरुकुल सन्यास आश्रम में गंगा नदी के तट पर नियमित अभ्यास किया जाता था। इसके पश्चात वर्ष 1997 में आदि बद्री केदारनाथ मंदिर में पुजारी के पद पर नियुक्त हुए थे तब से आज तक प्रतिवर्ष जून के माह में सोम नदी की धारा में जल योग क्रियाएं करते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिलासपुर (यमुनानगर)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्री आदिबद्री नारायण केदारनाथ मंदिर के महंत राजेश्वर शास्त्री ने सूरजकुंड सरोवर के जल में योग क्रियाएं कर योग संदेश दिया। राजेश्वर शास्त्री ने सूरजकुंड की पवित्र जल धारा में मक्करा आसान, श्रेया आसन, पवन मुक्त आसन सहित अन्य आसन किए।
शास्त्री पिछले 20 साल से जून के माह में प्रतिवर्ष जल योग करते है। शास्त्री ने बताया की पानी में योग करने से इंद्रियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, मन की चेतना बढ़ती है, ध्यान लगाने में तपस्या करने में व अन्य कार्यों को करने में दिमाग केंद्रित करता है। शरीर व मन को शीतलता प्रदान करता है। निरोगी काया बनती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि दंडी स्वामी श्री कैलाश भूषण देव के प्रशिक्षण में बनारस में स्थित गुरुकुल सन्यास आश्रम में गंगा नदी के तट पर नियमित अभ्यास किया जाता था। इसके पश्चात वर्ष 1997 में आदि बद्री केदारनाथ मंदिर में पुजारी के पद पर नियुक्त हुए थे तब से आज तक प्रतिवर्ष जून के माह में सोम नदी की धारा में जल योग क्रियाएं करते रहे हैं।
विज्ञापन